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CBI: आय से अधिक संपत्ति के मामले में रेलवे के दो अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज, सीबीआई ने की कार्रवाई
Wed, 04 Jan 2023 07:02 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Wed, 04 Jan 2023 07:02 PM IST
सार
CBI: सीबीआई ने दावा किया कि इस अवधि के दौरान चतुर्वेदी ने 1.62 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 219 प्रतिशत अधिक है। जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
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सीबीआई की छापेमारी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रेलवे के दो अधिकारियों के खिलाफ सेवा के दौरान कथित रूप से करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामले में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
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मामले में मंगलवार को दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। संबंधित अधिकारी आय के स्रोत से अधिक संपत्ति के मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
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केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक प्राथमिकी में आरोप लगाया कि मध्य रेलवे भुसावल और नागपुर में सहायक मंडल इंजीनियर (दक्षिण) के पद पर तैनात रहते हुए अवध बिहारी चतुर्वेदी एक जनवरी, 2016 से 31 मार्च 2022 के बीच ‘भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों’ में शामिल रहे।
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सीबीआई ने दावा किया कि इस अवधि के दौरान चतुर्वेदी ने 1.62 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 219 प्रतिशत अधिक है। जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 1994 में कनिष्ठ इंजीनियर के रूप में अपनी नौकरी की शुरुआत करने वाले चतुर्वेदी के पास 2016 में 86.89 लाख रुपये की संपत्ति थी, जो मार्च 2022 में बढ़कर 2.72 करोड़ रुपये हो गई। चतुर्वेदी की संपत्ति और देनदारियों की गणना करके, सीबीआई ने यह निष्कर्ष निकाला कि उन्होंने अवैध रूप से 1.62 करोड़ रुपये जमा किए थे, जिसका वह संतोषजनक हिसाब नहीं दे सका।
उन्होंने बताया कि दूसरी प्राथमिकी भुवनेश्वर में पूर्व तट रेलवे के पूर्व प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक पी के जेना से संबंधित है, जिन्होंने कथित रूप से 1.92 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि एक अप्रैल, 2005 को जेना के पास 4.53 लाख रुपये की संपत्ति थी, जो 31 मार्च, 2020 को 4.33 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। उनकी आय और खर्च की गणना करने के बाद, सीबीआई ने आरोप लगाया कि 1.92 करोड़ रुपये की संपत्ति के लिए कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला।