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छत्तीसगढ़: धान के अलावा अन्य फसलें उगाने के लिए किसानों को मिलेगी 10 हजार रुपये की सब्सिडी
Thu, 20 May 2021 03:08 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 20 May 2021 03:08 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के किसानों को 2021-22 के खरीफ सत्र के दौरान धान के अलावा अन्य फसलों की खेती के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
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कृषि क्षेत्र
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के किसानों को वर्ष 2021-22 के खरीफ सत्र के दौरान धान के अलावा सरकार द्वारा शिनाख्त की गई कुछ फसलों की खेती के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। छत्तीसगढ़ में धान के अलावा अन्य फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में बुधवार को यहां एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ में चावल की व्यापक खेती के कारण इस राज्य को मध्य भारत का 'चावल का कटोरा' कहा जाता है।
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2020-21 के खरीफ सत्र में मिली 9,000 रुपये की सब्सिडी
जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे का विस्तार करने और अगले सत्र से सभी प्रमुख खरीफ फसलों जैसे मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो-कुटकी, दलहन के साथ धान को इसके तहत शामिल करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत किसानों को वर्ष 2020-21 के खरीफ सत्र में धान की खेती के लिए और अगले सत्र से धान सहित सभी प्रमुख खरीफ फसलों पर 9,000 रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
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2019-20 के खरीफ सत्र में मिली इतनी सहायता
वर्ष 2019-20 के खरीफ सत्र में राज्य सरकार ने किसानों को धान की खेती के लिए प्रति एकड़ 10,000 रुपये की सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा, 'वर्ष 2020-21 में धान बोने वाले किसान यदि कोदो-कुटकी, गन्ना, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, धान की अन्य पोषण संवर्धित किस्मों की खेती करते हैं या उसी भूमि में धान के स्थान पर वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें 9,000 रुपये प्रति एकड़ के बजाय 10,000 रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी दी जाएगी।'
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तीन सालों के लिए 10,000 रुपये की सब्सिडी
उन्होंने कहा कि जो किसान खेतों में पेड़ लगाएंगे, उन्हें अगले तीन साल तक प्रति वर्ष 10,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। बैठक में राज्य के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।