जल्द तैयार होगी राष्ट्रीय खुदरा नीति, 6.5 करोड़ कारोबारियों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार राष्ट्रीय खुदरा नीति बनाने से पहले छोटे कारोबारियों व अन्य हितधारकों से भी सुझाव लेगी। इसके लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवद्ध विभाग (डीपीआईआईटी) जल्द ही नीति का मसौदा जारी करेगा। मामले से जुड़े एक उच्चाधिकारी ने रविवार को बताया कि इस नीति का मकसद 6.5 करोड़ खुदरा कारोबारियों को बढ़ावा देना है।
खुदरा व्यापारियों को मिलेगा लाभ
अधिकारी ने बताया कि विभाग ने मसौदे पर सभी तरह के सुझाव पहले ही ले लिए हैं और अब हम इसका ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे बहुत जल्द लोगों के परामर्श के लिए जारी कर दिया जाएगा। यह मसौदा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के 100 दिन के एक्शन प्लान में भी शामिल है और इसका सीधा लाभ देश के खुदरा व्यापारियों को मिलेगा।
ई-कॉमर्स पर भी गाइडलाइन तैयार कर रहा है विभाग
इस मसौदे पर राज्य सरकारों का दृष्टिकोण भी मायने रखता है, क्योंकि इसे लागू कराने में दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी जो राज्यों के अधीन होता है। इसके अलावा विभाग ई-कॉमर्स पर भी गाइडलाइन तैयार कर रहा है।
बढ़ेगी कारोबार सुगमता
अधिकारी का कहना है कि इस नीति का मकसद खुदरा व्यापार का सरलीकरण और कारोबार सुगमता को बढ़ावा देना है। इससे लाइसेंस राज को कम करने, पूंजी तक पहुंच बढ़ाने, सीधे बिक्री और हाइपर मार्केट से संबद्ध मुद्दों का समाधान करने में मदद मिलेगी। इसमें सबसे ज्यादा जोर खुदरा क्षेत्र की वृद्धि के तरीके खोजने, डिजिटल भुगतान को बढ़ाने और संरचनात्मक बाधाओं को कम करने पर दिया गया है।