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Clean Energy: 'भारत में 2030 तक 18000 CNG स्टेशनों का नेटवर्क बनाना का लक्ष्य', पेट्रोलियम मंत्री ने किया दावा

Fri, 29 Aug 2025 05:01 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Fri, 29 Aug 2025 05:01 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के प्रयासों के बीच अगले पांच वर्षों में देश में सीएनजी स्टेशनों की संख्या मौजूदा 8,150 से दोगुनी होकर 18,000 हो जाएगी। मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में शहरी गैस वितरण नेटवर्क में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।

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CNG network is expanding in India, target to build 18000 stations by 2030
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी - फोटो : PTI

विस्तार

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देन के लिए भारत ने 2030 तक सीएनजी स्टेशनों की संख्या दोगुनी करके 18,000 करने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक सोशल मीडिया पोस्ट में पुरी ने सरकार की एक राष्ट्र, एक गैस ग्रिड योजना की उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 2014 में देश में केवल 738 सीएनजी स्टेशन थे। आज, यह संख्या बढ़कर 8,150 से ज्यादा हो गई है। यह बसों, ऑटो और कारों को किफायती और स्वच्छ ईंधन से ऊर्जा प्रदान कर रही है। 2030 तक, यह नेटवर्क 18,000 से ज्यादा स्टेशनों का हो जाएगा।

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शहरी गैस वितरण नेटर्वक का हुआ विस्तार
मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में शहरी गैस वितरण नेटवर्क में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। 2014 में जो नेटवर्क केवल 55 भौगोलिक क्षेत्रों तक सीमित था, वह आज बढ़कर 307 क्षेत्रों तक पहुंच गया है। यह लगभग पूरे देश को कवर करता है, 99 प्रतिशत आबादी और 96 प्रतिशत भू-भाग तक पहुंचता है।
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1.52 करोड़ घर पीएनजी से जुड़े हुए है
वर्तमान में 1.52 करोड़ घर पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) से जुड़े हुए हैं, जिससे रसोई सुरक्षित और स्वच्छ हो गई है। इस बदलाव के पीछे गैस पाइपलाइन नेटवर्क है, जो इस प्रणाली की रीढ़ है। वर्तमान में, पाइपलाइनें 25,429 किलोमीटर तक फैली हुई हैं, और चल रहे निर्माण कार्यों के कारण 2030 तक इसके 33,475 किलोमीटर तक विस्तारित होने की उम्मीद है। यह एकीकृत प्रणाली तटों से लेकर सुदूर कस्बों तक निर्बाध ईंधन प्रवाह सुनिश्चित करती है।


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देश हरित ईंधन की ओर बढ़ रहा
पुरी ने इस बात पर जोर दिया कि देश हरित ईंधन की ओर भी बढ़ रहा है। अब तक 113 कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र चालू हो चुके हैं, और 78 और संयंत्र पाइपलाइन में हैं। पिछले वर्ष लगभग 42,800 टन सीबीजी की खरीद की गई थी। इस वर्ष के लिए सम्मिश्रण लक्ष्य 1 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जिसे 2028 तक बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया जाएगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 तक भारत की कुल स्थापित क्षमता 476 गीगावाट तक पहुंच गई। इसमें से 240 गीगावाट थर्मल पावर से आता है, जो कुल उत्पादन का 50.52 प्रतिशत है। गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत 235.7 गीगावाट या कुल क्षमता का 49 प्रतिशत योगदान देते हैं। इसमें 226.9 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 8.8 गीगावाट परमाणु ऊर्जा शामिल है। गैस आधारित बिजली कुल क्षमता में 20 गीगावाट का योगदान देती है। पिछले ग्यारह वर्षों में, भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। COP26 प्रतिबद्धता के अनुरूप, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए कार्य कर रहा है।

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