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Fiscal Deficit: पहली तिमाही में राजकोषीय घाटा बढ़कर 4.51 लाख करोड़, कुल खर्च 10.5 लाख करोड़

Mon, 31 Jul 2023 07:13 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 31 Jul 2023 07:13 PM IST
सार

Fiscal Deficit: वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.9 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष में यह जीडीपी का 6.4 प्रतिशत रहा था। सीजीए के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में सरकार का शुद्ध कर राजस्व 4,33,620 करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान का 18.6 प्रतिशत है।

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Fiscal deficit touches 25.3 pc of full-year target at end-June: CGA data
भारतीय अर्थव्यवस्था - फोटो : pixabay

विस्तार

केंद्र का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर पूरे वित्त वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य का 25.3 फीसदी पहुंच गया। 2022-23 की समान तिमाही में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 21.2 फीसदी रहा था। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून अंत में राजकोषीय घाटा वास्तविक संदर्भ में 4,51,370 करोड़ रुपये रहा। सरकारी राजस्व एवं खर्च के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। इसे 2023-24 के बजट में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.9 फीसदी तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष में यह जीडीपी का 6.4 फीसदी रहा था।

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आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में सरकार का शुद्ध कर राजस्व 4,33,620 करोड़ रुपये रहा। यह बजट अनुमान का 18.6 फीसदी है। 2022-23 की समान तिमाही में शुद्ध कर संग्रह 26.1 फीसदी रहा था। अप्रैल-जून तिमाही में केंद्र का कुल खर्च बजट अनुमान का 23.3 फीसदी या 10.5 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 24 फीसदी रहा था। कुल खर्च में 7.72 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते से हुआ, जबकि 2.78 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खाते से गए। कुल राजस्व खर्च में से 2,43,705 करोड़ रुपये ब्याज चुकाने में और 87,035 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी पर खर्च हुए।
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1.98 अरब डॉलर घटा फॉरेक्स
देश का फॉरेक्स यानी विदेशी मुद्रा भंडार 21 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 1.987 अरब डॉलर घटकर 607.035 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह में यह 12.74 अरब डॉलर बढ़कर 609.022 अरब डॉलर पहुंच गया था। अक्तूबर, 2021 में विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 645 अरब डॉलर रहा था। आरबीआई के मुताबिक, 21 जुलाई वाले सप्ताह में विदेशी मुद्रा संपत्ति 2.414 अरब डॉलर घटकर 537.752 अरब डॉलर रह गई। सोने का भंडार 41.7 करोड़ डॉलर बढ़कर 45.614 अरब डॉलर पहुंच गया। आईएमएफ के पास देश का आरक्षित भंडार 2.1 करोड़ डॉलर बढ़ गया।
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बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटी, फिर भी पांच माह के शीर्ष पर
कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली उत्पादन में कमी से देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जून, 2023 में घटकर 8.2 फीसदी रह गई। इसके बावजूद उद्योगों में उत्पादन की वृद्धि दर जनवरी, 2023 के बाद पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। उस समय इन उद्योगों की वृद्धि दर 9.7 फीसदी रही थी। वाणिज्य मंत्रालय के सोमवार के आंकड़ों के मुताबिक, जून, 2022 में उद्योगों की वृद्धि दर 13.1% और मई, 2023 में 5% रही थी। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 13.9 फीसदी से घटकर 5.8 फीसदी रह गई।

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