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Biz Updates: सरकार ने 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट को मंजूरी दी; 24 साल के अनुभव वाली किरण इंडिगो के नए CFO

Tue, 28 Jul 2026 04:36 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 28 Jul 2026 04:36 AM IST
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Business Updates Govt approved RBI plastic notes denominations IndiGo new CFO Forex Gold Silver Crude rates
बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com

देश में जल्द ही 10 और 20 के रुपये के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों का परीक्षण शुरू हो सकता है। जल्द ही इन नोटों का परीक्षण शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह परखना है कि प्लास्टिक आधारित नोट अलग-अलग क्षेत्रों और मौसम में कितने टिकाऊ और उपयोगी साबित होते हैं। लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सरकार ने आरबीआई के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो भविष्य में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को नियमित रूप से प्रचलन में लाएगा। मौजूदा कागज के बने नोट पहले की तरह वैध रहेंगे। पॉलीमर बैंक नोट कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर जोड़ना भी आसान होता है, जिससे नकली नोटों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

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24 साल के अनुभव वाली किरण इंडिगो के नए CFO
इंडिगो ने डिप्टी CFO किरण थादिमर्री को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर प्रमोट करने की घोषणा की। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, गौरव नेगी, जो अभी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हैं, उन्हें मैनेजिंग डायरेक्टर का एडवाइजर बनाया गया है। अभी डिप्टी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर रहे थादिमर्री 28 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद संभालेंगे। चार्टर्ड अकाउंटेंट थादिमर्री के पास 24 साल से ज़्यादा का अलग-अलग तरह का अनुभव है और उन्होंने इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज, उड़ान और जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी जैसी कई कंपनियों में काम किया है।
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इंजीनियरिंग निर्यात 21 फीसदी बढ़ा चीन को 74 फीसदी अधिक शिपमेंट 
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत से इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात जून, 2026 में सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 11.48 अरब डॉलर (करीब 1,100 करोड़ रुपये) पहुंच गया। इसमें चीन, अमेरिका, जर्मनी और ओमान से मजबूत मांग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) के आंकड़ों के मुताबिक, चीन को इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 74 फीसदी बढ़कर 36.14 करोड़ डॉलर (करीब 3,473 करोड़ रुपये) हो गया। अमेरिका 1.95 अरब डॉलर (करीब 18,700 करोड़ रुपये) के निर्यात के साथ भारत का सबसे बड़ा बाजार रहा। ओमान को निर्यात में चार गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह करीब 25.9 करोड़ डॉलर (2,500 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। यूएई और सऊदी अरब जाने वाले उत्पाद में गिरावट दर्ज की गई। ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा, ईरान तनाव और लाल सागर एवं होर्मुज में बाधा के बाद भी इंजीनियरिंग निर्यात क्षेत्र ने मजबूती दिखाई है। चालू वित्त वर्ष के पहले तीनों माह में निर्यात 10 अरब डॉलर से ऊपर रहा।

क्लीनिकल ट्रायल : 7 एथिक्स कमेटियों का पंजीकरण रद्द
नई दवाओं, वैक्सीन और आधुनिक इलाज के क्लीनिकल ट्रायल में लापरवाही बरतने पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। इंसानों से पहले कई तरह के होते हैं ट्रायल...इंसानों पर किसी नई दवा या चिकित्सा उपकरण के परीक्षण से पहले एथिक्स कमेटी उसकी वैज्ञानिक व नैतिक मानकों पर समीक्षा करती है। यह सुनिश्चित करना कमेटी की जिम्मेदारी होती है कि स्वयंसेवकों की लिखित सहमति ली गई हो और उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम हों। भारत में हर साल अनेक क्लीनिकल ट्रायल होते हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने नियमों के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताओं के कारण देश की सात एथिक्स कमेटियों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब इंसानों पर किसी भी दवा या इलाज का परीक्षण सख्त और पारदर्शी निगरानी के बिना नहीं होगा। जांच में सामने आया कि ये कमेटियां राष्ट्रीय नई दवा एवं क्लीनिकल ट्रायल नियम-2019 (एनडीसीटी नियम) और गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस के दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रही थीं। इससे ट्रायल में शामिल लोगों की सुरक्षा और अधिकार खतरे में पड़ सकते थे। 
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जून में औद्योगिक उत्पादन में 7.3 प्रतिशत की हुई वृद्धि
औद्योगिक उत्पादन जून में पिछले महीने के 5.1 प्रतिशत की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़ा, जिसका मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र की मजबूत वृद्धि थी। यह नई शृंखला पर आधारित औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का तीसरा मासिक आंकड़ा है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा, "जून 2026 में, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में साल-दर-साल 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसे विनिर्माण क्षेत्र में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि और बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में 10.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का समर्थन मिला।"

इसमें कहा गया है कि जून 2026 के लिए आईआईपी की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत है, जबकि मई 2026 में यह 5.1 प्रतिशत (जून में जारी त्वरित अनुमान) थी। मई महीने के लिए आईआईपी का संशोधित अनुमान 5 प्रतिशत है। जून 2026 में खनन और उत्खनन का उत्पादन पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1 प्रतिशत, विनिर्माण का 7.8 प्रतिशत, बिजली और गैस आपूर्ति और जल आपूर्ति का 10.6 प्रतिशत और सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन का 6.1 प्रतिशत बढ़ा।

विनिर्माण क्षेत्र के भीतर, 23 उद्योग समूहों में से 19 ने जून 2026 में जून 2025 की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। जून 2026 के महीने के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता हैं - 'विद्युत उपकरण निर्माण' (34%), 'मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर निर्माण' (17.5%), और 'खाद्य उत्पाद निर्माण' (10.8%)।

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