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Cabinet: सरकारी कर्मचारियों के लिए नई स्कीम का एलान, अब एनपीएस की जगह एकीकृत पेंशन योजना

Sat, 24 Aug 2024 07:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 24 Aug 2024 07:32 PM IST
सार

Cabinet Decisions: सरकार ने नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) की जगह अब सरकारी कर्मियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) यानी एकीकृत पेंशन योजना लॉन्च करने का फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इसे लेकर सहमति बनी है।

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Cabinet Decisions Unified Pension Scheme Announcement Ashwini Vaishnaw Announcement News and Updates
कैबिनेट का फैसला - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सरकारी कर्मचारियों में पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की जोर पकड़ती मांग के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा एलान किया है। बताया गया है कि सरकार ने नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) की जगह अब सरकारी कर्मियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) यानी एकीकृत पेंशन योजना लॉन्च करने का फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इसे लेकर सहमति बनी है।

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राज्य सरकारों को भी एकीकृत पेंशन योजना चुनने का मिलेगा विकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को एकीकृत पेंशन योजना ( यूपीएस ) को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन, पारिवारिक पेंशन और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन प्रदान करना है। इस बीच, राज्य सरकारों को भी एकीकृत पेंशन योजना चुनने का विकल्प दिया जाएगा। अगर राज्य सरकारें यूपीएस चुनती हैं, तो लाभार्थियों की संख्या करीब 90 लाख हो जाएगी।

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पेंशन एरियर पर 800 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

सरकार के मुताबिक बकाया राशि (एरियर) पर 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। पहले साल में सालाना लागत में करीब 6,250 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी। यह योजना 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगी। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) और UPS में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जाएगा। मौजूदा केंद्र सरकार के NPS ग्राहकों को UPS में स्विच करने का विकल्प भी दिया जाएगा।

पेंशन स्कीम में संशोधन के लिए पीएम मोदी ने अप्रैल 2023 में बनाई थी कमिटी

कैबिनेट के फैसले का एलान करते हुए केद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देशभर में सरकारी कर्मचारियों की तरफ से हमेशा मांग आती रही कि एनपीएस स्कीम में सुधार किया जाए। इस सुधार के लिए अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कमेटी बनाई थी। डॉ सोमनाथन इस कमिटी के चेयरमैन थे। इस कमिटी ने 100 से अधिक सरकारी कर्मचारी संगठनों के साथ बात की। करीब सभी राज्यों के साथ इस कमिटी ने बातचीत की। राज्य सरकारों के कर्मचारियों के संगठनों को भी तरजीह दी गई। पीएम ने इस विषय को गंभीरता से लिया था। कमिटी की सिफारिश के आधार पर सरकार ने एकीकृत पेंशन स्कीम को मंजूरी दी है।

एकीकृत पेंशन योजना से जुड़ी खास बातें

  • पेंशन की सनिश्चित राशि: 25 वर्ष की न्यूनतम सेवा के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50% न्यूनतम पेंशन के रूप में मिलेगा
  • 10 वर्ष की सेवा तक कम सेवा के लिए अनुपातिक राशि पेंशन के रूप में मिलेगी
  • कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में तत्काल 60% की दर से पारिवारिक पेंशन सुनिश्चित की जाएगी  
  • 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10000 रुपये प्रति माह की दर से सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन राशि मिलेगी
  • महंगाई दर के साथ इंडेक्सेशन की सुविधा मिलेगी, सुनिश्चित पेंशन, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन पर महंगाई इंडेक्स (AICPI-W) के साथ समायोजन की सुविधा मिलेगी
  • सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी के अलावा एकमुश्त भुगतान का भी लाभ मिलेगा
  • छह महीने की सेवा के लिए (वेतन+डीए) की 10 फीसदी रकम का एकमुश्त भुगतान होगा। यानी अगर किसी की 30 साल की सर्विस है तो उसे छह महीने की सेवा के आधार पर एकमुश्त भुगतान (इमॉल्यूमेंट) होगा
  • इस भुगतान से सुनिश्चित पेंशन की मात्रा कम नहीं होगी

23 लाख कर्मचारियों को फायदा, एनपीएस और यूपीएस का विकल्प

केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। कोई एनपीएस में रहना चाहे तो उसमें रह सकता है। अगर यूपीएस अपनाना चाहे तो इसका विकल्प चुन सकता है। राज्य सरकारें भी इस संरचना को चुन सकती है। अगर राज्य सरकार के कर्मचारी इसमें शामिल होते हैं तो 90 लाख कर्मियों को इसका फायदा मिलेगा।

तीन योजनाओं का विज्ञान धारा योजना में विलय

इसके अलावे केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की एकीकृत केन्द्रीय क्षेत्र योजना ‘विज्ञान धारा’ में तीन प्रमुख योजनाओं का विलय कर दिया है। ‘विज्ञान धारा’ योजना का प्राथमिक उद्देश्य देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से संबंधित इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इस योजना के कार्यान्वयन से शैक्षणिक संस्थानों में पूर्ण रूप से सुसज्जित अनुसंधान व विकास प्रयोगशालाओं को बढ़ावा देकर देश के विज्ञान व प्रौद्योगिकी से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जाएगा। इस योजना पर सरकार की ओर 10,579 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कैबिनेट ने बायो ई3 नीति को भी दी मंजूरी

कैबिनेट की बैठक में बायोई3 नीति को भी मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "बायो ई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, एक ऐतिहासिक पहल है जो उच्च प्रदर्शन वाले जैव-विनिर्माण को बढ़ावा देगी। इससे आने वाले समय में वैज्ञानिक, औद्योगिक और सामाजिक प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अन्य लाभों में पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन शामिल हैं।

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