फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Camlin founder Subhash Dandekar dies at 81

Camlin: कैमलिन स्याही व ज्योमैट्री बॉक्स देने वाले सुभाष दांडेकर नहीं रहे, रोजगार सृजन का जाता है श्रेय

Tue, 16 Jul 2024 04:34 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 16 Jul 2024 04:34 PM IST
सार

Subhash Dandekar: कैमलिन ब्रांड की स्थापना करने वाले परिवार में जन्मे, सुभाष दांडेकर ने ना केवल एक व्यवसाय बल्कि एक विरासत का नेतृत्व किया। कैमलिन की स्थापना मूल रूप से 1931 में दिगंबर परशुराम दांडेकर ने की थी। सुभाष दांडेकर के दूरदर्शी नेतृत्व में कंपनी ने अपने क्षितिज का विस्तार किया।

विज्ञापन
Camlin founder Subhash Dandekar dies at 81
सुभाष दांडेकर - फोटो : camlin

विस्तार

स्टेशनरी ब्रांड कोकुयो कैमलिन के चेयरमैन सुभाष दांडेकर का सोमवार को 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार सेंट्रल मुंबई में किया गया। दांडेकर ने कैमलिन को गुणवत्तापूर्ण स्टेशनरी और शैक्षिक उत्पादों के पर्याय के रूप में एक घरेलू नाम के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका निधन एक प्रतिष्ठित ब्रांड के लिए एक युग के अंत का प्रतीक है।

विज्ञापन


कैमलिन ब्रांड की स्थापना करने वाले परिवार में जन्मे, सुभाष दांडेकर ने ना केवल एक व्यवसाय बल्कि एक विरासत का नेतृत्व किया। कैमलिन की स्थापना मूल रूप से 1931 में दिगंबर परशुराम दांडेकर ने की थी। सुभाष दांडेकर के दूरदर्शी नेतृत्व में कंपनी ने अपने क्षितिज का विस्तार किया। 
विज्ञापन


1960 में, उन्होंने कला सामग्री में कंपनी के विविधीकरण का नेतृत्व किया। कंपनी ने इस दौरान ऑफिस स्टेशनरी और पेशेवर कलाकारों से जुड़े उपकरणों को शामिल कर अपनी उत्पाद शृंखला का विस्तार किया। उनके इस कदम से केमलिन घर-घर में एक जाना-माना नाम बन गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कैमलिन में दांडेकर का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर का गवाह बना।  जिसमें 2011 में जापानी कंपनी कोकुयो द्वारा बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण शामिल था। इस रणनीतिक साझेदारी ने न केवल कोकुयो उत्पादों को भारतीय बाजार में पेश किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कैमलिन के विस्तार की सुविधा भी प्रदान की। वैश्विक महत्वाकांक्षाओं के बावजूद, कैमलिन भारतीय घरों में एक प्रिय ब्रांड बना रहा, जिसका प्रतिष्ठित पीला जियोमैट्राी बॉक्स देश भर के स्कूलों में प्रचलित हो गया।

दांडेकर सामाजिक कार्यों से भी गहराई से जुड़े थे। 1992 से 1997 तक महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख के रूप में, उन्होंने श्रम की गरिमा और व्यावसायिक प्रथाओं में मूल्यों के संरक्षण की वकालत की। सामाजिक जागरूकता, कला और उद्यमिता में उनके योगदान के कारण उन्होंने कई प्रशंसाएं अर्जित कीं।


महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें मराठी उद्योग को प्रसिद्धि दिलाने वाले "दादा तुल्य" शख्सियत के रूप में वर्णित किया और रोजगार सृजन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। फडणवीस ने एक्स पर कहा, 'सुभाष दांडेकर ने न सिर्फ कैमलिन का निर्माण किया, बल्कि रोजगार देकर हजारों युवाओं के जीवन में रंग डाला। उन्होंने मूल्यों के संरक्षण को बहुत प्राथमिकता दी।"

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed