धनतेरस : यात्री वाहनों की रिकॉर्ड बुकिंग, 1.50 लाख करोड़ पार पहुंच सकता है खुदरा कारोबार
दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस धनतेरस कोरोना पूर्व स्तर के पार पहुंच सकती है। फाडा का कहना है कि पिछले दो महीने के आंकड़े देखें तो दोपहिया वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर इकाई अंक में बढ़ोतरी रही।
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कारोबार के लिहाज से इस साल का धनतेरस खास रहने वाला है। दो साल तक कोरोना के साये में रहने के बाद इस बार लोग खुलकर त्योहार मना रहे हैं। इसका असर धनतेरस और दिवाली की खरीदारी पर भी दिख रहा है। धनतेरस के लिए जहां यात्री वाहनों की रिकॉर्ड बुकिंग हुई है, दूसरी ओर खुदरा कारोबार भी 1.50 लाख करोड़ के पार पहुंच सकता है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने बताया कि वाहन उद्योग के लिए यह धनतेरस शानदार रहने वाला है। इस धनतेरस के लिए यात्री वाहनों की रिकॉर्ड बुकिंग हो चुकी है। महिंद्रा की स्किर्पियो एन और हाल ही में लॉन्च मारुति की ग्रांड विटारा की एक लाख से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। खास बात है कि चालू वित्त वर्ष के साथ मौजूदा त्योहारी सीजन में यात्री वाहनों की बुकिंग इस दशक के उच्च स्तर पर पहुंच सकती है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि धनतेरस-दिवाली के लिए सजे बाजारों में उम्मीद से ज्यादा भीड़ दिख रही है। 26 सितंबर से शुरू होकर 5 नवंबर तक चलने वाले त्योहारी सीजन में देशभर के खुदरा बाजारों में 1.50 लाख करोड़ रुपये ज्यादा की बिक्री हो सकती है, जो कोरोना पूर्व स्तर यानी 2019 से 60,000 करोड़ अधिक है। उस दौरान खुदरा बाजारों में 90,000 करोड़ की बिक्री हुई थी। पिछले साल त्योहारी सीजन में बिक्री का आंकड़ा 1.25 लाख करोड़ रहा था।
- दो साल तक कोरोना के साये में रहने के बाद इस बार त्योहारों में खुलकर खर्च कर रहे लोग
- 1.25 लाख करोड़ की खुदरा बिक्री हुई थी बीते साल
राई का दावा : खुदरा बाजार पर ऑनलाइन का असर नहीं
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (राई) के सीईओ कुमार राजगोपालन का कहना है कि त्योहारों में खुदरा बाजारों ऑनलाइन बिक्री का कोई असर नहीं है क्योंकि ऑफलाइन दुकानदार भी अब सामानों की होम डिलीवरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों के मुकाबले इस बार लोग खुलकर खर्च करना चाहते हैं। इसलिए 2019 और 2020 के मुकाबले इस धनतेरस-दिवाली खुदरा कारोबार में 25 फीसदी तेजी की उम्मीद है।
कपड़ों की दुकानों में भारी भीड़
- इस धनतेरस लोग सोने-चांदी के अलावा होम अप्लायंसेस और कपड़ों की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। दुकानों में लोगों के हुजूम को देखते हुए उम्मीद है कि इस बार कपड़ों की बिक्री में 25 फीसदी तक की तेजी रहेगी।
- बर्तन का कारोबार फीका रहने का अनुमान है क्योंकि होम अप्लायंसेस की तरह लोग बर्तनों की खरीदारी भी पूरे साल करने लगे हैं।
चीन के सामानों का बहिष्कार कर रहे लोग
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल ऑफ लोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान का उपभोक्ताओं पर काफी असर पड़ा है। सस्ता होने के बावजूद उपभोक्ता अब चीन के सामानों की जगह भारतीय उत्पादों की मांग कर रहे हैं।
- भारतीय कारोबारियों ने इस साल धनतेरस-दिवाली से जुड़ी किसी भी वस्तु का चीन से आयात नहीं किया। भारतीयों के इस कदम से त्योहारी सीजन में चीन को 75,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- 75,000 करोड़ रुपये का चीन को हुआ है नुकसान
- वोकल ऑफ लोकल व आत्मनिर्भर भारत अभियान का असर
त्योहारों में दशक के उच्च स्तर पर पहुंच सकती है वाहनों की बुकिंग
एसयूवी का आकर्षण : इस त्योहारी सीजन यात्री वाहनों में एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) का आकर्षण बना हुआ है। पिछले छह महीने में लॉन्च यात्री वाहनों में एसयूवी की हिस्सेदारी 90% रही है। इसकी वजह कम्फर्ट और सुरक्षा है।
डिलीवरी की रफ्तार से बुकिंग
धनतेरस पर वाहनों की बिक्री 40-50 फीसदी ज्यादा रहने वाली है। खास बात है कि जितनी तेज रफ्तार से वाहनों की डिलीवरी हो रही है, उतनी ही तेजी से बुकिंग भी मिल रही है। बुकिंग में तेजी की वजह से कारों के कई मॉडल के लिए वेटिंग अवधि 3 महीने से लेकर दो साल तक पहुंच गई है। -मनीष राज सिंघानिया, अध्यक्ष फाडा
कोरोना पूर्व स्तर के पार पहुंच सकती है दोपहिया बिक्री
दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस धनतेरस कोरोना पूर्व स्तर के पार पहुंच सकती है। फाडा का कहना है कि पिछले दो महीने के आंकड़े देखें तो दोपहिया वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर इकाई अंक में बढ़ोतरी रही। त्योहारों के दौरान इसमें तेजी आई है। धनतेरस बिक्री के दम पर दोपहिया वाहनों की बिक्री कोरोना पूर्व स्तर के पार पहुंच सकती है।
सोना 372 रुपये सस्ता, चांदी 799 रुपये सस्ती
दिल्ली सराफा बाजार में शुक्रवार को सोना 372 रुपये सस्ता होकर 50,139 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वैश्विक बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट से घरेलू बाजार में सोने के दाम घट गए। चांदी भी 799 रुपये सस्ती होकर 56,089 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव रही। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 50,511 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, डॉलर के मजबूत होने के साथ कॉमेक्स (कमोडिटी बाजार) में हाजिर सोना लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट की तरफ जा रहा है। अप्रैल, 2020 के बाद से पीली धातु की कीमतें अपने सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गई है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,621.25 डॉलर प्रति औंस पर पर रहा। चांदी भी नरम रुख के साथ 18.41 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
इन क्षेत्रों में भी बंपर कारोबार की उम्मीद
राई का कहना है कि सोने-चांदी और कपड़ों के अलावा उपहार, होम फर्नीशिंग, होम अप्लायंसेस, मिट्टी के दीये, सजावट के सामान, शिल्पकारों एवं स्थानीय कलाकारों की बनाई गई सजावटी वस्तुएं, सौंदर्य प्रसाधन के क्षेत्र में भी बंपर कारोबार की उम्मीद है।
- कुमार राजगोपालन ने कहा कि इस बार मिठाइयों का कारोबार भी बेहतर रहने की उम्मीद है। कोरोना की वजह से पिछले दो साल के दौरान लोगों का डर की वजह से त्योहारों पर मिलना-जुलना कम रहा है। लेकिन, इस बार कोविड संबंधी कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए पिछले दो दिनों से मिठाइयों की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है।