Festivals: गणपति उत्सव पर 55 किलो सोना महज चढ़ावे के लिए बिक गए! नवरात्र-दिवाली के लिए क्या है तैयारी, जानें
Festive Seasons: आम चुनावों के कारण पहली छमाही में ऑटो से लेकर कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर तक में सुस्ती दिखी। सोने की बिक्री में भी धीमी वृद्धि हुई। अब निर्माताओं को दूसरी छमाही में वृद्धि दर में सुधार के साथ त्योहारी सीजन अच्छा जाने की उम्मीद है।
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अगले महीने अक्तूबर से देश भर में त्योहारों और शादी ब्याह का सीजन शुरू होने वाला है। इस मौके को भुनाने के लिए उपभोक्ता सामान बनाने वाली एफएमसीजी कंपनियों से लेकर कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियां और सोने के खुदरा कारोबारी तक तैयारियों में जुट गए हैं। त्योहारों पर टीवी, फ्रिज और दोपहिया-चारपहिया वाहन लेने के लिए ऋण उपलब्ध करवाने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी अपनी रणनीति तैयार कर चुकी हैं।
क्या पहली तिमाही की सुस्ती त्योहारों के दौरान दूर होगी?
आम चुनावों के कारण पहली छमाही में ऑटो से लेकर कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर तक में सुस्ती दिखी। सोने की बिक्री में भी धीमी वृद्धि हुई। अब निर्माताओं को दूसरी छमाही में वृद्धि दर में सुधार के साथ त्योहारी सीजन अच्छा जाने की उम्मीद है। जानकारों के अनुसार आगामी त्योहारों के दौरान बिक्री उम्मीद से अच्छी होगी, इसका अंदाजा मुंबई में चल रहे गणपति उत्सव से लगाया जा सकता है। उत्सव के दौरान अब तक 55 किलोग्राम तक सोने की बिक्री केवल गणपति पर चढ़ाने के लिए की जा चुकी है। गणपति उत्सव में मांग को देखते हुए कारोबारी नवरात्र, धनतेरस और दिवाली को लेकर भी उत्साहित हैं। सूत्रों की माने तो मुंबई के सबसे बड़े सुप्रसिद्ध लालबागचा राजा पर अभी तक 48 लाख रुपये से अधिक का चढ़ावा चुका है, जबकि अब तक गणपति उत्सव के चार दिन ही बीते हैं।
त्योहार में खपत और बिक्री बढ़ने का अनुमान
गादेरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड और ईवीपी कमल नंदी बताते हैं कि इस साल पहली तिमाही में चुनाव की वजह से सुस्त रही, लेकिन गर्मी का मौसम उद्योग के लिए अच्छा रहा, हमें उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में यह मांग जारी रहेगी। हम त्योहारों पर ग्राहकों के लिए विस्तारित वारंटी और कैशबैक से लेकर आसान किश्तों पर उत्पादों की रेंज के साथ लकी उपहार शामिल है। हम दिवाली तक अगले कुछ महीनों में ऑफर को जारी रखेंगे। इस साल त्यौहारी सीजन के दौरान खपत 40 प्रतिशत अधिक होगी।
एफएमसीजी कंपनियों ने की ये तैयारी
एफएमसीजी कंपनियों ने त्योहारों पर ग्राहकों को जोड़ने की शुरुआत कर दी है। कंपनियां मेला, हाट तथा धार्मिक स्थानों पर ग्राहकों से जुड़ने पर ध्यान दे रही हैं। डाबर इंडिया के मुख्य वित्तिय अधिकार अंकुश जैन कहते हैं कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को लेकर हमने अपने आपूर्ति को ढांचे को ठीक किया है। जिसमें हम ग्राहकों को सही समय पर सामान पहुंचा सके। क्योंकि आजकल ऑनलाइन की मांग तेज हुई है। इसलिए ग्राहकों से ऑर्डर लेकर उन तक तुंरत पहुंचने जैसे कारोबारों में काफी संभावनाएं है। इसलिए कंपनी अपनी आपूर्ति शृंखला पर ध्यान दिया है।
अच्छे मॉनसून की वजह से बढ़ेगी मांग
श्रीराम फाइनेंस के कार्यकारी उपाध्श्क्ष उमेश रेवणकर ने बताया कि देश के जिन क्षेत्रों में मॉनसून अच्छा रहा है, वहां से इस त्योहारों में मांग अच्छी आएगी। इसमें धनतेरस और दिवाली के लिए ऑटो सेक्टर के साथ आभूषण फैशन और कंज्यूमर ड्यूरेबल प्रमुख क्षेत्र होंगे। इसके लिए हम अच्छी तरह से तैयार है। हम क्षेत्रों में फोकस कर रहे हैं जहां मॉनसून अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि 40 प्रतिशत से अधिक मांग शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आएगी।
फाडा ने बैंकों-एनबीएफसी को इस बात के लिए चेताया
जानकारों का कहना है कि त्योहारी सीजन में एनबीएफसी कंपनियों के लिए ऋण वितरण में 20 से 30 प्रतिशत वृद्धि होती है। इसमें कंज्यूमर ड्यूरेबल उत्पाद, वाहन के साथ फोन, लैपटॉप शामिल हैं। हांलाकि ऑटो सेक्टर में बिना बिके वाहन यानी पीवी का अत्यधिक स्टॉक होने की वजह से फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) और सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने बैंकों और एनबीएफसी को डीलर्स को धन वितरण करते समय सर्तक रहने के लिए कहा है। उमेश रेवणकर कहते हैं हम बड़ी कंपनी होने के नाते काफी सर्तक रुख अपनाते है।
सोने पर आयात शुल्क घटने से खरीदारी बढ़ी
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार जैन बताया कि आगामी त्योहारों पर सोने की अच्छी खरीदारी की पूरी उम्मीद है। क्योंकि सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने के बाद लोग सोने की खरीदारी करने में जुट गए है। इसका बड़ा उदाहरण मुंबई में चल रहे गणेश उत्सव है, जहां मुंबईवासियों ने गणपति पर चढ़ाने के लिए 55 किलोग्राम सोना खरीदा है। इसमें बड़े हार, सोने का मोदक, सोने के चूहे सहित गणपति को सजाने के लिए हल्के गहने शामिल है। इस दौरान शहर के सभी बड़े ज्वेलर्स ग्राहकों के लिए कई तरह के ऑफर भी पेश कर रहे हैं। जैन बताते हैं कि गणेश चतुर्थी के दौरान आभूषणों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़ी है। पिछले साल गणेश चतुर्थी पर सोने के दाम 50,000 से 58,000 रुपये प्रति दस ग्राम के करीब थे। इस साल भाव 43 प्रतिशत तक चढ़ गए हैं। बावजूद इसके सोने और चांदी पर शुल्क कटौती के बाद बाजार में सकारात्मक संकेत मिल रहे है। हमें पूरी उम्मीद है कि यह बिक्री धनतेरस और दिवाली में रिकॉर्ड स्तर पर होगी।