Biz Updates: एसबीआई ने यस बैंक में 13.18 फीसदी हिस्सेदारी बेची; खरीफ बुवाई का रकबा दो फीसदी बढ़ा
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बुधवार को बताया कि उसने यस बैंक लिमिटेड में अपनी 13.18% हिस्सेदारी जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) को बेच दी है। इस सौदे से एसबीआई को करीब 8,889 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। बैंक ने एक बयान में कहा कि इस सौदे में 413.44 करोड़ इक्विटी शेयर 21.50 रुपये प्रति शेयर की दर से बेचे गए।
एसबीआई ने बताया कि यह बिक्री तब पूरी की गई जब एसएमबीसी को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से 22 अगस्त 2025 को और प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से 2 सितंबर 2025 को आवश्यक मंजूरी मिल गई थी।
एसबीआई के अलावे बंधन बैंक ने भी यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी एसएमबीसी को बेचने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बंधन बैंक ने बुधवार को यस बैंक लिमिटेड के 15,39,34,975 इक्विटी शेयर जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन ( एसएमबीसी ) को लगभग 331 करोड़ रुपये में बेच दिए। बंधन बैंक ने ये शेयर 21.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की दर से बेचे गए। इससे यस बैंक में उसकी हिस्सेदारी 0.70% से घटकर 0.21% रह गई।
चालू खरीफ सीजन 2025-26 में अब तक धान की कुल बुवाई का रकबा दो फीसदी बढ़कर 438.51 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 430.06 लाख हेक्टेयर था। हालांकि, तिलहन की बुवाई के रकबे में गिरावट दर्ज की गई है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, तिलहन की बुवाई का कुल रकबा 188.81 लाख हेक्टेयर रहा, जो एक साल पहले 193.93 लाख हेक्टेयर था। चालू खरीफ सीजन में अब तक सोयाबीन और, तिल का रकबा कम रहा है। हालांकि, दलहन का रकबा 117.25 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 118.06 लाख हेक्टेयर पहुंच गया। मोटे अनाजों की बुवाई का रकबा इस साल मामूली बढ़कर 192.91 लाख हेक्टेयर पहुंच गया। नकदी फसलों में, गन्ने का रकबा 55.68 लाख हेक्टेयर से थोड़ा बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर हो गया। कपास का रकबा 112.48 लाख हेक्टेयर से घटकर 109.64 लाख हेक्टेयर रह गया है।
एनएसई को-लोकेशन घोटाला
सीबीआई ने एनएसई को-लोकेशन मामले में कई दलालों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने घोटाले से कथित रूप से लाभान्वित दलालों के खिलाफ अपनी जांच जारी रखी थी, जबकि एनएसई की पूर्व एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्ण और अन्य के खिलाफ अपने निष्कर्षों को 2022 में एक विशेष सीबीआई अदालत में दायर आरोपपत्र में प्रस्तुत किया था।
सोमवार को एक विशेष अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में घोटाले में कथित रूप से शामिल दलाल फर्मों की भूमिका और उनकी कार्यप्रणाली का विवरण दिया गया है। सीबीआई ने शेयर व्यापारी संजय गुप्ता और ओपीजी सिक्योरिटीज के खिलाफ 28 मई, 2018 को आपराधिक साजिश, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी। संजय गुप्ता के खिलाफ 2022 में रामकृष्ण और चार अन्य के साथ आरोपपत्र दाखिल किया गया था। इसके बाद मामले में कई पूरक आरोपपत्र दाखिल किए गए।
वनस्पति तेल आयात में सात फीसदी उछाल
आयात शुल्क में बदलाव के बाद रिफाइंड पामोलिन की खेप में भारी गिरावट के बावजूद अगस्त में भारत का वनस्पति तेल आयात सात फीसदी बढ़कर 16.77 लाख टन हो गया। अगस्त, 2024 में कुल 15.63 लाख टन वनस्पति तेल का आयात किया गया था। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा कि अगस्त में 16.21 लाख टन खाद्य तेल और 55,821 टन गैर-खाद्य तेलों का आयात किया गया।
मर्सिडीज-बेंज के एमडी एवं सीईओ संतोष अय्यर ने कहा है कि यूरो के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट के प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी अगले साल की शुरुआत में कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, हमारी कीमतें अब भी यूरो के मुकाबले लगभग 93-94 | के आसपास हैं और आज यूरो 103 के स्तर पर हैं। इसका मतलब है कि अगले साल की शुरुआत में कीमतें और बढ़ानी पड़ेगी।
एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व फंड मैनेजर दीपक अग्रवाल ने 85.8 लाख रुपये का भुगतान कर सेबी के साथ मामला निपटा लिया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आदेश में कहा, अग्रवाल ने बाजार मानदंडों का कथित उल्लंघन किया था। इसके लिए जुर्माना लगाया गया। उन्होंने 43,000 से अधिक म्यूचुअल फंड यूनिट भी सरेंडर कर दिए हैं।
पेटीएम जैसी भुगतान कंपनी शुरू करने के लिए 15 करोड़ की नेटवर्थ जरूरी: आरबीआई
पेटीएम और फोनपे जैसी भुगतान एग्रीगेटर (पीए) इकाई शुरू करने या चलाने के लिए किसी कंपनी को मंजूरी तभी मिलेगी, जब उसका नेटवर्थ कम से कम 15 करोड़ रुपये होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भुगतान एग्रीगेटर कंपनियों को विनियमित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (भुगतान एग्रीगेटर्स विनियमन) निर्देश, 2025 के अनुसार, भुगतान एग्रीगेटर्स को उनकी ओर से किए जाने वाले कार्य के अनुसार तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इन श्रेणियों में भौतिक पीए के लिए पीए-पी, सीमापार पीए के लिए पीए-सीबी तथा ऑनलाइन पीए के लिए पीए-ओ शामिल हैं। किसी बैंक को पीए व्यवसाय करने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, जबकि गैर-बैंकिंग कंपनियों के लिए आरबीआई ने विशिष्ट पूंजी आवश्यकताएं निर्धारित की हैं। दिशानिर्देशों के अनुसार, पीए व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी नेटवर्थ 15 करोड़ रुपये के साथ ही यह भी आवश्यक है कि मंजूरी मिलने के तीसरे वित्तीय वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ 25 करोड़ रुपये हो। दिशानिर्देशों में एस्को खातों और फंड प्रबंधन, पीए-सीबी के लिए सीमा पार सीमा और गवर्नेंस पर प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसमें प्रमोटरों को उपयुक्त और उचित मानदंडों का पालन करना होगा। केंद्रीय बैंक ने अप्रैल 2024 में पीए पर मसौदा दिशानिर्देश जारी किए थे। अंतिम दिशानिर्देश सभी हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के बाद जारी किए गए हैं।
प्रतिद्वंद्वियों को बाजार तक पहुंच से वंचित करने का कोई उदाहरण नहीं : मेटा
मेटा प्लेटफॉर्म्स ने सोमवार को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) को बताया कि निष्पक्ष व्यापार नियामक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रासंगिक बाजार को गलती से परिभाषित किया है। साथ ही मेटा की ओर से किसी भी वास्तविक आचरण की पहचान नहीं की है, जिसने प्रतिद्वंद्वियों को बाजार तक पहुंच से वंचित किया हो या किया होगा। मेटा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने कहा कि सीसीआई का पूरा मामला भविष्य के आचरण और काल्पनिक परिदृश्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा, यह धारा 4(2)(सी) में कानूनी मानक से काफी कम है, जिसके अनुसार उल्लंघन का पता लगाने के लिए संबंधित आचरण घटित होना चाहिए या वर्तमान में हो रहा होना चाहिए। सीसीआई ने विज्ञापन के ऑनलाइन प्रदर्शन के कथित बाजार पर व्हाट्सएप की 2021 गोपनीयता नीति अपडेट का कोई वास्तविक प्रभाव प्रदर्शित नहीं किया है।
ओला इलेक्ट्रिक ने सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 400 करोड़ के प्रोत्साहन का दावा किया है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, ओला ने 2024-25 के लिए 3,000 करोड़ की पात्र बिक्री के साथ दावा दायर किया है। इससे 400 करोड़ का अपेक्षित प्रोत्साहन बैठता है। इससे कंपनी की नकदी में सुधार होगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था से तेज विकास दर हासिल करना रूस का लक्ष्य: राष्ट्रपति पुतिन
रूस की अर्थव्यवस्था की विकास दर को वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में तेज बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की वित्तीय स्थिरता और विकास योजनाओं का भविष्य सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करता है।
समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने बैठक में कहा कि यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक वित्त की स्थिरता और नियोजित परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन का सीधा संबंध रूसी अर्थव्यवस्था की स्थिति से है। और हमारा मुख्य लक्ष्य यही है कि इसके लिए आवश्यक विकास दर सुनिश्चित की जाए।
फेडरल रिजर्व बोर्ड में ट्रंप के आर्थिक सलाहकार स्टीफन मिरन की नियुक्ति
अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष आर्थिक सलाहकारों में से एक स्टीफन मिरन को फेडरल रिजर्व की गवर्निंग बोर्ड में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से व्हाइट हाउस का केंद्रीय बैंक पर प्रभाव और मजबूत होगा। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब महज दो दिन बाद फेडरल रिजर्व अपने प्रमुख ब्याज दर में कटौती के पक्ष में मतदान करने की संभावना जता रहा है।
सीनेट में मिरन की नियुक्ति को 48-47 के बेहद करीबी अंतर से मंजूरी मिली। मतदान ज्यादातर पार्टी लाइनों पर हुआ, जहां रिपब्लिकन सांसदों ने समर्थन किया जबकि डेमोक्रेट्स ने इसका विरोध किया। इससे पहले पिछले सप्ताह सीनेट बैंकिंग कमेटी ने भी सभी रिपब्लिकन सदस्यों के समर्थन और डेमोक्रेट्स के विरोध के बीच मिरन के नाम को हरी झंडी दी थी।
इंडिगो शुरू करेगी मुंबई से कोपेनहेगन उड़ानें, 8 अक्टूबर से होगी शुरुआत
एयरलाइन इंडिगो ने मंगलवार को मुंबई से डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की घोषणा की। यह सेवा 8 अक्टूबर 2025 से शुरू होगी। एयरलाइन ने बताया कि इस मार्ग पर सप्ताह में तीन बार उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके लिए इंडिगो नॉर्स अटलांटिक एयरवेज से लिए गए बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान का उपयोग करेगी।
नई सेवा के साथ इंडिगो ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार उत्तरी यूरोप तक कर लिया है। कोपेनहेगन एयरलाइन का 44वां अंतरराष्ट्रीय और कुल 138वां गंतव्य होगा। यात्रियों को इस मार्ग पर इकॉनमी क्लास के साथ एयरलाइन का विशेष बिजनेस प्रोडक्ट ‘इंडिगोStretch’ भी उपलब्ध रहेगा। उड़ान के दौरान यात्रियों को मुफ्त गर्म भोजन, पेय पदार्थ और करीब 300 घंटे का इनफ्लाइट मनोरंजन भी मिलेगा।
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े बैंकों में एक एएनजेड ने सोमवार को 240 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (160 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का रिकॉर्ड जुर्माना भरने पर सहमति जताई है। यह जुर्माना 65,000 ग्राहकों और संघीय सरकार के प्रति कॉर्पोरेट कदाचार के लिए लगाया गया है। राष्ट्रीय कंपनी और वित्तीय सेवा नियामक एएसआईसी के अध्यक्ष जो लोंगो ने कहा कि एएनजेड हजारों मृत ग्राहकों को शुल्क वापस करने में भी विफल रहा।
मुकेश अंबानी रिलायंस जियो के आईपीओ के एक साल बाद 2027 में रिटेल को सूचीबद्ध करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचीबद्ध होने के बाद इस कंपनी का बाजार पूंजीकरण 200 अरब डॉलर यानी 17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।
तैयारियों के तहत, रिलायंस मार्जिन बढ़ाने के लिए खराब प्रदर्शन करने वाले आउटलेट बंद कर रही है। इस आईपीओ से जीआईसी, एडीआईए, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, केकेआर, टीपीजी और सिल्वर लेक जैसे प्रमुख निवेशकों को भी बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा। 2024-25 में रिलायंस रिटेल ने करीब 2.9 अरब डॉलर का परिचालन लाभ कमाया था।
डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकेल
सरकार डार्क पैटर्न यानी भ्रामक डिजाइन का इस्तेमाल करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों पर नकेल कस रही है। सरकार का दावा है कि ऐसी प्रथाएं ग्राहकों को अनजाने में खरीदारी या सब्सक्रिप्शन के लिए प्रेरित करती हैं। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा, ऐसी प्रथाओं को अनुचित व्यापार माना जाएगा। कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
खरे ने कहा, एआई का इस्तेमाल दुष्प्रचार और गलत सूचना फैलाने के लिए शरारती तरीके से किया जा सकता है। विभाग ने इन कंपनियों को सुरक्षा प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करने की सलाह दी है। इसके तहत उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी हानिकारक या विनियमित या प्रतिबंधित उत्पाद उनके प्लेटफॉर्म पर न बिके। उल्लंघन पर छापेमारी भी होगी।
सोनप्रयाग व केदारनाथ के बीच रोपवे परियोजना के लिए 4,081 करोड़ का निवेश करेंगे अदाणी
अदाणी पोर्टफोलियो के प्रमुख इनक्यूबेटर, अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को सोनप्रयाग को केदारनाथ से जोड़ने वाली प्रतिष्ठित रोपवे परियोजना के निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) से लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) प्राप्त हुआ है। इसके लिए कंपनी 4,081 करोड़ का निवेश करेगी। इस परियोजना का क्रियान्वयन एईएल के सड़क, मेट्रो, रेल और जल (आरएमआरडब्ल्यू) प्रभाग द्वारा किया जाएगा।
एक बार चालू हो जाने पर, 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना यात्रा के समय को 9 घंटे की कठिन यात्रा से घटाकर केवल 36 मिनट कर देगी, जिससे तीर्थयात्रा कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी। यह रोपवे प्रत्येक दिशा में प्रति घंटे 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा, जिससे हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को सेवा मिलेगी। केदारनाथ में प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख तीर्थयात्री आते हैं, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है। यह रोपवे राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम - पर्वतमाला परियोजना का हिस्सा है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर विकसित इस परियोजना को पूरा होने में छह साल लगेंगे और निर्माण के बाद 29 वर्षों तक एईएल इसका संचालन करेगा। कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ, इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, केदारनाथ रोपवे एक इंजीनियरिंग परियोजना से कहीं बढ़कर है, यह भक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच एक सेतु है।
सीसीआई का जिंदल सॉ व महाराष्ट्र सीमलेस पर छापा
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी की शिकायत पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने जिंदल सॉ व महाराष्ट्र सीमलेस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सीसीआई ने सोमवार को दोनों कंपनियों के ठिकानों पर अचानक छापे मारे। स्टील पाइप बनाने वाली इन कंपनियों पर निविदाओं की बोली प्रक्रिया में मिलीभगत का आरोप है। ओएनजीसी ने 2023 में इसकी शिकायत की थी।
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली व उसके आसपास के दफ्तरों में छापे की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। नियमों के मुताबिक, जांच की जानकारी गोपनीय रखी जाती है, इसलिए आयोग ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। मंगलवार को जिंदल सॉ ने एक बयान में कहा कि उसने जांच में पूरा सहयोग दिया है, जबकि महाराष्ट्र सीमलेस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ओएनजीसी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कंपनियों ने कुछ निविदाओं में गड़बड़ी की है। बाद में 2024 में ओएनजीसी ने सीसीआई को और जानकारियां दीं।
दोनों कंपनियों के शेयर गिरे
छापे की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। जिंदल सॉ के शेयर में 2.6 प्रतिशत और महाराष्ट्र सीमलेस के शेयर में 1.6 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। जिंदल सॉ, ओपी जिंदल ग्रुप का हिस्सा है, जो स्टील और बिजली क्षेत्र में सक्रिय है।
भारत का चालू खाता घाटा 1% से कम रहने का अनुमान
टैरिफ और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत का चालू खाता घाटा जीडीपी के एक प्रतिशत से कम रहने की उम्मीद है। क्रिसिल की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सेवा व्यापार में मजबूत वृद्धि, प्रवासी भारतीयों से लगातार धन प्रेषण और कच्चे तेल की नरम कीमतों से घाटा प्रबंधनीय बना रहेगा। इसमें कहा गया है कि यह अभी भी अनिश्चित है कि टैरिफ दरें अंत में कितनी तय होंगी क्योंकि भारत और अमेरिकी की व्यापार वार्ता जारी है। हालांकि उच्च शुल्क भारत के निर्यात के लिए चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।
भारतीय चाय बोर्ड ने बताया कि चाय निर्यात मामूलू रूप से बढ़कर 125.01 मिलियन किलोग्राम हो गया। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 124.57 मिलियन किलोग्राम था। छमाही में निर्यात का मूल्य 3639.45 करोड़ रुपये रहा, जो 2024 की इसी अवधि के 3129.31 करोड़ रुपये से अधिक है।
इस वर्ष के पहले छह महीनों में उत्तर भारतीय चाय का निर्यात 79.42 मिलियन किलोग्राम रहा, जबकि 2024 की इसी अवधि में यह 71.77 मिलियन किलोग्राम था। इसी प्रकार, दक्षिण भारत से पेय पदार्थ का निर्यात जनवरी से जून के दौरान घटकर 45.59 मिलियन किलोग्राम रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 52.80 मिलियन किलोग्राम था।
टीसीएस और क्वालकॉम ने बंगलूरू में स्थापित किया इनोवेशन लैब
टीसीएस ने बुधवार को घोषणा की कि उसने क्वालकॉम के साथ साझेदारी में बंगलूरू में एक ‘टीसीएस इनोवेशन लैब’ स्थापित की है। यह लैब एंटरप्राइज के लिए स्मार्ट और स्केलेबल क्षमताओं के विकास पर केंद्रित होगी।
कंपनी ने अपने नियामक दाखिले में कहा कि लैब में 5G प्राइवेट नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य हाईटेक उपकरणों की सुविधा होगी। यह स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और निगरानी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए अजाइल IoT सॉल्यूशंस विकसित करेगी। टीसीएस ने बताया कि लैब में Edge AI क्षमताओं का निर्माण किया जाएगा, जो क्वालकॉम प्लेटफॉर्म का उपयोग करके उद्योगों के सॉफ्टवेयर-संचालित सिस्टम को अधिक कुशल और लचीला बनाएगा।
अपोलो टायर्स अपने उत्पादों की कीमतों में करेगी कटौती
अपोलो टायर्स जीएसटी दर में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कीमतें कम करेगी। कंपनी ने कहा कि वे अपने उत्पादों की कीमतों में 300 रुपये से 2,000 रुपये तक की कटौती करेगी। यात्री वाहनों के टायरों की कीमत में 300 से 1,500 रुपये तक की कमी आएगी, जबकि ट्रक/बस रेडियल टायरों की कीमतों में लगभग 2,000 रुपये की कमी आएगी।
जीएसटी परिषद ने नए न्यूमेटिक टायरों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी है, और ट्रैक्टर टायरों व ट्यूबों पर जीएसटी की दर पिछली दर से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी है।
सौंदर्य एवं घरेलू सेवा मंच अर्बन कंपनी लिमिटेड के शेयर बुधवार को निर्गम मूल्य 103 रुपये से 62 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम पर बंद हुए। बीएसई पर कंपनी के शेयर की शुरुआत 161 रुपये पर हुई, जो निर्गम मूल्य से 56.31 प्रतिशत अधिक है। कारोबार के दौरान यह 73.78 प्रतिशत बढ़कर 179 रुपये पर पहुंच गया। अंत में कंपनी के शेयर 62.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 167.05 रुपये पर बंद हुए। एनएसई पर कंपनी का शेयर 57.52 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 162.25 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। कंपनी का बाजार मूल्यांकन 23,986.74 करोड़ रुपये रहा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा कार्गो हब, एआईएसएटीएस और एफकॉम में साझेदारी
गेटवे और कार्गो हैंडलिंग सेवाएं देने वाली कंपनी एआईसैट्स (एआईएसएटीएस) ने बुधवार को बताया कि उसने चेन्नई स्थित कार्गो एयरलाइन एफकॉम के साथ साझेदारी की है। यह साझेदारी आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मालवाहक विमानों के संचालन के लिए की गई है।
एआईसैट्स की पूर्ण स्वामित्व वाली विशेष इकाई एआईएसएटीएस नोएडा कार्गो टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड (ANCTPL) के जरिए हुए इस समझौते का उद्देश्य नोएडा एयरपोर्ट को उत्तर भारत का प्रमुख कार्गो गेटवे बनाना है। यह दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हब को पूरक करेगा और भारत को वैश्विक व्यापार केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगा।
कंपनी ने कहा कि यह साझेदारी भारत के कार्गो पारिस्थितिकी तंत्र में रणनीतिक छलांग है, जिसमें एआईसैट्स की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और अफकॉम के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय मालवाहक नेटवर्क को एक साथ जोड़ा जाएगा।