Biz Updates: अगस्त में बिजली खपत 4.4 फीसदी बढ़ी; स्पाइसजेट विमान में तकनीकी खामी के कारण पुणे में आपात लैंडिंग
देश में बिजली की खपत अगस्त में सालाना आधार पर 4.4 प्रतिशत बढ़कर 150.47 अरब यूनिट (बीयू) हो गई। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2024 में बिजली की खपत 144.11 बीयू दर्ज की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि देश के अधिकांश भागों में लगातार बारिश से अगस्त में बिजली की खपत और मांग प्रभावित हुई।
अगस्त में एक दिन में उच्चतम आपूर्ति (पीक बिजली मांग पूरी) पिछले महीने बढ़कर 229.71 गीगावाट हो गई। वहीं अगस्त 2024 में यह लगभग 216.47 गीगावाट थी। मई 2024 में अधिकतम बिजली की मांग लगभग 250 गीगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गई थी। इससे पहले सर्वकालिक उच्चतम 243.27 गीगावाट बिजली की मांग सितंबर 2023 में दर्ज की गई थी। सरकारी अनुमान के अनुसार, 2025 की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 277 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है।
तकनीकी खराबी के कारण स्पाइसजेट विमान की पूणे में आपातकालीन लैंडिंग
सोमवार को पुणे से दिल्ली जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट ने तकनीकी खराबी के चलते बीच मार्ग में ही पुणे लौटकर पूरी आपातकालीन प्रक्रिया के तहत लैंड किया। स्पाइसजेट ने बयान में कहा कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड हुआ और यात्रियों को सामान्य तरीके से विमान से उतारा गया।
सूत्रों के मुताबिक, स्पाइसजेट का बोइंग 737 विमान, रजिस्ट्रेशन VT-SLG, टेकऑफ के एक घंटे बाद तकनीकी खराबी के कारण पुणे लौट आया। फ्लाइट SG937 निर्धारित समय से 40 मिनट लेट सुबह 6 बजे पुणे एयरपोर्ट से रवाना हुई थी और दिल्ली में सुबह 8.10 बजे लैंड करना था। एयरलाइन ने कहा कि स्पाइसजेट की उड़ान संख्या एसजी 937, जो 1 सितंबर को पुणे से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, उड़ान भरने के तुरंत बाद पुणे लौट आई। उड़ान भरने के बाद, फ्लैप ट्रांजिट लाइट जल उठी और ऑपरेटिंग क्रू ने मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार सभी आवश्यक जांच की।
ऑस्ट्रेलिया में सॉस की बोतलों पर प्रतिबंध
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में अब रेस्टोरेंट्स ग्राहकों को मछली के आकार वाली सोया सॉस की प्लास्टिक बोतलें नहीं दे सकेंगे। सोमवार से लागू हुए इस नए नियम के तहत राज्य सरकार ने इन सजावटी कंटेनरों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
करीब 19 लाख की आबादी वाले दक्षिण ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार हर साल प्लास्टिक की नई वस्तुओं पर पाबंदी लगाती रही है, जिससे यह उपाय ऑस्ट्रेलिया में सबसे व्यापक माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मछली के आकार की ये छोटी बोतलें समुद्री पर्यावरण के लिए खासतौर पर हानिकारक हैं। इनके समुद्र में पहुंचने पर समुद्री जीव इन्हें भोजन समझकर निगल सकते हैं, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ता है।
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर के परिवार को मिलेंगे 13.95 लाख रुपये
महाराष्ट्र के ठाणे में सड़क दुर्घटना में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार को 13.95 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) को दोषी मानते हुए मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया है।
2021 में एमएसआरटीसी के बस की चपेट में आने से पैदल यात्री 53 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। न्यायाधिकरण ने एमसआरटीसी की इस दलील को खारिज कर दिया कि मृतक मजदूर की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई। एमएसआरटीसी ने इस हादसे के लिए पूरी तरह से बस चालक को जिम्मेदार ठहराया है। एमएसआरटीसी को याचिका दायर करने की तारीख से 9 प्रतिशत ब्याज के साथ एक महीने के भीतर मुआवजा राशि जमा करने का निर्देश दिया है।
बीमा में 100 फीसदी एफडीआई की अधिसूचना जारी
वित्त मंत्रालय बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश यानी एफडीआई को शीघ्र लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। अब संसद की मंजूरी का इंतजार है। अधिसूचना के अनुसार, भारतीय बीमा कंपनियां 74 फीसदी विदेशी निवेश की मौजूदा सीमा को 100 फीसदी तक कर सकती हैं। भारतीय बीमा कंपनी के विदेशी निवेश प्रस्तावों को बीमा अधिनियम, 1938 के अनुसार चुकता इक्विटी पूंजी के लिए स्वचालित मार्ग से अनुमति दी जाएगी। यह भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) के सत्यापन के अधीन होगा।
फरवरी के बजट में केंद्र ने घोषणा की थी कि बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दी जाएगी। यह बढ़ी हुई सीमा केवल उन्हीं कंपनियों को मिलेगी जो अपना पूरा प्रीमियम भारत में निवेश करेंगी। एफडीआई से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं और शर्तों की समीक्षा की जाएगी। उन्हें सरल बनाया जाएगा। सरकार ने अभी तक इस विधेयक को संसद में पेश नहीं किया है।
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि जीएसटी खुफिया शाखा ने 145 करोड़ मूल्य के फर्जी चालान जारी करने से संबंधित धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। 43 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने जाली दस्तावेजों के जरिए फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराए और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया। तलाशी के दौरान अधिकारियों को आरोपी के ठिकाने से मोबाइल फोन, नकली आधार कार्ड, जाली दस्तावेज और गैर-कारोबारी इकाइयों के बोर्ड की तस्वीरें मिलीं। जांच से पता चला है कि फर्जी कंपनियों से बिना वास्तविक कारोबारी गतिविधियों के फर्जी इनवॉयस और ई-वे बिल बनाए गए। मंत्रालय ने कहा कि मामले में केस दर्ज कर जांच जारी है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शनिवार को कहा कि सरकार देश में बनने वाले नए और आगामी हवाईअड्डों के आसपास रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास करेगी, ताकि इस क्षेत्र की वृद्धि दर 15% तक पहुंचाई जा सके। एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री नायडू ने कहा, न्यूयॉर्क, लंदन और हांगकांग जैसे बड़े हवाईअड्डों से सीख लेते हुए भारत भी एयरपोर्ट के आसपास होटल, कन्वेंशन सेंटर और अन्य सुविधाएं विकसित करेगा। हवाईअड्डे केवल यात्रा का ही नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र होते हैं, इसलिए इनके आसपास बड़े पैमाने पर निवेश की योजना है। साथ ही नायडू ने कहा, सरकार हवाईअड्डों के आसपास इमारतों की ऊंचाई पर लगी पाबंदियों से जुड़े मुद्दों का हल निकालने के लिए वैश्विक विमानन संस्था आईसीएओ (आईसीएओ) की मदद से अध्ययन कराएगी।
शीर्ष 10 कंपनियों में से, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के बाजार मूल्यांकन में गिरावट आई, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और हिंदुस्तान यूनिलीवर को फायदा हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 70,707 करोड़ रुपये घटकर 18,36,424 करोड़ रुपये रह गया।
एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 47 हजार करोड़ रुपये घटकर 14.6 लाख करोड़ रुपये रह गया। आईसीआईसीआई बैंक का एमकैप 27 हजार करोड़ रुपये घटकर 9.9 लाख करोड़ रुपये और भारती एयरटेल का 24 हजार करोड़ रुपये घटकर 10.7 लाख करोड़ रुपये रह गया। एलआईसी का मूल्यांकन 23 हजार करोड़ रुपये घटकर 5.3 लाख करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक का मूल्यांकन 12 हजार करोड़ रुपये घटकर 7.4 लाख करोड़ रुपये रह गया। बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 10 हजार करोड़ रुपये घटकर 5.4 लाख करोड़ रुपये और इंफोसिस का बाजार पूंजीकरण 7 हजार करोड़ रुपये घटकर 6.1 लाख करोड़ रुपये रह गया।
हालांकि, टीसीएस को फायदा हुआ और कंपनी का बांजार पूंजीकरण 11,125 करोड़ रुपये बढ़कर 11.1 लाख करोड़ रुपये हो गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 7 हजार करोड़ रुपये बढ़कर 6.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और एलआईसी का स्थान है।
अगस्त में विदेश निवेशकों ने भारतीय बाजार से निकाले 35,000 करोड़ रुपये
अमेरिका द्वारा भारत से आयातित मेंथा ऑयल और अन्य उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने से उद्योग गहरे संकट में है। इस फैसले से करोड़ों रुपये का नुकसान और लाखों किसानों व मजदूरों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। निर्यातकों का कहना है कि अमेरिकी खरीदार बढ़ी कीमतें स्वीकार नहीं कर रहे, जिससे ऑर्डर रुक या रद्द हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के रामपुर व मुरादाबाद के उद्योगों पर भी गंभीर असर पड़ा है। 300 करोड़ से अधिक के ऑर्डर ठप हो चुके हैं और हजारों लोगों की नौकरियां दांव पर लग गई हैं। उद्योग जगत ने सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।
इंडियन ऑयल 5 साल में करेगी 1.66 लाख करोड़ का निवेश
देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन पांच वर्षों में 1.66 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी तेल शोधन और ईंधन विपणन के साथ पेट्रोकेमिकल्स, प्राकृतिक गैस और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विस्तार करेगी। कंपनी के चेयरमैन अरविंदर साहनी ने कहा, कंपनी 40,000 से अधिक ईंधन खुदरा नेटवर्क का विस्तार जारी रखेगी।
एनएसई-बीएसई ने बीएचईएल पर लगाया 5.36 लाख रुपये का जुर्माना
सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने जुर्माना लगाया है। कंपनी ने बताया कि कानूनी ढांचे के तहत आवश्यक स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति नहीं करने पर दोनों एक्सचेंजों ने 5,36,900-5,36,900 रुपये का दंड लगाया है। नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, बीएचईएल स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा लगाए गए जुर्माने में छूट की मांग करने का प्रस्ताव कर रही है।
टाटा मोटर्स की बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत बढ़ी
टाटा मोटर्स की बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत बढ़कर 73,178 यूनिट्स हो गई है। वहीं पिछले साल यह 71,693 यूनिट्स थी। कंपनी की कुल घरेलू डिस्पैच पिछले महीने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2 प्रतिशत घटकर 68,482 इकाई रह गई, जबकि पिछले साल अगस्त में यह 70,006 इकाई थी। घरेलू बाजार में कंपनी के कुल यात्री वाहन प्रेषण पिछले महीने 7 प्रतिशत घटकर 41,001 इकाई रह गए, जो अगस्त 2024 में 44,142 इकाई थे। पिछले महीने कुल घरेलू वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 27,481 इकाई रही। यह पिछले वर्ष अगस्त में 25,864 इकाई की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है।
अगस्त में यूपीआई लेनदेन की मात्रा 20 अरब के पार
एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से लेनदेन की संख्या अगस्त में 20 अरब को पार कर गई है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी मिली। मूल्य के संदर्भ में यह 24.85 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं जुलाई में यह 25.08 लाख करोड़ रुपये था। मूल्य के संदर्भ में अब तक का सर्वाधिक यूपीआई लेनदेन मई में 25.14 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। मात्रा के संदर्भ में, सबसे अधिक संख्या जुलाई में 19.47 अरब दर्ज की गई।
एनपीसीआई के अनुसार यूपीआई लेनदेन राशि 21 प्रतिशत बढ़कर 24.85 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं एक साल पहले इसी महीने में यह 20.60 लाख करोड़ रुपये थी। मात्रा के संदर्भ में, वृद्धि 34 प्रतिशत बढ़कर 20.01 अरब हो गई, जबकि अगस्त 2024 में यह 14.9 अरब थी। उन्होंने कहा कि अगस्त के दौरान औसत दैनिक लेनदेन राशि 80,177 करोड़ थी। वहीं माह के दौरान औसत दैनिक लेनदेन संख्या 645 मिलियन थी।
रजित पुन्हानी ने एफएसएसएआई के सीईओ का कार्यभार संभाला
रजित पुन्हानी ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार संभाल लिया। एफएसएसएआई स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित एक वैधानिक निकाय है।
पुन्हानी बिहार कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। पुन्हानी के पास केंद्र, राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर तीन दशकों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है। इससे पहले पुन्हानी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थे। साथ ही वह राज्यसभा के सचिव और संसद टीवी के सीईओ थे। उन्होंने बिहार सरकार में प्रधान सचिव के रूप में भी कार्य किया।
दिवालिया से जूझ रही सुपरटेक लिमिटेड ने तीन साल में 6121 फ्लैट दिए कब्जे में
दिवालिया होने की प्रक्रिया से गुजर रही रियल्टी कंपनी सुपरटेक लिमिटेड ने पिछले तीन वर्षों में 16 अधूरा रह गए प्रोजेक्ट्स में अपने ग्राहकों को 6,121 अपार्टमेंट्स की डिलीवरी पूरी की है। यह जानकारी कंपनी के पूर्व निदेशक आरके अरोड़ा ने दी।
ये इकाइयां राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा नियुक्त समाधान पेशेवर की देखरेख में कंपनी के पूर्व प्रबंधन द्वारा 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं में वितरित की गई हैं। एनसीएलटी ने 25 मार्च, 2022 के अपने आदेश में सुपरटेक लिमिटेड को कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में शामिल कर लिया था। प्रमोटर ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष अपील दायर की।