खत्म होगा सुपर रिच टैक्स, शेयर बाजार में फिर से आएगी हरियाली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुपर रिच पर लगने वाले टैक्स को वापस लेने का एलान किया है। इससे आने वाले दिनों में शेयर बाजार में फिर से रौनक देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को प्रेसवार्ता में वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों पर बजट में लांग और शार्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के अलावा सुपर रिच सरचार्ज लगाने की घोषणा की गई थी। अब इस टैक्स को हटा लिया गया है और पांच जुलाई से पहले वाली स्थिति को बहाल कर दिया गया है।
सरकार पर पड़ेगा 1400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
सरकार के इस कदम से अर्थव्यवस्था पर 1400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। एफपीआई यह टैक्स लगने के बाद शेयर बाजार से पैसा निकालने लग गए है। इसके चलते शेयर बाजार लगातार गिरावट के साथ बंद हो रहा था। वहीं रुपया भी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा था। टैक्स हटने के बाद अब शेयर बाजार में फिर से हरियाली दिखने की उम्मीद है।
इन पर लगना था सुपर रिच टैक्स
जिन कंपनियों या व्यक्तियों की सालाना टैक्सेबल आय दो करोड़ रुपये से पांच करोड़ के बीच है, उनपर सरचार्ज को बढ़ाकर के 15 से 25 फीसदी कर दिया गया था। इसी तरह से उन्होंने पांच करोड़ रुपये से अधिक की टैक्सेबल आय पर सरचार्ज को 15 फीसदी से बढ़ाकर 37 फीसदी कर दिया था।
बढ़ा हुआ सरचार्ज भारत में ट्रस्ट या व्यक्तियों के संगठन के रूप में काम करने वाले एफपीआई पर भी लागू किया गया था। इस दायरे में 40 फीसदी एफपीआई आ रहे थे। अब सरकार द्वारा इसे वापस लेने की घोषणा से विदेशी संस्थागत निवेशक फिर से पूंजी लगा सकेंगे और बाजार में एक बार फिर से तरलता लौटने की उम्मीद है।