FD: एफडी कराते समय रिटर्न के साथ सुरक्षा का भी रखें ध्यान, सिर्फ पांच लाख रुपये तक रकम ही सुरक्षित
2021 और 2022 के दौरान आठ शहरी सहकारी बैंकों का दिवाला निकल गया था। इन बैंकों के जमाकर्ताओं के पैसों पर जोखिम उत्पन्न हो गया था। इसके बाद आरबीआई आगे आया और डिपॉजिट बीमा के तहत दावों का निपटान किया। इसके अलावा, सिलिकॉन वैली बैंक के परिप्रेक्ष्य में भी एफडी पर जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया सकता है।
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देश में आमतौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को निवेश का सबसे सुरक्षित साधन माना जाता है। इस समय कई बैंक सरकार की छोटी बचत योजनाओं के मुकाबले एफडी पर अधिक ब्याज दे रहे हैं। अधिक रिटर्न (ब्याज) के आकर्षण में हाल फिलहाल लोगों का रूझान एफडी की ओर बढ़ा है। हालांकि, बैंकों में एफडी कराना पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। खासतौर से सहकारी बैंकों में। इनमें अपना पैसा जमा करने पर कमर्शियल बैंकों (निजी और सरकारी बैंक) के मुकाबले अधिक जोखिम रहता है।
2021 और 2022 के दौरान आठ शहरी सहकारी बैंकों का दिवाला निकल गया था। इन बैंकों के जमाकर्ताओं के पैसों पर जोखिम उत्पन्न हो गया था। इसके बाद आरबीआई आगे आया और डिपॉजिट बीमा के तहत दावों का निपटान किया। इसके अलावा, सिलिकॉन वैली बैंक के परिप्रेक्ष्य में भी एफडी पर जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया सकता है। खासकर सहकारी बैंकों के संबंध में। इसलिए, ये बैंक जमाकर्ताओं को अधिक रिटर्न देने की पेशकश करते हैं।
- 08 शहरी सहकारी बैंक हुए थे 2021 और 22 में दिवालिया।
सिर्फ पांच लाख रुपये तक रकम ही सुरक्षित
कमर्शियल बैंकों के मुकाबले सहकारी बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने जमाकर्ताओं को अधिक ब्याज तो देते हैं, लेकिन वहां जमा पैसों के डूबने का खतरा भी बना रहता है। इसे देखते हुए आरबीआई ने जमाकर्ताओं की गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए 5 लाख की डिपॉजिट बीमा लिमिट तय कर दी। अगर किसी सहकारी बैंक में आपने 10 लाख रुपये जमा किए हैं और वह दिवालिया हो जाता है, तो ऐसे में डिपॉजिट बीमा के तहत आपको सिर्फ 5 लाख रुपये ही मिलेंगे।
यहां मिल रहा है सबसे अधिक ब्याज
बैंकबाजार ने 12 सरकारी, 21 निजी, 12 स्मॉल फाइनेंस, 13 विदेशी और 10 सबसे बड़े शहरी सहकारी बैंकों में एफडी पर मिल रहे रिटर्न पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके मुताबिक, सभी सरकारी बैंक मौजूदा समय में 7.35 फीसदी या उससे कम ब्याज दे रहे हैं।
- 29 बैंक 8 फीसदी या इससे ज्यादा ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।
- दो निजी बैंक अपने जमाकर्ताओं को करीब 8 फीसदी ब्याज दे रहे हैं।
- दो स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर 9 फीसदी ब्याज दे रहे हैं।
केवल उच्च रिटर्न के चक्कर में न बदलें बैंक
एफडी पर अधिक रिटर्न के चक्कर में पड़कर अपना मौजूदा बैंक बदलने से बचें, क्योंकि अधिकांश एफडी करने से पहले बैंक बचत खाता खोलने को कहते हैं। नए बैंक में कम रिटर्न वाले बचत खाते में न्यूनतम राशि रखनी पड़ेगी। इससे एफडी से जो उच्च रिटर्न आपको मिलना था, वह कम हो जाएगा। एक अन्य बैंक खाते के साथ आपको विभिन्न शुल्क देने होंगे। इसलिए, मौजूदा बैंक के साथ ही जुड़े रहना बेहतर होगा। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंकबाजार