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ED Action: आईडीबीआई बैंक से लोन धोखाधड़ी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ₹20.31 करोड़ की संपत्ति जब्त
Mon, 02 Jan 2023 07:08 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Mon, 02 Jan 2023 07:08 PM IST
सार
ED Action: आईडीबीआई बैंक से जुड़े लोन धोखाधड़ी जांच में यह भी पता चला है कि उधारकर्ताओं को स्वीकृत ऋण राशि का उपयोग उपरोक्त एग्रीगेटर्स की ओर से उनके नाम पर और उनके परिचित अन्य व्यक्तियों के नाम पर कई अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया था।
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आईडीबीआई बैंक
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईडीबीआई बैंक से धोखाधड़ी से लिए गए ऋण के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। एजेंसी ने आरोपी माडा सुब्रमण्यम, माडा श्रीनिवास राव, गंदुरी मल्लिकार्जुन राव और उनके परिवार के सदस्यों और फर्मों से संबंधित 20.31 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। यह मामला आईडीबीआई बैंक की गुंटूर शाखा से जुड़ा है।
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आईडीबीआई बैंक से मछली पालन के लिए धोखाधड़ी से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए इन व्यक्तियों और अन्य के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, विशाखापत्तनम और हैदराबाद की ओर से दर्ज 4 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई थी।
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जांच में पता चला कि चार एग्रीगेटर्स- माडा सुब्रह्मण्यम, माडा श्रीनिवास राव, गंदुरी मल्लिखखरजून राव और एलुरी प्रसाद राव ने आईडीबीआई बैंक के गुंटूर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक चंद्र शेखर हरीश चेन्नप्पागरी के साथ मिलकर साजिश रची। उक्त एग्रीगेटर्स ने धोखाधड़ी से 247 उधारकर्ताओं के नाम पर मछली पालन के लिए आईडीबीआई बैंक से कुल 57.10 करोड़ रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड ऋण प्राप्त किया। इनमें उनके परिवार के सदस्य, कर्मचारी और उनके परिचित शामिल थे।
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जांच में यह भी पता चला है कि उधारकर्ताओं को स्वीकृत ऋण राशि का उपयोग उपरोक्त एग्रीगेटर्स की ओर से उनके नाम पर और उनके परिचित अन्य व्यक्तियों के नाम पर कई अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया था।