बजट 2019: किसान क्रेडिट कार्ड पर मिल सकता है ब्याज मुक्त लोन, बजट में हो सकती है घोषणा
केंद्र सरकार किसानों को हर साल छह हजार रुपये और पेंशन के बाद अब क्रेडिट कार्ड पर ब्याज मुक्त लोन दे सकती है। इसकी घोषणा पांच जुलाई को पेश होने वाले बजट में की जा सकती है। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने 12 सूत्री कार्यक्रमों का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह हैं वो 12 सूत्री कार्यक्रम
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सरकार का मकसद 2022 तक किसानों की आमदनी डबल करने का है। इसके लिए फसल पैदा होने के बाद उसका संग्रह करना, ट्रांसपोर्ट करना, भंडारण, मंडी में बेचना, गांवों में विपणन के लिए इंफ्रास्टक्चर और सिंचाई के संसाधनों को उन्नत करना शामिल है। हालांकि इनमें से कुछ कार्यक्रम लंबे समय में पूरे हो पाएंगे।
कृषि मंत्रालय के 100 दिन एजेंडा में शामिल
इनमें से ज्यादातर मांगे कृषि मंत्रालय के 100 दिन के एजेंडे में शामिल हैं। इसलिए किसानों को उम्मीद है कि बीजेपी अपनी सरकार से संकल्प पत्र का वो वादा भी पूरा करवाएगी जिसमें उसने एक लाख रुपये का ब्याजमुक्त कर्ज देने को कहा था। अभी किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये खेती के लिए तीन लाख रुपये तक का कर्ज समय पर लौटाने पर चार फीसदी ब्याज पर मिलता है।
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कर्ज के मामले में एनएसएसओ का यह है आंकड़ा
देश के हर किसान पर औसतन 47 हजार रुपये का कर्ज है, जबकि हर किसान पर है औसतन 12130 रुपये का कर्ज साहूकारों का है। एनएसएसओ के मुताबिक साहूकारों से सबसे ज्यादा 61032 रुपये प्रति किसान औसत कर्ज आंध्र प्रदेश में है। केंद्र सरकार किसानों को कर्ज के इस दुष्चक्र से मुक्त करना चाहती है ताकि उनका जीवन सुधर सके। दूसरे नंबर पर 56362 रुपये औसत के साथ तेलंगाना है और तीसरे नंबर पर 30921 रुपये के साथ राजस्थान है।