{"_id":"62e338184ab1a40bfc54700d","slug":"delhi-third-and-haryana-fifth-in-getting-fdi-singapore-highest-investment-of-27-01-percent","type":"story","status":"publish","title_hn":"FDI: एफडीआई पाने में दिल्ली तीसरे और हरियाणा पांचवें स्थान पर, सिंगापुर से सबसे ज्यादा 27.01 फीसदी का निवेश","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
FDI: एफडीआई पाने में दिल्ली तीसरे और हरियाणा पांचवें स्थान पर, सिंगापुर से सबसे ज्यादा 27.01 फीसदी का निवेश
Fri, 29 Jul 2022 10:55 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 29 Jul 2022 10:55 PM IST
सार
सिंगापुर से सबसे ज्यादा 27.01 फीसदी जबकि अमेरिका से 17.94 फीसदी एफडीआई आया है। 15.98 फीसदी के साथ मॉरीशस तीसरे और 7.86 फीसदी के साथ नीदरलैंड चौथे स्थान पर है। स्विटजरलैंड पांचवें स्थान पर है।
विज्ञापन
एफडीआई।
- फोटो : pixabay
विस्तार
साल 2021-22 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पाने में दिल्ली तीसरे और हरियाणा पांचवें स्थान पर रहा है। देश में शीर्ष पांच राज्यों में पहले स्थान पर 37.55 फीसदी रकम के साथ कर्नाटक रहा है। दूसरे पर 26.26 फीसदी के साथ महाराष्ट्र और चौथे पर तमिलनाडु रहा जिसे 5.10 फीसदी रकम मिली है। दिल्ली को 13.93 फीसदी रकम और हरियाणा को 4.76 फीसदी रकम मिली है। कोरोना और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत 2021-22 में कुल 84.83 अरब डॉलर का एफडीआई हासिल किया था। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, पिछले वित्तवर्ष में देश के विनिर्माण क्षेत्र में कुल 21.34 अरब डॉलर का एफडीआई आया था। उसके पहले के साल के 12.09 अरब डॉलर की तुलना में यह 76 फीसदी ज्यादा है।
विज्ञापन
2021-22 में छह लाख करोड़ का FDI मिला
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 6,31,050 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त किया है। विनिर्माण क्षेत्रों में एफडीआई इक्विटी प्रवाह वित्त वर्ष 2021-22 में पिछले वर्ष के 89,766 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,58,332 करोड़ रुपये हो गई, जिससे इसमें 76 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) एक प्रकार का निवेश है जिसमें एक देश का निवेशक किसी अन्य अर्थव्यवस्था में एक व्यावसायिक इकाई को स्थापित करता है या महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विनिर्माण क्षेत्र में 21.34 अरब डॉलर
सिंगापुर से सबसे ज्यादा 27.01 फीसदी जबकि अमेरिका से 17.94 फीसदी एफडीआई आया है। 15.98 फीसदी के साथ मॉरीशस तीसरे और 7.86 फीसदी के साथ नीदरलैंड चौथे स्थान पर है। स्विटजरलैंड पांचवें स्थान पर है।
कर्ज की मांग बढ़ी, जमा पर मिलेगा ज्यादा ब्याज
देश में कर्ज की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह तीन साल के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। आर्थिक गतिविधियों में सुधार से आगे इसमें और तेजी की उम्मीद है। ऐसे में बैंक पैसों की जरूरत के लिए जमा पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। दरअसल, जमा पर मिल रहे कम ब्याज से बैंकों के पास पैसों की कमी हो रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस कहते हैं कि जमाकर्ता शेयर्स और म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं, जहां उन्हें ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। एनआरआई को ज्यादा ब्याज...एचडीएफसी बैंक ने हाल में जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए अप्रवासी भारतीयों यानी एनआरआई के जमा पर ब्याज बढ़ा दिया है। आने वाले समय में और भी बैंक ज्यादा ब्याज दे सकते हैं।
जमा में 9.8 फीसदी की बढ़त
देश में बैंकों के जमा की वृद्धि दर अभी 9.8 फीसदी है जो 14 महीने से 10 फीसदी से नीचे है। जबकि उधारी की वृद्धि दर एक जुलाई के पखवाड़े में 14.4 फीसदी थी। 2021 में रिकॉर्ड 5.6 फीसदी के निचले स्तर से इसमें करीब तीन गुना की बढ़त हुई है। खुदरा कर्ज जिसमें पर्सनल, हाउसिंग, ऑटो वाले कर्ज होते हैं, वे तेजी से बढ़ रहे हैं। बैंकों का फोकस भी इसी पर होता है।
रेलिगेयर के मामले में 60 करोड़ का जुर्माना
सेबी ने रेलिगेयर फिनवेस्ट के 2,473 करोड़ गबन के मामले में मालविंदर मोहन और शिविंदर मोहन सिंह सहित कुल 10 लोगों पर 60 करोड़ जुर्माना लगाया है। मामला 2014-15 से 2017-18 के बीच का है। सिंह भाईयों को शेयर बाजार में कारोबार करने पर 3 साल या गबन पैसों की रिकवरी होने तक प्रतिबंध लगा दिया गया है।