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CBDT: सीबीडीटी ने पुराने टैक्स डिमांड वापस लेने के लिए एक लाख रुपये की सीमा तय की, दी यह जानकारी
Mon, 19 Feb 2024 07:20 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 19 Feb 2024 07:20 PM IST
सार
CBDT: सीबीडीटी के आदेश में कहा गया है कि 31 जनवरी, 2024 तक आयकर, संपत्ति कर और उपहार कर से संबंधित बकाया डिमांडों को करदाता के लिए 1 लाख रुपये की अधिकतम सीमा तय करते हुए समाप्त कर दिया जाएगा।
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सीबीडीटी
- फोटो : twitter
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विस्तार
आयकर विभाग ने बजट में हुई घोषणा के अनुसार आकलन वर्ष 2015-16 तक के छोटे टैक्स डिमांड (कर मांग) पर प्रति करदाता एक लाख रुपये की सीमा तय की है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 2024-25 के अंतरिम बजट में हुई घोषणा को प्रभावी करने का आदेश जारी किया है।
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बजट के अनुसार आकलन वर्ष 2010-11 के लिए 25,000 रुपये तक और आकलन वर्ष 2011-12 से 2015-16 के लिए 10,000 रुपये तक की कर मांग वापस ली जाएगी। घोषणा के बाद लगभग 3,500 करोड़ रुपये की कर मांग वापस ले ली जाएगी।
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सीबीडीटी के आदेश में कहा गया है कि 31 जनवरी, 2024 तक आयकर, संपत्ति कर और उपहार कर से संबंधित बकाया डिमांडों को करदाता के लिए 1 लाख रुपये की अधिकतम सीमा तय करते हुए समाप्त कर दिया जाएगा। एक लाख रुपये की सीमा में कर मांग का मूल घटक, ब्याज, जुर्माना या शुल्क, उपकर और अधिभार शामिल होगा। हालांकि, आयकर कानून के टीडीएस या टीसीएस प्रावधानों के तहत कर कटौतीकर्ताओं या कर संग्रहकर्ताओं के खिलाफ की गई मांगों पर यह छूट लागू नहीं होगी।
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नांगिया एंडरसन इंडिया के पार्टनर मनीष बावा ने कहा कि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस छूट या निरस्तीकरण से करदाताओं को क्रेडिट या रिफंड के लिए किसी भी दावे का अधिकार नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, यह छूट या रद्दीकरण करदाता के खिलाफ किसी भी चल रहे, नियोजित या संभावित आपराधिक कानूनी कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगा और किसी भी कानून के तहत कोई प्रतिरक्षा प्रदान नहीं करता है।
बावा ने कहा, "करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने ऑनलाइन खातों का उपयोग करें। वे Navigate to Pending Action > Response to Outstanding Demand पर जाकर status of 'Extinguished Demands' को चेक करें। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि इस तरह की 1.11 करोड़ कर मांगें हैं।