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भारतीय अर्थव्यवस्था: एसबीआई के अर्थशास्त्रियों और मूडीज ने जताया वृद्धि दर का अनुमान
Tue, 01 Jun 2021 02:50 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Tue, 01 Jun 2021 02:50 PM IST
सार
एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी की वृद्धि दर के अपने अनुमान को घटाकर 7.9 फीसदी कर दिया है। मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने कहा कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर 9.3 फीसदी रह सकती है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था
- फोटो : pixabay
विस्तार
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अर्थशास्त्रियों ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अपने अनुमान को घटाकर 7.9 फीसदी कर दिया है। पहले उन्होंने 10.4 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। यह सभी विश्लेषकों में सबसे निचला वृद्धि दर का अनुमान है। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर वृद्धि दर के अनुमान में बड़ी कटौती की प्रमुख वजह है।
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महामारी का अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा व्यापक प्रभाव
एसबीआई इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बार महामारी का अर्थव्यवस्था पर अधिक व्यापक प्रभाव पड़ेगा। शहरी की तुलना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अधिक जुझारूपन नहीं दिख रहा है। दबी मांग से चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमान पर विशेष असर नहीं पड़ेगा।
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अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों के दाम बढ़ रहे हैं जिसका असर जीडीपी की वृद्धि दर पर पड़ेगा। कुल उपभोग व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और सेवाओं के पुनरोद्धार पर निर्भर करेगा। मोटे अनुमान के अनुसार करीब 25 करोड़ परिवारों की आजीविका इन क्षेत्रों पर निर्भर है।
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'डब्ल्यू' आकार में होगा सुधार
उन्होंने कहा कि 145.8 लाख करोड़ रुपये के साथ चालू वित्त वर्ष में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 2019-20 की तुलना में कुछ अधिक रहेगा। अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार 'डब्ल्यू' आकार में होगा। पहले अर्थव्यवस्था में 'वी' आकार के सुधार का अनुमान लगाया जा रहा था।
क्या है डब्ल्यू आकार?
डब्ल्यू आकार के सुधार से तात्पर्य है कि अर्थव्यवस्था में तीव्र गिरावट के बाद सुधार और उसके बाद फिर अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट और तेज सुधार से है। हालांकि, कोविड-19 की दूसरी लहर के बावजूद रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर के अनुमान को 10.5 फीसदी पर कायम रखा है।
मूडीज ने भी जताया अनुमान
मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को कहा कि मार्च 2022 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 9.3 फीसदी रह सकती है, जबकि अगले वित्त वर्ष 2022-23 में इसके 7.9 फीसदी रहने का अनुमान है। संक्रमण के डर से लोगों के व्यवहार में आए बदलाव के साथ ही फिर से लॉकडाउन लागू किए जाने से आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, लेकिन ये प्रभाव पहली लहर की तरह गंभीर होने की आशंका नहीं है।
मूडीज ने आगे कहा, 'अप्रैल-जून तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में गिरावट का अनुमान है, जबकि इसके बाद सुधार होगा, जिसके चलते वास्तविक, मुद्रास्फीति समायोजित जीडीपी वृद्धि दर मार्च 2022 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में 9.3 फीसदी और वित्त वर्ष 2022-23 में 7.9 फीसदी रह सकती है।'
सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 1.6 फीसदी रही है। पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की गिरावट आई है।