फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   DHFL-Yes Bank case: Court denies bail to Pune businessman Avinash Bhosle

DHFL-Yes Bank Case: स्पेशल PMLA कोर्ट ने खारिज की अविनाश भोसले की जमानत याचिका, 71 करोड़ की गड़बड़ी का मामला

Tue, 25 Jul 2023 10:00 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 25 Jul 2023 10:00 PM IST
सार

DHFL-Yes Bank Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले में जून 2022 में एबीआईएल समूह के अध्यक्ष अविनाश भोसले को हिरासत में लिया था। पुणे के ऑटो चालक से कारोबारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वधावन से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

विज्ञापन
DHFL-Yes Bank case: Court denies bail to Pune businessman Avinash Bhosle
डीएचएफएल - फोटो : Amar ujala

विस्तार

विशेष पीएमएलए अदालत ने धन शोधन के एक मामले में पुणे के कारोबारी अविनाश भोसले को जमानत देने से इनकार कर दिया है। पीएमएलए कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि आरोपित ने डीएचएफएल से बिना किसी वास्तविक कारोबारी लेन-देन के धोखाधड़ी से 71 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हासिल की। अदालत ने चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार करते हुए अदालत ने कहा कि भोसले का उनकी इच्छा के अनुसार अस्पताल में काफी अच्छा इलाज चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार वह किसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित नहीं हैं। विशेष पीएमएलए न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने 20 जुलाई को भोसले की जमानत खारिज कर दी थी और मंगलवार को इसका विस्तृत आदेश उपलब्ध कराया गया।

विज्ञापन

जून 2022 में पुणे के कारोबारी को किया गया था गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले में जून 2022 में एबीआईएल समूह के अध्यक्ष अविनाश भोसले को हिरासत में लिया था। पुणे के ऑटो चालक से कारोबारी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल के कपिल वधावन से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। यस बैंक-डीएचएफएल बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई जांच के दौरान भोसले की भूमिका के बारे में एजेंसी को कई तथ्यों का पता चला था। जांच में पता चला था कि भोसने ने एक बिचौलिये के रूप में डीएचएफएल से ऋण दिलाने के लिए एक अन्य रियल एस्टेट डेवलपर से कथित तौर पर 360 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत ली थी, जो आगे चलकर गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में बदल गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed