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मोदी कैबिनेट का तोहफा: सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने का किया एलान; पांच करोड़ किसानों को होगा फायदा
Wed, 28 Jun 2023 03:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 28 Jun 2023 03:58 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल 2023 को संसद में लाया जाएगा। इसके साथ ही साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड एक्ट 2008 को रद्द किया जाएगा।
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केंद्रीय कैबिनेट की सौगात।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के गन्ना किसानों के लिए तोहफे का एलान किया है। कैबिनेट ने गन्ने की एफआरपी बढ़ाने का फैसला किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि सरकार ने 2023-24 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।
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अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट ने चीनी सीजन 2023-24 के लिए गन्ना किसानों के लिए 315 रुपये प्रति क्विंटल के अब तक के उच्चतम उचित और लाभकारी मूल्य को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों को फायदा होगा। इसके साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत पांच लाख श्रमिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना सत्र अक्टूबर से शुरू होता है। गन्ने का न्यूनतम मूल्य 2014-15 में 210 रुपये प्रति क्विंटल था।
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'पीएम-प्रणाम' योजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिये नई योजना 'पीएम-प्रणाम' (कृषि प्रबंधन के लिये वैकल्पिक पोषक तत्वों को प्रोत्साहन) को मंजूरी दी। उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। इस योजना का एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को 2023-24 के बजट के दौरान किया था। योजना के तहत केंद्र राज्यों को प्रोत्साहित करेगा कि वे वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा दें और रासायनिक उर्वरकों को कम करेंगे।
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उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए कि कोई राज्य 10 लाख टन पारंपरिक उर्वरक का उपयोग कर रहा है और यदि वह अपनी खपत 3 लाख टन कम कर देता है तो सब्सिडी की बचत 3,000 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी बचत में से केंद्र वैकल्पिक उर्वरक के उपयोग और अन्य विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए राज्य को 50 प्रतिशत यानी 1,500 करोड़ रुपये देगा।
नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की होगी स्थापना
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बिल 2023 को संसद में लाया जाएगा। इसके साथ ही साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड एक्ट 2008 को रद्द किया जाएगा। एनआरएफ का संचालन एक गवर्निंग बोर्ड की ओर से किया जाएगा। इसमें 15 से 25 प्रतिष्ठित शोधकर्ता और पेशेवरों को शामिल किया जाएगा। इस गवर्निंग बोर्ड का नेतृत्व प्रधानमंत्री करेंगे।
एसएपी और एफआरपी में क्या अंतर?
FRP सरकार की ओर से तय किया गया मूल्य है, जिस पर मिलें किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान कानूनी रूप से करने के लिए बाध्य हैं। हमेशा एफआरपी (Fair And Remunerative Price) में बढ़ोतरी से देश के सभी किसानों को फायदा नहीं हो पाता। दरअसल, कुछ राज्यों में एफआरपी के अलावे गन्ने की पैदावार के लिए राज्य समर्थित मूल्य यानी एसएपी (State Advisory Price) भी तय किया जाता है। जिन राज्यों में गन्ने का उत्पादन अधिक होता है, वह अपनी फसल की कीमत खुद तय करते है। इस कीमत को एसएपी कहा जाता है।
किसानों को कैसे होगा फायदा?
उत्तर प्रदेश,पंजाब और हरियाणा राज्य के किसान अपनी फसल के लिए एसएपी तय करते हैं। साधारण तौर पर एसएपी का मूल्य केंद्र सरकार के एफआरपी मूल्य से अधिक होता है। ऐसे में केंद्र की ओर से एफआरपी बढ़ाने के बाद अगर राज्य सरकार ने एसएपी नहीं बढ़ाया तो इससे किसानों को कोई फायदा नहीं हो पाता।
भारत सरकार और सीडीआरई के बीच समझौते को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत सरकार और आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) के बीच मुख्यालय समझौते के अनुसमर्थन को मंजूरी दे दी। सीडीआरआई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर, 2019 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया था। यह सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख वैश्विक पहल है और इसे जलवायु परिवर्तन व आपदा के मामलों में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका प्राप्त करने के भारत के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार और सीडीआरआई के बीच पिछले साल 22 अगस्त को हस्ताक्षरित मुख्यालय समझौते (एचक्यूए) के अनुसमर्थन को मंजूरी दे दी गई।
नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना के लिए विधेयक को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में देश की अनुसंधान क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई वित्त पोषण एजेंसी नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना के लिए बुधवार को एक विधेयक को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन विधेयक, 2023 को संसद के आगामी सत्र में लाया जाएगा और यह विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड अधिनियम, 2008 की जगह लेगा। ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2027-28 तक अनुसंधान के लिए पचास हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।