{"_id":"5d2b13e58ebc3e6cff02cca8","slug":"export-of-defense-products-to-cross-rs-35000-crore","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षा उत्पादों का निर्यात 35,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को करेगा पार","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
रक्षा उत्पादों का निर्यात 35,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को करेगा पार
Sun, 14 Jul 2019 05:07 PM IST
गौरव द्विवेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 14 Jul 2019 05:07 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल के वर्षों में निर्यात में जारी वृद्धि को देखते हुए 2024-25 तक रक्षा उत्पादों का निर्यात 35,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर लेने का अनुमान है। रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव अजय कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से यह बात कही। कुमार ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि 2024-25 तक निर्यात 35,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर जाएगा।’
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस निर्यात में रक्षा कल-पुर्जों की अहम भूमिका है। कुमार ने कहा कि यहां रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने यहां भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स पर रक्षा उत्पादन के लिए सुविधा केंद्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, ‘रक्षा निर्यात बहुत तेजी से बढ़ रहा है। यह एक बड़े पत्थर की तरह है जिसे हिलाना संभव नहीं लेकिन यदि इसने एक बार लुढ़कना शुरू कर दिया तो इसमें सिर्फ तेजी ही आ सकती है।’
विज्ञापन
पिछले वित्त वर्ष में रक्षा उत्पादों का निर्यात 10,700 करोड़ रुपये का हुआ था। चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पहले ही 5,600 करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है। इससे पहले वित्त वर्ष 2016-17 में रक्षा निर्यात 1,500 और 2017-18 में 4,500 करोड़ रुपये का हुआ था।
विज्ञापन
कुमार ने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठा रही है। खासतौर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए मौजूदा उत्पादन नीति में प्रोत्साहन दिया गया है।