Defence: 'व्यापारिक तनाव का रक्षा सहयोग पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं', अमेरिकी टैरिफ पर बोले रक्षा सचिव
Defence: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार तनाव का कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने क्या कहा है, आइए विस्तार से जानें।
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भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार तनाव का कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को यह बात कही। रक्षा सचिव ने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बावजूद दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है।
रक्षा सचिव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "रक्षा के मामले में, आपने जिस व्यापारिक तनाव का जिक्र किया है, उसका कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ा है। मुझे लगता है कि अब ये व्यापारिक तनाव भी कम हो रहे हैं और हमने उनके साथ अपनी बातचीत फिर से शुरू कर दी है। उम्मीद है कि यह सफल होगी। उस अवधि के दौरान भी हमारा रक्षा सहयोग और बातचीत जारी है।"
दक्षिणी कमान रक्षा तकनीक संगोष्ठी (स्ट्राइड 2025) के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, रक्षा सचिव ने सहयोग के हालिया उदाहरणों के बारे में बताते भारतीय सेना की ओर से अपाचे हेलीकॉप्टरों के पहले बैच को शामिल करना और जनरल इलेक्ट्रिक से तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क 1-ए के लिए इंजन हासिल करने का जिक्र किया।
रक्षा सचिव ने बताया कि अमेरिका के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता चल रही है। रक्षा सचिव ने कहा, "हल्के लड़ाकू विमानों के लिए जनरल इलेक्ट्रिक से इंजन भी प्राप्त किए जा रहे हैं। हमारे बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता, 2+2 वार्ताएं भी हो रही हैं। ऐसी बातचीत हाल ही में हुईं हैं। आगे भी जारी रहने वाली हैं। हल्के लड़ाकू विमानों के लिए जनरल इलेक्ट्रिक से इंजन भी प्राप्त किए जा रहे हैं। इसलिए, मैं कहूंगा कि रक्षा सहयोग का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।" इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना को दो अपाचे भी दिए।"
ऑपरेशन सिंदूर भारत की तैयारियों की वास्तविकता की जांच: रक्षा सचिव
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर को एक ‘‘वास्तविकता जांच’’ बताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान उन क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया जहां भारत सुधार कर सकता है और भविष्य के युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकता है। इस ऑपरेशन के तहत सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया था।
दक्षिणी कमान द्वारा आयोजित प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र (स्ट्राइड-2025) संगोष्ठी के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल ने रक्षा और सैन्य शक्ति पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया है और भारत इसका अपवाद नहीं है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में यह बिल्कुल स्पष्ट है कि अधिकांश देश रक्षा और सैन्य शक्ति पर बहुत अधिक ध्यान दे रहे हैं। हमारे पड़ोस को देखते हुए, भारत कोई अपवाद नहीं है। ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों से उत्पन्न खतरे का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए विशिष्ट क्षमता क्षेत्रों की पहचान की गई है।