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कार्रवाई: सीबीआई ने मंधाना इंडस्ट्रीज के खिलाफ दर्ज किया मामला; 975 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का है आरोप
Tue, 19 Sep 2023 04:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 19 Sep 2023 04:15 PM IST
सार
बता दें कि सीबीआई ने यह कार्रवाई बैंक की एक शिकायत के बाद की है। इसमें बैंक ने आरोप लगाया कि कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक पुरूषोत्तम छगनलाल मंधाना, पूर्व कार्यकारी निदेशक मनीष बिहारीलाल मंधाना और कुछ अन्य लोगों ने धन जुटाने के लिए एक सुव्यवस्थित आपराधिक साजिश रचकर कंसोर्टियम (बैंकों के समूह) को धोखा दिया।
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सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
विस्तार
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंधाना इंडस्ट्रीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मुंबई की इस कंपनी पर पर बैंक ऑफ बड़ौदा की अगुवाई वाले कंसोर्टियम के साथ 975.08 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई के अक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस कंपनी का नाम जीबी ग्लोबल लिमिटेड है।
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बता दें कि सीबीआई ने यह कार्रवाई बैंक की एक शिकायत के बाद की है। इसमें बैंक ने आरोप लगाया कि कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक पुरूषोत्तम छगनलाल मंधाना, पूर्व कार्यकारी निदेशक मनीष बिहारीलाल मंधाना और कुछ अन्य लोगों ने धन जुटाने के लिए एक सुव्यवस्थित आपराधिक साजिश रचकर कंसोर्टियम (बैंकों के समूह) को धोखा दिया।
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इसमें कहा गया है कि मंधाना परिवार द्वारा चलाई जाने वाली 39 साल पुरानी कंपनी ने 2008 में बैंक ऑफ बड़ौदा से क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाना शुरू किया था। बैंक ने उनके कर्ज खाते को 31 दिसंबर, 2016 को गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिया। बाद में बैंकों ने एक फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया। इस ऑडिट में पता चला कि कंपनी ने अंतर-कॉर्पोरेट ऋणों को निपटाने के लिए धन का दुरुपयोग किया है।
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साथ ही जुलाई 2016 से 30 सितंबर 2017 के दौरान 420.39 करोड़ रुपये के लिए ट्रस्ट और रिटेंशन अकाउंट (टीआरए) का उपयोग न करना और फर्जी खरीदारी सहित कई अन्य अनियमितताएं उजागर हुईं। इसके अलावा ऑडिट में धोखाधड़ी वाले लेनदेन और सर्कुलर ट्रेडिंग और फंड के डायवर्जन का भी पता चला था।