व्यापार युद्ध से लड़खड़ा सकती है चीन की अर्थव्यवस्था, ऐसे प्रभावित हो रहा है देश
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अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध का काफी असर पड़ा है। इससे ना सिर्फ चीन की जीडीपी, बल्कि कई कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं। निक्केई एशियन रिव्यू के अनुसार, कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने अपना उत्पादन चीन से बाहर ले जाने पर विचार कर रही हैं।
चीन में अमेरिकी वस्तुओं के उत्पादन में हो सकती है कमी
इन कंपनियों में दुनिया की सबसे बड़ी टॉय मेकर हेसब्रो इंक भी शामिल है। हेसब्रो चीन की जगह भारत और वियतनाम में मैन्युफैक्चरिंग करना चाहती है। बता दें कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा खिलौना बाजार है। ऐसे में अगर हेसब्रो चीन में उत्पादन बंद कर देती है, तो इससे चीन को झटका लगेगा। खास बात यह है कि हेसब्रो के पास फ्रोजन और एवेंजर्स जैसे लोकप्रिय खिलौनों की फ्रेंचाइजी भी है। हेसब्रो के सीईओ ब्रायन गोल्डनर ने दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों के एलान के मौके पर यह जानकारी दी। चीन में अमेरिकी वस्तुओं का उत्पादन 2020 के अंत तक घटकर 50 फीसदी रह सकता है।
यह कंपनियां दक्षिण-पूर्व एशिया में नई सप्लाई चेन स्थापित करना चाहती हैं। एचपी और डेल अपने नोटबुक का 30 फीसदी उत्पादन चीन से दक्षिण-पूर्व एशिया में शिफ्ट कर सकती हैं। इसके साथ ही एपल भी चीन से अपनी 15-30 फीसदी उत्पादन क्षमता को भारत शिफ्ट करना चाहती है। निन्तेंदो भी अपने वीडियो गेम कंसोल के उत्पादन का एक हिस्सा चीन से वियतनाम शिफ्ट करना चाहती है।
27 वर्ष में चीनी अर्थव्यवस्था सबसे नीचे
अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के चलते चीनी अर्थव्यवस्था पिछले तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। चीन की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार इस साल की दूसरी तिमाही में 6.2 फीसदी पर रही। जीडीपी की यह वृद्धि दर दूसरी तिमाही में पिछले 27 साल में सबसे कम है। इन आर्थिक हालातों से चीन में काफी चिंता पैदा हो गई है क्योंकि देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार 2009 में वैश्विक आर्थिक संकट के समय भी 6.4 फीसदी से नीचे नहीं आई थी।
1.3 फीसदी घटा चीन का निर्यात
व्यापार युद्ध के चलते जीडीपी के अतिरिक्त चीन का निर्यात भी घटा है। इसमें 1.3 फीसदी की कमी आई है। आयात की बात करें, तो इसमें उम्मीद से अधिक 7.3 फीसदी की गिरावट आई है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चीन कई कदम उठा रही है। चीन बेल्ट एंड रोड जैसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। हालांकि इसे पूरा करने में समय लगेगा।
जीडीपी के 303 फीसदी तक पहुंचा चीन का कर्ज
इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंस के अनुसार, साल 2019 की पहली तिमाही में चीन का कुल कर्ज बढ़कर देश के जीडीपी के 303 फीसदी तक पहुंच गया है। पिछले साल यानी 2018 की शुरुआत में यह 297 फीसदी था।