ईपीएफओ का दावा, 2018-19 में 67.59 लाख लोगों को मिला रोजगार
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने दावा किया है कि वित्त वर्ष 2018-19 में करीब 67.59 लाख लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है। वहीं मार्च में 8.14 लोगों को नौकरी मिली है।
फरवरी से हुई बढ़ोतरी
ईपीएफओ के पे रोल डाटा के अनुसार फरवरी में 7.88 लोगों को नौकरी मिली थी। ईपीएफओ ने कहा है कि उसके सिस्टम से जब नए लोग जुड़ते हैं, तब यह डाटा तैयार किया जाता है। हालांकि इसी साल जनवरी महीने में कुल 8.31 लाख लोगों को नौकरी मिली थी, जोकि पूरे वित्त वर्ष में सर्वाधिक था।
सात महीने में 15 लाख लोगों को नौकरी
सितंबर 2017 से लेकर मार्च 2018 तक 15.52 लाख लोगों को ईपीएफओ से जोड़ा गया था। ईपीएफओ अप्रैल 2018 से अपने पेरोल डाटा को हर महीने जारी कर रहा है। ईपीएफओ ने कहा कि सबसे ज्यादा नई नौकरियां 22-25 वर्ष की उम्र के लोगों ने पाई हैं। इसकी संख्या करीब 2.44 लाख है। इसके बाद दूसरे नंबर पर 18-21 साल के फ्रेशर हैं, जिनकी संख्या 2.24 लाख है।
हालांकि इस दौरान 55,934 लोगों की नौकरी भी चली गई, क्योंकि यह लोग ईपीएफओ के डाटा से बाहर चले गए। मार्च में ईपीएफओ ने दावा किया था कि पिछले 17 महीनों में देश के करीब 76 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
वहीं जनवरी में पिछले साल के मुकाबले 131 फीसदी इजाफा देखने को मिला है। मार्च महीने में 29023 लोगों को नौकरी छोड़नी पड़ी थी। वहीं फरवरी में करीब 5498 लोगों ने नौकरी पाई थी। मार्च वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होता है, ऐसे में लोग सबसे ज्यादा इस महीने में नौकरी छोड़ते हैं।
इस तरह से लगाया पता
ईपीएफओ ने यह आंकड़ा नए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) जारी होने के आधार पर जारी किया है। फिलहाल ईपीएफओ अंशधारकों की संख्या छह करोड़ से ज्यादा है।