डेलॉय का सर्वे : 60 फीसदी निजी बीमा कंपनियों में तेजी से बढ़े धोखाधड़ी के मामले, इस वजह से बढ़ा जोखिम
डेलॉय के सर्वे में कहा गया है कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसकी प्रमुख वजह डिजिटलीकरण में तेजी, महामारी के बाद रिमोट वर्किंग और कमजोर नियंत्रण हैं।
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डिजिटलीकरण अपनाने की प्रक्रिया में तेजी के बीच देश में ऑनलाइन धोखाखड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। देश की निजी क्षेत्र की करीब 60 फीसदी बीमा कंपनियों का मानना है कि बीमा से जुड़ी धोखाधड़ी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, 10 फीसदी ने मामूली वृद्धि का अनुभव किया है।
बृहस्पतिवार को जारी डेलॉय के सर्वे में कहा गया है कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसकी प्रमुख वजह डिजिटलीकरण में तेजी, महामारी के बाद रिमोट वर्किंग और कमजोर नियंत्रण हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक सक्रिय धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन ढांचे पर तत्काल विचार करने की जरूरत है। सर्वे प्रमुख निजी बीमा कंपनियों के अनुपालन के लिए जिम्मेदार प्रमुख अधिकारियों से बातचीत पर आधारित है।
संचालन मॉडल पर विचार करने की जरूरत
बीमा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार से ग्राहकों का अनुभव बेहतर हुआ है। लेकिन, इसने पूरे तंत्र के लिए जोखिम बढ़ा दिया है और कमजोरियों को भी उजागर किया है।
- क्षेत्र में डाटा चोरी जैसे नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। वहीं, थर्ड पार्टी से मिलीभगत और बीमा उत्पादों की गलत बिक्री जैसे पारंपरिक तरीकों से भी चपत लगाई जा रही है। डेलॉय इंडिया के संजय दत्ता ने कहा, इसे रोकने के लिए बीमा कंपनियों के संचालन मॉडल पर फिर से विचार करना होगा।
स्वास्थ्य बीमा को लेकर बढ़ी जागरूकता 85 फीसदी लोग अधिक खर्च करने के लिए तैयार
कोरोना ने लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर अधिक ध्यान देने के लिए मजबूर किया है। आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, 89 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य सलाह को स्वास्थ्य बीमा में शामिल किया जाना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।
32 फीसदी स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं
50 फीसदी उत्तरदाताओं ने ऑनलाइन फिटनेस वीडियो देखे। 69 उत्तरदाताओं ने स्वास्थ्य की जांच के लिए वियरेबल डिवाइस का उपयोग किया। हर तीन में एक उत्तरदाता ने स्वीकार किया कि वे नियमित वजन और ब्लडप्रेशर की जांच नहीं कराते हैं।
- कंपनी के सीईओ मयंक बथवाल ने कहा, लोग ऐसे रास्ते तलाश रहे हैं जो स्वस्थ जीवन शैली का समर्थन करे। चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन। इसने उनके व्यवहार को कई तरह से प्रभावित किया है।
रिटायरमेंट के लिए जीवन बीमा पसंदीदा उत्पाद
बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस ने अपने दूसरे सर्वे में कहा, महामारी के बाद परिवार के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना शीर्ष लक्ष्य के रूप में उभरा है। 71 फीसदी भारतीयों ने इसे अन्य लक्ष्यों के मुकाबले अधिक प्राथमिकता दी है। जीवन बीमा भारत के जीवन लक्ष्यों के लिए विश्वसनीय सहारा और सक्षमकर्ता बना हुआ है।
- कंपनी के एमडी तरुण चुघ ने कहा, 71 फीसदी उत्तरदाताओं ने परिवार की वित्तीय सुरक्षा को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य माना है।