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Money Laundering Case: ईडी ने धनशोधन मामले में एम3एम समूह के निदेशक को किया गिरफ्तार, पीएमएलए के तहत कार्रवाई
Sat, 10 Jun 2023 12:15 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:15 AM IST
सार
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि बंसल को गुरुवार को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें हरियाणा के पंचकुला में एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।
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प्रवर्तन निदेशालय (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम स्थित रियल्टी कंपनी एम3एम के निदेशक रूप कुमार बंसल को रियल एस्टेट फर्म आईआरईओ (IREO) से जुड़े धनशोधन (Money Laundering) के एक मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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एजेंसी ने एक बयान में कहा कि बंसल को गुरुवार को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें हरियाणा के पंचकुला में एक विशेष अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। इसमें कहा गया है कि गिरफ्तारी आईआरईओ और एम3एम समूहों के खिलाफ की जा रही जांच के संबंध में की गई।
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इसमें कहा गया है कि रूप कुमार बंसल की गिरफ्तारी जांच के लिए जरूरी हो गई थी और वह जांच से बच रहे थे और कई मौकों पर ईडी द्वारा जारी किए गए समन का जवाब नहीं दे रहे थे। जांच एजेंसी ने एक जून को एम3एम समूह और उसके निदेशकों के साथ ही एक अन्य रियल एस्टेट समूह आईआरईओ के खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम में छापे मारे थे।
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ईडी ने एक प्रेस बयान में आरोप लगाया कि एम3एम समूह के मालिक, नियंत्रक और प्रमोटर- बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, पंकज बंसल एवं अन्य प्रमुख लोग तलाशी अभियान के दौरान जांच-पड़ताल से जानबूझकर बचते रहे।
सूत्रों ने बताया कि बंसल सहित एम3एम के निदेशकों ने ईडी के मामले को रद्द करने और उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि वे किसी भी गलत काम में शामिल नहीं हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस मामले में एम3एम समूह के माध्यम से भारी मात्रा में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। बयान में कहा गया है कि एक लेन-देन में एम3एम समूह को आईआरईओ से कई फर्जी कंपनियों के जरिए करीब 400 करोड़ रुपये मिले। जांच में पाया गया कि पांच फर्जी कंपनियां एम3एम समूह द्वारा संचालित थीं।
ईडी ने आरोप लगाया कि इन शेल कंपनियों ने जमीन के विकास अधिकार तुरंत आईआरईओ को लगभग 400 करोड़ रुपये में बेच दिए और राशि प्राप्त करने के बाद पांच फर्जी कंपनियों ने इसे तुरंत कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से एम3एम समूह को स्थानांतरित कर दिया। बयान में दावा किया गया है कि सभी शेल कंपनियां एम3एम ग्रुप की हैं और इसके प्रमोटर्स बसंत बंसल और रूप कुमार बंसल और उनके परिवार के सदस्यों के निर्देशन में संचालित हैं।
ईडी को जांच के दौरान पता चला कि आईआरईओ और एम3एम ने निवेशकों और ग्राहकों से संबंधित लगभग 400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की और यह राशि एम3एम समूह के पास रही, जिसका उपयोग इसके द्वारा अन्य निवेशों और देनदारियों का भुगतान करने के लिए किया गया।
बयान में कहा गया है कि आईआरईओ समूह ने भूमि को विकसित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया और हर साल निवेश को बट्टे खाते में डालना शुरू कर दिया और रूप कुमार बंसल ने लेन-देन को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एजेंसी ने सोमवार को दो समूहों पर छापे के दौरान 60 करोड़ रुपये की फेरारी, लेम्बोर्गिनी और बेंटले सहित लग्जरी कारों के साथ-साथ 5.75 करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए। एजेंसी पिछले कुछ वर्षों से आईआरईओ समूह के खिलाफ निवेशकों और ग्राहकों के फंड को दूसरी जगह लगाने और निवेशकों से मिले पैसे के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही है।