{"_id":"69dfd51fb02f113efe0b829d","slug":"china-surpass-the-us-becomes-india-largest-trading-partner-trade-deficit-also-rises-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"China: अमेरिका को पीछे छोड़ चीन बना भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, व्यापार घाटा भी बढ़ा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
China: अमेरिका को पीछे छोड़ चीन बना भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, व्यापार घाटा भी बढ़ा
Wed, 15 Apr 2026 11:42 PM IST
Nitin Gautam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitin Gautam
Updated Wed, 15 Apr 2026 11:42 PM IST
सार
टैरिफ के चलते अमेरिकी आयात 15.95 फीसदी बढ़कर 52.9 अरब डॉलर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर रहा।
विज्ञापन
चीन और भारत के बीच व्यापार
- फोटो : Freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन, अमेरिका को पीछे छोड़कर 2025-26 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस दौरान चीन के साथ देश का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका 2024-25 तक लगातार चार वर्षों तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।
व्यापार घाटा भी रिकॉर्ड स्तर पर
चीन 2013-14 से 2017-18 तक और फिर 2020-21 में भी भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार रहा। चीन से पहले यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा 2025-26 में बढ़कर 112.16 अरब डॉलर के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2024-25 में 99.2 अरब डॉलर था।
व्यापार संतुलन में बदलाव
2025-26 में अमेरिका को निर्यात मामूली रूप से 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 फीसदी बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। व्यापार अधिशेष 2024-25 के 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया। जिन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ भारत का निर्यात घटा है, उनमें नीदरलैंड, ब्रिटेन, सिंगापुर, बांग्लादेश, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका और मलयेशिया शामिल हैं। जिन प्रमुख देशों के साथ 2025-26 में आयात बढ़ा है, उनमें रूस, इराक, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, कतर और ताइवान शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
व्यापार घाटा भी रिकॉर्ड स्तर पर
चीन 2013-14 से 2017-18 तक और फिर 2020-21 में भी भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार रहा। चीन से पहले यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा 2025-26 में बढ़कर 112.16 अरब डॉलर के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2024-25 में 99.2 अरब डॉलर था।
विज्ञापन
व्यापार संतुलन में बदलाव
2025-26 में अमेरिका को निर्यात मामूली रूप से 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 फीसदी बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। व्यापार अधिशेष 2024-25 के 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया। जिन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ भारत का निर्यात घटा है, उनमें नीदरलैंड, ब्रिटेन, सिंगापुर, बांग्लादेश, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका और मलयेशिया शामिल हैं। जिन प्रमुख देशों के साथ 2025-26 में आयात बढ़ा है, उनमें रूस, इराक, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, कतर और ताइवान शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन