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पहचान रहित कर आकलन से अधिकारियों के व्यक्तिनिष्ट फैसले होंगे समाप्त: CBDT प्रमुख

Tue, 21 Jul 2020 11:27 AM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 21 Jul 2020 11:27 AM IST
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Cbdt Chief says Will End Individual Decisions Of Officers In   Investigation Cases Due To Identity Tax Assessment
सीबीडीटी - फोटो : twitter

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की पहचान रहित कर आकलन की प्रक्रिया से विभिन्न कर मामलों की जांच में कर अधिकारियों के व्यक्तिनिष्ट फैसलों से निजात मिलेगी। इस प्रक्रिया के तहत करदाता को न तो कर विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत है और न ही किसी अधिकारी से आमने सामने मुलाकात करने की आवश्यकता है। 

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शीर्ष कर अधिकारी पीसी मोदी ने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत केंद्रीय कंप्यूटर नेटवर्क से जोखिम मानदंडों और बेमेल आंकड़ों के आधार पर कर रिटर्न को उठाता है और इस प्रकार चुनीं गई रिटर्न को बिना किसी सोच विचार के अधिकारियों की टीम को सौंप देता है। इस प्रकार आवंटित की गई रिटर्न को किसी अन्य स्थान पर अधिकारियों द्वारा देखा जाता है उसकी समीक्षा होती है और उसमें यदि कुछ लगता है तो केंदरीकृत कंप्यूटर प्रणाली द्वारा संबंधित करदाता को नोटिस भेज दिया जाता है। 
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन पीसी मोदी ने एक साक्षात्कार में पहचान रहित कर आकलन प्रक्रिया को समझाते हुए कहा इस प्रकार के सभी नोटिसों का जवाब भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ही देना होता है। इसमें किसी भी कार्यालय में जाने अथवा किसी कर अधिकारी से मिलने की आवश्यकता नहीं होती है। 
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इस तरह की पहचान रहित कर आकलन प्रक्रिया की शुरुआत 7 अक्तूबर 2019 को हुई। तब से लेकर अब तक 58,319 मामलों को स्वत: छांटने और बांटने की प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को भेजा गया। इन मामलों को उनके भौगोलिक अधिकार क्षेत्र से भी दूर रखा गया। यह सब काम कंप्यूटरी की खुद की गणना की आधार पर हुआ। 

उन्होंने बताया कि इनमें से 8,000 मामलों को अब तक निपटाया जा चुका है। इनमें बिना कुछ अतिरिक्त जोड़े ही ऑर्डर जारी कर दिया गया। वहीं 291 मामले ऐसे हैं जिनमें कुछ अतिरिक्त चीजें जोड़ी जानी हैं। इन्हें जोखिम प्रबंधन इकाई को सौंपा गया है। मोदी ने कहा कि नई प्रणाली के तहत कर रिटर्न का आकलन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होता है और कर अधिकारी को किसी भी कार्यालय अथवा आयकर अधिकारी के सामने जाने की आवश्यकता नहीं होती है। 


उन्होंने कहा कि इन सभी 58,319 मामलों का आकलन अक्तूबर अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक हमने इनमें से 8,000 मामलों का कर लिया है। और अब तक का अनुभव अच्छा रहा है। इनमें जो भी रिटर्न छांटे गए हैं वह सभी श्रेणियों के करदाताओं से जुड़ी हैं। इनमें कंपनियों, छोटे कारोबारी और वेतनभोगी करदाता सभी शामिल हैं।

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