काम की बात: बाय नाउ पे लेटर, समय पर नहीं चुकाया पैसा तो बढ़ेगा कर्ज
आमतौर पर इसमें खरीदारी लिमिट 2,000 से लेकर 25,000 रुपये तक मिलती है। कुछ कंपनियां 60,000 या एक लाख रुपये तक लिमिट मुहैया कराती हैं। इस ब्याज मुक्त कर्ज सुविधा के लिए आप कोई भी सामान खरीदकर उसका भुगतान कुछ दिनों बाद कर सकते हैं।
विस्तार
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियां ‘बाय नाउ पे लेटर’ (बीएनपीएल) की सुविधा दे रही हैं। इसके तहत कंपनियां खरीदारी के लिए कर्ज देती हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है और उन्हें अचानक कोई वस्तु खरीदनी है।
24 फीसदी तक ब्याज देना पड़ सकता है समय पर भुगतान नहीं करने पर
आमतौर पर इसमें खरीदारी लिमिट 2,000 से लेकर 25,000 रुपये तक मिलती है। कुछ कंपनियां 60,000 या एक लाख रुपये तक लिमिट मुहैया कराती हैं। इस ब्याज मुक्त कर्ज सुविधा के लिए आप कोई भी सामान खरीदकर उसका भुगतान कुछ दिनों बाद कर सकते हैं। समय पर भुगतान नहीं करने पर बकाया राशि पर 24 फीसदी तक ब्याज के साथ जुर्माना देना पड़ सकता है। क्रेडिट स्कोर पर भी बुरा असर पड़ता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक देश का बाय नाउ पे लेटर बाजार बढ़कर 7.41 लाख करोड़ का हो सकता है।
कुछ ही सेकंड में मिल जाता है कर्ज
बीएनपीएल में खरीदारी के लिए कुछ ही सेकंड में कर्ज मिल जाता है। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर खरीदारी के बाद जब भुगतान करते हैं तो आपको यह विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक करते ही पैन कार्ड सहित कुछ जानकारियां मांगी जाएंगी। फिर डिजिटल केवाईसी के बाद कर्ज मंजूर हो जाएगा। इसमें मैसेज के जरिये बताया जाएगा कि कर्जदाता कंपनी ने कितना कर्ज मंजूर किया है।
क्रेडिट कार्ड व पसर्नल लोन से सस्ता
यह क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन से सस्ता है। क्रेडिट कार्ड कंपनियां तय अवधि के बाद 48 फीसदी तक ब्याज वसूलती हैं, जबकि पसर्नल लोन देने वाली कंपनियां प्रोसेसिंग शुल्क के साथ 24 फीसदी तक ब्याज लेती हैं। बीएनपीएल में 24 फीसदी तक ब्याज लगता है।
क्या है बाय नाउ पे लेटर?
अगर आपके पास कोई क्रेडिट कार्ड नहीं है और खाते में पैसे नहीं हैं तो भी खरीदारी कर सकते हैं। इसमें खरीदारी की तारीख से अगले 14 से 30 दिनों में भुगतान करना पड़ता है। भुगतान राशि को आप ईएमआई में भी बदलवा सकते हैं।
जरूरी हो तभी लें सुविधा
बीएनपीएल में आसानी से कर्ज मिलने से लोग क्षमता से ज्यादा खरीदारी कर सकते हैं, जिससे आगे कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। जरूरी होने पर ही सुविधा लें। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार