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Fitch: स्थिर विकास दर, 2025 में ब्याज दरों में कटौती से कॉरपोरेट्स को मिलेगी क्रेडिट मदद, फिच रेटिंग्स का दावा

Mon, 13 Jan 2025 03:51 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 13 Jan 2025 03:51 PM IST
सार

फिच ने 'इंडिया कॉरपोरेट्स क्रेडिट ट्रेंड्स' शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 'हमें उम्मीद है कि भारत की स्थिर जीडीपी वृद्धि संभावना, बैंकिंग क्षेत्र की बेहतर वित्तीय सेहत और 2025 में संभावित ब्याज दरों में कटौती वित्त वर्ष 2026 में कॉरपोरेट्स के लिए समग्र ऋण पहुंच का फायदा मिलेगा।'

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fitch ratings says steady gdp likely rate cuts in 2025 support corporate credits
फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट - फोटो : एक्स

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने सोमवार को कहा है कि भारत की स्थिर विकास दर के चलते साल 2025 में देश के बैंकिंग सेक्टर में हालात सुधरेंगे और ब्याज दरों में कटौती हो सकती है। इस कारण से वित्तीय वर्ष 2026 में कॉरपोरेट्स को ऋण सहायता मिल सकती है। 
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फिच रेटिंग्स का दावा
भारतीय कॉरपोरेट्स ब्याज, कर, डिपरिसिएसन और परिशोधन से पहले की आय से संचालित होता है। ऐसे में वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2025 से लेकर मार्च 2026 तक) में भारतीय कॉरपोरेट्स के क्रेडिट मैट्रिक्स में सुधार की उम्मीद है। हालांकि भू-राजनीतिक कारणों से भारतीय रुपये के गिरने या निर्यात पर विपरीत असर, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के चलते नकारात्मक जोखिम का भी खतरा बना हुआ है। फिच रेटिंग्स ने 'इंडिया कॉरपोरेट्स क्रेडिट ट्रेंड्स' शीर्षक से रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 'हमें उम्मीद है कि भारत की स्थिर जीडीपी वृद्धि संभावना, बैंकिंग क्षेत्र की बेहतर वित्तीय सेहत और 2025 में संभावित ब्याज दरों में कटौती वित्त वर्ष 2026 में कॉरपोरेट्स के लिए समग्र ऋण पहुंच का फायदा मिलेगा।'
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बुनियादी ढांचे पर खर्च से इन सेक्टर्स को मिल सकता है फायदा
यह उम्मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक 2025 में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। फिच का कहना है कि, 'हमें उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 26 के दौरान भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी और बुनियादी ढांचे पर खर्च से सीमेंट, बिजली, पेट्रोलियम उत्पाद, स्टील और इंजीनियरिंग और निर्माण (ईएंडसी) कंपनियों की मांग को मजबूती मिलेगी। तेल और गैस उत्पादन और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की बिक्री में एकल अंकों में गिरावट आ सकती है। 
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अन्य सेक्टर्स में कैसा रह सकता है ट्रेंड
फिच ने आईटी कंपनियों के लिए मध्य एकल अंक की बिक्री वृद्धि की उम्मीद है।  इसकी वजह प्रमुख विदेशी बाजारों में ग्राहक का सीमित खर्च रहेगा, जो धीमी आर्थिक विकास से प्रभावित रहेंगे। ऑटो आपूर्तिकर्ताओं की बिक्री भी धीमी से मध्य एकल अंक में रह सकती है। यात्रा और पर्यटन उद्योग में सुधार जारी रहेगा। फिच ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों की राजस्व वृद्धि को टैरिफ वृद्धि से समर्थन मिलेगा। फार्मास्युटिकल क्षेत्र को भी मददगार सेक्टर ट्रेंड से मदद मिलनी जारी रहेगी।
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