फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Expectation: first time in four years, 10 percent more recovery than budget, two factors Record jump in exports and boom in retail sales played an important role

उम्मीद : चार साल में पहली बार बजट से 10 फीसदी ज्यादा वसूली, इन दो फैक्टर ने किया काम

Wed, 27 Oct 2021 06:14 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 27 Oct 2021 06:14 AM IST
सार

जीडीपी की वृद्धि दर इस साल अप्रैल से जून के बीच 20.1% रही थी, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में इसमें 24.4% गिरावट रही थी। उधर, मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने इसी महीने भारत के परिदृश्य को नकारात्मक से स्थिर कर दिया है।

विज्ञापन
Expectation: first time in four years, 10 percent more recovery than budget, two factors Record jump in exports and boom in retail sales played an important role
रुपये (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

सरकार को चालू वित्त वर्ष में टैक्स से होने वाली कमाई बजट अनुमान से 10 फीसदी ज्यादा रहने की उम्मीद है। दो आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चार साल में पहली बार ऐसा होगा, जब कर राजस्व बजट अनुमान से ज्यादा रह सकता है। इसकी प्रमुख वजह भारतीय अर्थव्यवस्था का तेजी से महामारी पूर्व स्तर की ओर बढ़ना है।

विज्ञापन


सरकार ने 31 मार्च को खत्म होने वाले वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट में टैक्स से 15.45 लाख करोड़ की कमाई होने का अनुमान जताया था। यह 2017-18 से दिए जा रहे अनुमान से कम रहा था क्योंकि अर्थव्यवस्था महामारी से पहले ही सुस्त हो गई थी और फिर मंदी की चपेट में आ गई थी। 
विज्ञापन


लेकिन, संक्रमण के मामलों में गिरावट एवं पाबंदियों में ढील से खुदरा क्षेत्र की बिक्री में तेजी आई है। निर्यात में भी रिकॉर्ड उछाल आ रहा है। इनसे पता चलता है कि दूसरी लहर के बाद अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा तेजी से सुधार रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जीडीपी की वृद्धि दर इस साल अप्रैल से जून के बीच 20.1% रही थी, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में इसमें 24.4% गिरावट रही थी। उधर, मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने इसी महीने भारत के परिदृश्य को नकारात्मक से स्थिर कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि अर्थव्यवस्था व वित्तीय संस्थानों में कमजोरी बढ़ने की आशंका कम हो गई है। 

राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर राहत
दूसरे अधिकारी ने बताया कि सभी संकेतक अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज्यादा तेज सुधार का संकेत दे रहे हैं। सब कुछ सही रहा तो चालू वित्त वर्ष में कर वसूली बजट अनुमान से ज्यादा रहेगी। इसके अलावा, अगर सरकार निजीकरण के मौजूदा दौर में 2021-22 के लिए तय राजस्व लक्ष्य को हासिल कर लेती है तो राजकोषीय घाटा अनुमान से 0.30-0.40% कम रह सकता है। सरकार ने 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 6.8 फीसदी तय किया है।

एअर इंडिया की बिक्री से विनिवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। सरकार की विनिवेश योजना को टाटा समूह के हाथों एअर इंडिया की बिक्री से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एलआईसी के सूचीबद्ध होने से सरकार को एक लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया मार्च, 2022 तक पूरी होने की उम्मीद है।

आईएमएफ का आर्थिक वृद्धि को लेकर अनुमान बहुत कम
15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एनके सिंह ने मंगलवार को कहा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का भारत के संभावित वृद्धि दर अनुमान को संशोधित कर 6% करना ‘अत्यधिक कम अनुमान’ है। उन्होंने ऑनलाइन परिचर्चा में कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग sssअभी गरीबी से बचे हुए हैं, वे महामारी से दोबारा गरीबी में नहीं चले जाएं। 


उन्होंने कहा,  आईएमएफ ने पिछले सप्ताह हमारी मध्यम अवधि की वृद्धि की संभावना को 6.25% से घटाकर 6% किया है। मेरा मानना है कि यह ज्यादा कम आकलन है। वृद्धि की संभावना का आकलन हमेशा से समस्या रहा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 9.5% और 2022-23 में 8.5 फीसद रहने का अनुमान है। इसकी वजह आधार प्रभाव और मजबूत वैश्विक वृद्धि है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed