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कैबिनेट का फैसला: निर्यात क्षेत्र में किया जाएगा 6050 करोड़ निवेश, 59 लाख रोजगार मिलेंगे
Thu, 30 Sep 2021 05:56 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 30 Sep 2021 05:56 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने आईपीओ के जरिये ईसीजीसी की हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अगले पांच साल में 5.28 लाख करोड़ के अतिरिक्त निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।
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निर्यात
- फोटो : pixabay
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विस्तार
निर्यात क्षेत्र के कर्ज को बीमा उपलब्ध कराने वाली सरकारी कंपनी ईसीजीसी में अगले पांच साल में 4,400 करोड़ का निवेश किया जाएगा। साथ ही आईपीओ के जरिये इसे शेयर बाजार में भी सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय निर्यात बीमा खाते (एनईआईए) में भी पांच साल में 1,650 करोड़ का निवेश किया जाएगा। सरकार ने दावा किया है कि ईसीजीसी के जरिये ही 59 लाख रोजगार पैदा होंगे।
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि निर्यात क्षेत्र के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में निर्यात कर्ज गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीसी) में 2025-26 तक 4,400 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इसमें से 500 करोड़ तत्काल डाले जाएंगे, जबकि 500 करोड़ अगले वित्तवर्ष में दिए जाएंगे। शेष राशि जरूरत के हिसाब से समय-समय पर डाली जाएगी।
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ईसीजीसी पूरी तरह केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, जो निर्यात क्षेत्र के 85 फीसदी कर्ज जोखिम का बीमा करता है। इसमें निवेश के जरिये कर्ज की कुल राशि को मौजूदा 1 लाख करोड़ से 2.03 लाख करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। कंपनी की बीमा क्षमता में भी 88 हजार करोड़ का इजाफा होगा, जिससे पांच साल में 5.28 लाख करोड़ का निर्यात बढ़ेगा और 59 लाख रोजगार पैदा होंगे।
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मार्च तक आएगा ईसीजीसी का आईपीओ
वाणिज्य मंत्री के अनुसार, ईसीजीसी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके जरिये बाजार से पैसा जुटाया जाएगा और सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी का वास्तविक मूल्यांकन भी पता चलेगा। केबिनेट ने मध्यप्रदेश के नीमच-रतलाम रेल लाइन के दोहरीकरण योजना को भी मंजूरी दे दी। इस पर 1,056 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राजकोट-कानालुस रेल खंड का भी दोहरीकरण होगा। इस योजना पर 1,080 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एनईआईए से 33 हजार करोड़ की निर्यात परियोजना में मदद
गोयल ने बताया कि एनईआईए में भी अगले पांच साल में 1,650 करोड़ डाले जाएंगे, जिससे 33,000 करोड़ की निर्यात परियोजनाओं को मदद मिलेगी। इतना ही नहीं एनईआईए ट्रस्ट के जरिये भी अगले पांच साल में 2.6 लाख रोजगार पैदा किए जा सकेंगे, जिसमें 12 हजार नौकरियां संगठित क्षेत्र में होंगी। ईसीजीसी का गठन निर्यातकों को बैंकों से मिलने वाले कर्ज पर बीमा गारंटी देने के लिए हुआ था।