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विशेषज्ञों का दावा : नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान में उछाल ने नकदी के प्रसार को रोका

Tue, 08 Nov 2022 06:46 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 08 Nov 2022 06:46 AM IST
सार

एसबीआई की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि दिवाली पर नकदी का चलन 20 साल में सबसे कम रहा। 2009 में इस दौरान 950 करोड़ की गिरावट हुई थी। तब प्रमुख वजह आर्थिक मंदी थी। एसबीआई के अर्थशास्त्रियों का दावा है, डिजिटल भुगतान बढ़ने से ऐसा हुआ।

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Experts claim: The boom in digital payments after demonetisation stopped the spread of cash
money - फोटो : iStock

विस्तार

देश में नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान में उछाल की वजह से नकदी के प्रसार में वृद्धि को धीमा कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार (समूह) सौम्य कांति घोष ने सोमवार काे यह दावा किया। उन्होंने ट्वीट किया, वित्त वर्ष 2016 में करेंसी ग्रोथ जीडीपी के 12.1 फीसदी से घटकर 11.8% हुआ। इससे पहले, एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नोटबंदी के छह साल और डिजिटल भुगतान में तेजी के बावजूद देश में आम लोगों के पास कुल नकदी 13.18 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई है। 

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विशेषज्ञों के अनुसार, नकदी का बढ़ना या नकदी के प्रसार की गति को देखकर नोटबंदी की सफलता या विफलता तय करना उचित पैमाना नहीं हो सकता। न इससे ये निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि देश में कालाधन फिर से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नकदी के प्रसार की गति पहले की तुलना में काफी कम है। साथ ही, खुदरा खरीदारी में नकदी का इस्तेमाल रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर है। इतना ही नहीं, इसमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 
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गौरतलब है कि इससे पहले एसबीआई की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि दिवाली पर नकदी का चलन 20 साल में सबसे कम रहा। 2009 में इस दौरान 950 करोड़ की गिरावट हुई थी। तब प्रमुख वजह आर्थिक मंदी थी। एसबीआई के अर्थशास्त्रियों का दावा है, डिजिटल भुगतान बढ़ने से ऐसा हुआ।

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  • 11.8% अभी करेंसी ग्रोथ रेट है 2016 में था 12.1 फीसदी
  • आम लोगों के पास कुल नकदी 13.18 लाख करोड़ रुपये बढ़ी

साल दर साल कमी
घोष के अनुसार, वित्त वर्ष 2023 में 9 फीसदी करेंसी ग्रोथ दर्ज की गई। जबकि इससे पहले 2021 में यह 16.6 फीसदी रही थी। जबकि, वित्त वर्ष 2018 में यह 37 फीसदी थी।हालांकि, इससे पहले 2017 में नकारात्मक आंकड़े दर्ज किए गए थे। तब यह -19.7 फीसदी थी। 

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