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Congress Manifesto: देश की सबसे पुरानी पार्टी ने GST 2.0 लाने का वादा किया, कहा- एमएसपी की कानूनी गारंटी देंगे
Fri, 05 Apr 2024 02:43 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 05 Apr 2024 02:43 PM IST
सार
Congress Manifesto: कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि कृषि क्षेत्र के इनपुट पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। कांग्रेस ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल का फिर से गठन किया जाएगा और यह पॉलिसी व जीएसटी से जुड़े अन्य सभी मामलों के लिए अंतिम अथॉरिटी होगा।
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राहुल गांधी
- फोटो : Social Media
विस्तार
कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि पार्टी कांग्रेस तेजी से विकास और धन सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। हमने अगले 10 साल में जीडीपी दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। कांग्रेस ने कहा है कि देश की जीडीपी (स्थिर कीमतों पर) 1990-91 में करीब 25 लाख करोड़ रुपये की थी। अगले 13 सालों में पहले कांग्रेस और फिर अलग-अलग गठबंधन सरकारों के कार्यकाल में जीडीपी दोगुनी होकर 2003-04 में 50 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची।
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2004 में यूपीए सरकार बनने के बाद अगले 10 वर्षों जीडीपी एक बार फिर दोगुनी होकर 100 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पर उसके बाद भाजपा और एनडीए की सरकार ने अगले 10 साल में जीडीपी को फिर से दोगुना करने अवसर गंवा दिया। कांग्रेस ने कहा कि अगर पिछले 10 वर्षों में कांग्रेस की सरकार होती तो देश की अर्थव्यवस्था एक बार फिर दोगुनी होकर 2023-24 में 200 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई होती। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुप्रबंधन के कारण ऐसा नहीं हो पाया और 2023-24 की समाप्ति पर जीडीपी महज 173 लाख करोड़ रुपये पर ही पहुंच पाई। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि हमारी पार्टी तेज विकास और धन सृजन के प्रति प्रतिबद्ध है।
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जीएसटी कानून पर कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा कि कांग्रेस एनडीए सरकार के जीएसटी कानूनों को जीएसटी 2.0 से बदलेगी। कांग्रेस ने कहा कि जीएसटी की नई व्यवस्था सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत सिद्धांत पर आधारित होगी। जीएसटी एकल, मध्यम दर (कुछ अपवादों को छोड़कर) होगी जो गरीबों पर बोझ नहीं डालेगी। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि कृषि क्षेत्र के इनपुट पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। कांग्रेस ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल का फिर से गठन किया जाएगा और यह पॉलिसी व जीएसटी से जुड़े अन्य सभी मामलों के लिए अंतिम अथॉरिटी होगा।
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कांग्रेस ने कहा है कि जीएसटी कानून से जुड़े प्रशासन को केंद्र और राज्य सरकार के बीच क्षैतिज रूप से विभाजित किया जाएगा। छोटे जीएसटी भुगतानकर्ताओं को राज्य सरकारों के अंतर्गत रखा जाएगा। जीएसटी राजस्व का एक हिस्सा पंचायत और नगरपालिकाओं को भी आवंटित किया जाएगा। दुकानदारों और छोटे खुदरा कारोबारियों को जो ऑनलाइन बिजनेस के कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं उन्हें टैक्स में राहत दी जाएगी। कांग्रेस ने अपनी घोषणापत्र में कहा है कि इन्कम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल, जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल और कस्टम्स अपीले ट्रिब्यूनल पूरी तरह से स्वायत्त संस्थाएं होंगी और इन पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा।
कांग्रेस ने अपनी घोषणापत्र में कहा है कि वह स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार हर साल सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देगी। कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर कहा है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन में केंद्र सरकार का जो योगदान 200 से 500 रुपये प्रति माह है। उसे बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह करेगी।