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यूपी के किसान राजस्थान-हरियाणा में कर सकेंगे ऑनलाइन कारोबार
Fri, 11 Jan 2019 05:44 PM IST
paliwal पालीवाल
कमल शर्मा, मुरादाबाद
कमल शर्मा, मुरादाबाद
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Fri, 11 Jan 2019 05:44 PM IST
सार
- ईनाम के तहत फलों एवं सब्जियों के ऑनलाइन कारोबार को लेकर बनी सहमति
- 2019 के फरवरी से यूपी के व्यापारी कर सकेंगे ऑनलाइन कारोबार
- कारोबार के लिए व्यापारियों को बनवाने होंगे लाइसेंस
- किसानों को उनकी उपज का अधिक-से-अधिक मूल्य दिलाने के लिए हुआ फैसला
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विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ईनाम) के तहत उत्तर प्रदेश का राजस्थान और हरियाणा के बीच ऑनलाइन फल-सब्जी खरीदने एवं बेचने को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। फरवरी, 2019 से यूपी के व्यापारी इन दोनों राज्यों में अपना कारोबार कर सकेंगे। जनवरी के पहले सप्ताह से यूपी के मुरादाबाद और उत्तराखंड के रुद्रपुर एवं काशीपुर के बीच सब्जियों की ऑनलाइन कारोबार की शुरुआत हो चुकी है।
दरअसल, छह और सात जनवरी को किसानों को उनकी उपज का अधिक-से-अधिक मूल्य दिलाने के उद्देश्य से जोधपुर में राजस्थान, हरियाणा और यूपी के मंडी निदेशकों की बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया कि एक-दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले व्यापारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया से लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
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इसके बाद संबंधित राज्य के मंडी अधिकारियों को लाइसेंस जारी करने के लिए भेज दिया जाएगा। लाइसेंस मिलने के बाद वे कारोबार शुरू कर पाएंगे। ईनाम के तहत वे फलों-सब्जियों के ऑनलाइन तरीके से भाव तय करने के साथ भुगतान भी कर सकेंगे।
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दरअसल, छह और सात जनवरी को किसानों को उनकी उपज का अधिक-से-अधिक मूल्य दिलाने के उद्देश्य से जोधपुर में राजस्थान, हरियाणा और यूपी के मंडी निदेशकों की बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया कि एक-दूसरे राज्यों में कारोबार करने वाले व्यापारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया से लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
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ऐसे मिलेगा लाइसेंस
ईनाम के तहत फलों एवं सब्जियों का कारोबार करने के लिए एक-दूसरे राज्य के व्यापारियों के अंतराज्यीय लाइसेंस बनेंगे। इसके लिए व्यापारियों को अपने-अपने राज्यों के प्रदेश स्तरीय मंडी समिति के अधिकारियों के जरिए आवेदन करेंगे।
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इसके बाद संबंधित राज्य के मंडी अधिकारियों को लाइसेंस जारी करने के लिए भेज दिया जाएगा। लाइसेंस मिलने के बाद वे कारोबार शुरू कर पाएंगे। ईनाम के तहत वे फलों-सब्जियों के ऑनलाइन तरीके से भाव तय करने के साथ भुगतान भी कर सकेंगे।
ऑनलाइन होगा मांग-आपूर्ति का ब्योरा
जानकारी के मुताबिक, एक-दूसरे राज्यों के बीच जिन फलो-सब्जियों का कारोबार होता है, उनकी मांग और आपूर्ति का ब्योरा ईनाम पोर्टल पर डाल दिया जाएगा। इसके अपने जरूरत के हिसाब से व्यापारी खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। फिलहाल एक-दूसरे राज्यों के व्यापारी प्राथमिक तौर पर नजदीकी जिलों से कारोबार करने के इच्छुक हैं। इसके बाद यह सिलसिला दूर-दराज के जिलों में बढ़ता जाएगा।नजदीकी जिलों में कारोबार को प्राथमिकता
राजस्थान के भरतपुर एवं डींग के व्यापारी यूपी के मथुरा, अलीगढ़, हाथरस और आगरा में काबोरार करने के इच्छुक हैं। इसी तरह हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद एवं गुड़गांव आदि के व्यापारी यूपी के अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बुलंदशहर एवं मेरठ में कारोबार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहले फेज में फरवरी से इन्हीं जिलों के बीच फलों-सब्जियों का कारोबार करने के लिए जोधपुर में हुई बैठक में सहमति बनी थी।फरवरी, 2019 से यूपी के व्यापारियों की राजस्थान और हरियाणा से व्यापार करने को लेकर सहमति बन गई है। इच्छुक व्यापारियों से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन मांगे गए हैं। दूसरे राज्यों में ऑनलाइन कारोबार की पहल व्यापारियों के अनुरोध पर की जा रही है। -राजाराम पांडे, निदेशक, मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश
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