FM: पेट्रोलियम पदार्थों पर विंडफॉल टैक्स का वित्त मंत्री ने किया बचाव, बोलीं- इंडस्ट्री से ली थी सहमति
Finance Minister: वित्त मंत्री ने सोमवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि उद्याेग जगत को भरोसे में लेने के बाद ही पेट्रोलियम उत्पादों पर विंडफॉल टैक्स लगाने का फैसला लिया है। यह अचानक लिया गया फैसला नहीं है।
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बोलते हुए पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स का बचाव किया है। कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने कहा है कि पेट्रोलियम उत्पादों और कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Tax on Crude Oil) लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। यह संबंधित उद्योग के साथ नियमित परामर्श के बाद ही वसूला जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इस फैसले को अचानक लगाया जाना कहना उचित नहीं है क्योंकि ऐसे फैसले संबंधित इंडस्ट्री के साथ विचार-विमर्श के बाद ही लिए जाते हैं। बता दें कि एक जुलाई 2022 से केंद्र सरकार ने देश में उत्पादित होने वाले पेट्रोलियम पदार्थों (पेट्रोल, डीजल, एटीएफ) पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में इजाफा करने करने घोषणा की थी। सरकार को अपने इस फैसले के कारण अलोचना का सामना करना पड़ा था।
उद्योग जगत से विचार विमर्श के बाद लगाया गया था विंडफॉल टैक्स
वित्त मंत्री ने सोमवार को एलाना कैपिटल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि उद्याेग जगत को भरोसे में लेने के बाद ही पेट्रोलियम उत्पादों पर विंडफॉल टैक्स लगाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब सरकार की ओर से उद्योग जगत को इसका प्रस्ताव दिया गया तो कहा गया था कि हर 15 दिन पर विंडफॉल टैक्स की दरों की समीक्षा की जाएगी। उसके बाद उद्योत जगत ने इसकी सहमती दी थी।
कार्यक्रम के दौरान जब वित्त मंत्री से यह पूछा गया कि क्या सरकार कर-जीडीपी अनुपात बढ़ाने की योजना बना रही है, तो उन्होंने जवाब दिया कि कर आधार का दायरा बढ़ाना एक ऐसा मुद्दा है जिसके लिए बहुत अधिक परामर्श और विश्लेषण की आवश्यकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर हम ऐसा करेंगे तो यह सुनिश्चित करेंगे कि यह उचित तरीके से और तकनीक की मदद लेकर किया जाए। कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए बहुत सारे कदम सुव्यवस्थित तरीके से उठाने होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि देश का डिजिटाइजेशन, शिक्षा और बुनियादी ढांचा जैसी चीजें सबसे महत्वपूर्ण और इस दिशा में अभी और काम किया जाना बाकी है।