फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Confederation of central government employees and workers organisation demands Dearness allowance from finance minister

49 लाख केंद्रीय कर्मी और 65 लाख पेंशनर को मिलेगा डीए! वित्त मंत्री के सामने रखी सरकारी खजाने की ये सच्चाई

Tue, 12 Jan 2021 05:07 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 12 Jan 2021 05:07 PM IST
सार

कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि अब सभी सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को वर्तमान दर यानी 28 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत प्रदान की जाए...

विज्ञापन
Confederation of central government employees and workers organisation demands Dearness allowance from finance minister
वित्त मंत्रालय - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

केंद्र सरकार के 49.63 लाख कर्मचारियों और 65.26 लाख पेंशनरों को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। कर्मचारियों की एसोसिएशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने मौजूदा सरकारी खजाने की सच्चाई यानी लेखा-जोखा रख दिया है।

विज्ञापन


कोविड की स्थिति में भी सुधार हो रहा है। सितंबर 2020 में प्रतिदिन 95 हजार पॉजिटिव केस आ रहे थे, तो अब 4 जनवरी को इन केसों की संख्या 17 हजार प्रतिदिन तक कम हो गई है। औद्योगिक उत्पादन में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जीएसटी कलेक्शन की बात करें, तो मार्च 2020 में यह 97597 करोड़ रुपये था, तो दिसंबर 2020 में यह आंकड़ा 115000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि अब सभी सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को वर्तमान दर यानी 28 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत प्रदान की जाए। केंद्र सरकार इसके लिए जुलाई 2021 तक का इंतजार न करें।

देश में कोरोना संक्रमण फैलने की वजह से अप्रैल 2020 में वित्त मंत्रालय द्वारा सभी केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों को मिलने वाले महंगाई भत्ते व महंगाई राहत पर रोक लगा दी गई थी। ये भत्ते पहली जनवरी 2020 से देय थे, लेकिन इन पर 1 जुलाई 2021 तक रोक लगा दी गई। कॉन्फेडरेशन के महासचिव आरएन पाराशर ने वित्त मंत्री को भेजे अपने ज्ञापन में कहा है कि अब कोविड के मामलों में अच्छा खासा सुधार हो रहा है। वैक्सीन देने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।

मौत का आंकड़ा काफी नीचे आ गया है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था पटरी पर आ चुकी है। अप्रैल मई 2020 के मुकाबले अर्थव्यवस्था मौजूदा समय में बेहतर स्थिति की ओर अग्रसर है। कोविड के दौरान औद्योगिक उत्पादन माइनस 57 फीसदी तक चल गया था, अब बीते अक्तूबर में उसका स्तर 3.6 फीसदी ज्यादा रहा है।


पाराशर के मुताबिक, अब जीएसटी कलेक्शन में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है। गुड्स एवं सर्विस टैक्स कलेक्शन दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर को छू गया है। यह कलेक्शन इसके लागू होने से यानी जुलाई 2017 से लेकर अब तक सबसे ज्यादा है। केंद्र सरकार के कर्मियों ने कोविड के दौरान अपनी ड्यूटी को तन्मयता के साथ पूरा किया है।

कई कर्मियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, लेकिन कोई भी अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हटा। वित्त मंत्री से आग्रह है कि वे सभी कर्मियों और पेंशनरों को उनका बकाया 28 फीसदी की दर से जारी करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed