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Fuel: क्या पेट्रोल-डीजल हो सकता है सस्ता? कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के संकेत, जानें रिपोर्ट के दावे

Tue, 06 Jan 2026 09:53 AM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Tue, 06 Jan 2026 09:53 AM IST
सार

एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जून 2026 तक कच्चा तेल 50 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। इस गिरावट का मुख्य कारण भंडार में वृद्धि है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ने की उम्मीद है। 

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Could petrol and diesel become cheaper? Crude oil prices indicate a significant drop, learn about the report's
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

विस्तार

आने वाले महीने में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट के अनुसार कच्च तेल की कीमतें जून 2026 तक घटकर 50 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच सकती है। 

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एसबीआई ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते भंडार और कमजोर वैश्विक रुझानों के बीच 2026 में कच्चे तेल की कीतमों के लिए समग्र दृष्टिकोण मौजूदा स्तरों से और कमजोर हो रहा है। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि 2026 की पहली तिमाही में ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं। 
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भारतीय कच्चे तेल की कीमतों में आ सकती है नरमी

वैश्विक और घरेलू कच्चे तेल की कीमतों के बीच मजबूत संबंध को देखते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय कच्चे तेल की कीमतों में भी इसी तरह की नरमी आने की उम्मीद है, जिसका ब्रेंट क्रूड के साथ 0.98 का सहसंबंध है। इसके परिणामस्वरूप, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव से संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में भारतीय तेल भंडार में और नरमी आएगी।


मूविंग एवरेज विश्लेषण के अनुसार, मौजूदा स्तर पर भारतीय क्रूड कीमतें 50-पीरियड और 200-पीरियड दोनों मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेंड कर रही हैं। यह तकनीकी संकेत मौजूदा 62.20 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से आगे कीमतों में कमजोरी की संभावना को दर्शाता है।

तेल की कीमतों में गिरावट से मंहगाई दर पर पड़ेगा क्या असर?

रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतों में संभावित गिरावट का भारत की महंगाई दर पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। अनुमान है कि भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत घटकर 53.31 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है। इसके साथ ही, दैनिक आधार पर लागू होने वाली डायनामिक प्राइसिंग व्यवस्था के चलते यह गिरावट सीधे पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में भी दिखाई दे सकती है।



रिपोर्ट का आकलन है कि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में भारतीय क्रूड बास्केट में 14% की गिरावट आने पर, यदि 48% पास-थ्रू माना जाए, तो इसका असर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर पड़ेगा और सीपीआई बास्केट पर करीब 22 आधार अंकों का नकारात्मक दबाव बन सकता है।

इस महंगाई में नरमी के चलते वित्त वर्ष 2027 में औसत खुदार महंगाई दर 3.4% से नीचे आ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्थिति न केवल ईंधन कीमतों में राहत देगी, बल्कि समग्र महंगाई मोर्चे पर भी अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण सहारा प्रदान करेगी।


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