Biz Updates: गैर-कृषि कमोडिटी में बैंक-बीमा कंपनियां और पेंशन फंड भी कर सकेंगे निवेश; सेबी ने दी जानकारी
बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को गैर-कृषि कमोडिटी डेरिवेटिव बाजारों में निवेश की मंजूरी मिल सकती है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा, इसके लिए सरकार से बातचीत की जाएगी। बाजार नियामक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को गैर-नकद निपटान वाले गैर-कृषि कमोडिटी डेरिवेटिव अनुबंधों में व्यापार करने की अनुमति देने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है।
सेबी चेयरमैन ने एक कार्यक्रम में कहा, दिसंबर अंत तक अनुपालन रिपोर्टों के लिए एक सामान्य रिपोर्टिंग तंत्र में कमोडिटी विशेष ब्रोकरों को शामिल किया जाएगा। भारत वैश्विक स्तर पर मूल्य लेने वाला बनने के बजाय मूल्य-निर्धारक बनने की आकांक्षा रखता है। इस पर विचार करने की जरूरत है कि देश और विदेश में भारतीय बेंचमार्क की स्वीकार्यता कैसे बढ़ाई जाए। मौजूदा समय जैसे अस्थिर समय में, एक्सचेंज मूल्य बीमा के एक अच्छे साधन के रूप में काम कर सकते हैं और लाभ मार्जिन की रक्षा में मदद कर सकते हैं।
पांडे ने कहा, एल्युमीनियम और तांबे के आयात पर अमेरिकी शुल्क दोगुना होने से भारत के निर्यात पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे अस्थिर माहौल में एक मजबूत डेरिवेटिव बाजार ढाल प्रदान करता है। इससे भारतीय उत्पादकों और उपभोक्ताओं को वैश्विक मूल्य झटकों से बचाव में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, सेबी कमोडिटी बाजारों की अखंडता और सुरक्षा को मजबूत करना जारी रखेगा।
कंपनियां पांच वर्षों में कर सकती हैं 800 अरब डॉलर तक निवेश
रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्च में उछाल की संभावना कम है। हालांकि, मध्यम से लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था की बेहतर तस्वीर दिख रही है। पांच वर्षों में कंपनियां 800 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर सकती हैं।
एसएंडपी के एक अधिकारी ने कहा, निजी क्षमता में बड़े पैमाने पर वृद्धि के मामले में हम अब भी कुछ हद तक सतर्कता बरत रहे हैं। हमें लगता है कि यह समय के साथ होगा। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, निजी निवेश हो रहे हैं, लेकिन उनकी वृद्धि दर नॉमिनल जीडीपी से पीछे चल रही है। यह पर्याप्त नहीं है। वैश्विक व्यापार नीतियों व टैरिफ में बदलाव से बहुत अधिक अनिश्चितता है। इस कारण कंपनियां निवेश में देरी कर रही हैं। कई कंपनियां बैंकों से संसाधन लेने के बजाय अपने आंतरिक संसाधनों से निवेश कर रही हैं।
आईटी कंपनियों की चांदी, दिसंबर तक 13 अरब डॉलर के सौदे का होगा नवीनीकरण
घरेलू सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों की चांदी हो गई है। दिसंबर अंत तक 13 अरब डॉलर के आईटी सौदों का नवीनीकरण होगा। इससे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, एचसीएल टेक और विप्रो को इस आकर्षक बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने का अवसर मिल रहा है।
इस कैलेंडर वर्ष में सौदों का बाजार 2024 में 14 अरब डॉलर मूल्य के नवीनीकरण को पार करने की संभावना है। भारत के 283 अरब डॉलर के सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात उद्योग के लिए बड़े सौदों की कीमत 10 करोड़ डॉलर व उससे ज्यादा होती है। ज्यादा बड़े सौदों के लिए यह 50 करोड़ डॉलर और उससे ज्यादा होती है। 2025 की दूसरी छमाही में 600 से ज्यादा कांट्रैक्ट का नवीनीकरण होना है। इनका औसत आकार 2 करोड़ डॉलर से लेकर 1 अरब डॉलर और कुछ का आकार 2 अरब डॉलर से भी अधिक है।
टीसीएस को मिला 64 करोड़ डॉलर का ऑर्डर
टीसीएस ने इस महीने की शुरुआत में डेनिश बीमा कंपनी ट्रिग से सात साल के अनुबंध में 64 करोड़ डॉलर का ऑर्डर जीता। यह जनवरी, 2024 के बाद से संभवतः पहला बड़ा सौदा है। विप्रो ने यूरोपीय खाद्य थोक विक्रेता मेट्रो के साथ कम अवधि के सौदे का नवीनीकरण किया। 2021 में चार साल के अनुबंध को पूरा करने के बाद इसे दो साल के लिए बढ़ा दिया। नवीनीकरण में वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण सहित अन्य उद्योगों से जुड़े 800 से ज्यादा सौदे शामिल हैं।
एयर इंडिया ने ने बंगलूरू और बैंकॉक के बीच दैनिक सीधी उड़ान शुरू की
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बंगलूरू और बैंकॉक के बीच नई दैनिक उड़ानों की घोषणा की। यह सुविधा गुरुवार से प्रभावी होंगी। एयरलाइन ने बयान जारी किया कि नई सेवा का उद्देश्य बंगलूरू और पड़ोसी क्षेत्रों के यात्रियों को थाईलैंड के लिए सुविधाजनक, नॉन-स्टॉप कनेक्टिविटी प्रदान करना है। विशेष रूप से आगामी त्योहारों और छुट्टियों के मौसम के दौरान।
बयान में कहा गया है कि शुरुआत के जश्न के तौर पर, विशेष परिचयात्मक एक्सप्रेस वैल्यू किराया 16,800 रुपये से शुरू होता है, एक तरफ की यात्रा के लिए। बंगलूरू-बैंकॉक का एकतरफा किराया 9,000 रुपये और बैंकॉक-बंगलूरू का एकतरफा किराया 8,850 रुपये है।
अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली ने फेंटानिल प्रीकर्सर्स की तस्करी में शामिल भारतीय कारोबारी अधिकारियों और उनके परिजनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दूतावास ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि इन व्यक्तियों के वीजा रद्द और अस्वीकार कर दिए गए हैं।
यह कार्रवाई अमेरिकी इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धाराओं 221(i), 212(a)(2)(C) और 214(b) के तहत की गई है, जिसके चलते प्रभावित लोग और उनके नजदीकी परिजन अब अमेरिका यात्रा के लिए अयोग्य हो सकते हैं।
दूतावास ने कहा कि यह कदम घातक सिंथेटिक ओपिऑयड फेंटानिल की अवैध तस्करी के खिलाफ अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, जिन कंपनियों का नाम फेंटानिल प्रीकर्सर्स की तस्करी से जुड़ा है, उनसे जुड़े अधिकारियों को भविष्य में वीजा आवेदन के दौरान विशेष निगरानी में रखा जाएगा।
जीएसटी 2.0 उद्योग की मांग का जवाब- कानून मंत्री
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को कहा कि जीएसटी 2.0 सुधार सरकार की ओर से उद्योग जगत की मांग का जवाब है।एक उद्योग संगठन के कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मेघवाल ने कहा कि जीएसटी 2.0 केवल कर सुधार नहीं है, बल्कि यह घर-परिवारों और कारोबारियों के लिए जीवन को आसान बनाने की दिशा में कदम है।
उन्होंने बताया कि 2017 में जहां सालभर में 37 जीएसटी रिटर्न भरने पड़ते थे, वहीं अब केवल तीन ही दाखिल करने होते हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि शासन कैसे उद्योग की आवाज को सुनकर बदलाव करता है। मेघवाल ने यह भी कहा कि अब यह जरूरी है कि अवैध व्यापार की स्पष्ट परिभाषा तय की जाए और इसे खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
भारत-यूएई आर्थिक साझेदारी मजबूत, तीसरे देशों में मिलकर बनाएंगे अवसंरचना
भारत और यूएई अपनी आर्थिक साझेदारी को और गहरा कर रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अबू धाबी में हुई भारत-यूएई निवेश पर उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल की 13वीं बैठक में कहा कि दोनों देशों के बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि आपसी सहयोग की भावना है जो विकास को गति देती है।
गोयल ने घोषणा की कि भारत और यूएई अब तीसरे देशों में संयुक्त रूप से अवसंरचना परियोजनाएं विकसित करेंगे, खासकर खनन और आवास क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह पहल भारत की तकनीकी क्षमताओं और कुशल युवाओं को यूएई की निवेश क्षमता के साथ जोड़कर नए सहयोग के अवसर खोलेगी।