Biz Updates: टेस्ला एलन मस्क को करीब 88 लाख करोड़ रुपये वेतन देगी; गेम्सक्राफ्ट के पूर्व सीएफओ पर केस
अमेरिकी दिग्गज टेस्ला ने सीईओ एलन मस्क के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर यानी 88 लाख करोड़ रुपये का वेतन पैकेज प्रस्तावित किया है। यह इतिहास का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट वेतन होगा। यह इस बात पर जोर देता है कि मस्क की कंपनी पर कितनी पकड़ है, क्योंकि यह कंपनी एक एआई और रोबोटिक्स पावरहाउस बनने की कोशिश कर रही है। मस्क ने कहा है कि उन्हें कंपनी में और ज्यादा हिस्सेदारी की जरूरत है।
231 करोड़ रुपये के घपले में गेम्सक्राफ्ट के पूर्व सीएफओ पर केस
ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लि. ने पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सीएफओ ने 231 करोड़ से अधिक की राशि की हेराफेरी की।बंगलूरू स्थित कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि यह हेराफेरी पिछले वित्त वर्ष के लाभ से तुलना करने पर सामने आया है। गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज ने अस्वीकृत लेनदेन की प्रकृति के बारे में विस्तार से नहीं बताया लेकिन मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि यह राइट-ऑफ कंपनी के पूर्व सीएफओ के गबन करने से से संबंधित है। सीएफओ को मई में हटा दिया गया था अब केस दर्ज कराया गया है।
देश के 41 आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) इकाइयों को अक्तूबर 2021 में सात रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में पुनर्गठित करने और निगमीकरण सुधार के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। रक्षा मंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस बदलाव को दर्शाने वाला चार्ट साझा किया। रक्षा मंत्री कार्यालय ने पोस्ट में बताया कि 2019-20 में 2,844 करोड़ रुपये के घाटे से वित्त वर्ष 25 में 1,625 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ, रक्षा विनिर्माण में नए मानक स्थापित कर रहा है। सरकार ने एक अहम सुधार पहल के तहत 2021 में लगभग 200 साल पुराने ओएफबी को पुनर्गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत जवाबदेही, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के लिए 41 गोला-बारूद और रक्षा उपकरण उत्पादन कारखानों को सात अलग-अलग निगम संस्थाओं में पुनर्गठित किया गया था।
जीएसटी दर में हुई कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देने के लिए टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और महिंद्रा समेत अन्य कंपनियां 22 सितंबर से वाहनों की कीमतों में कटौती करेंगी। टाटा मोटर्स ने शुक्रवार को कहा, वह 22 सितंबर से जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद यात्री वाहनों की कीमतों में 75,000 से लेकर 1.55 लाख रुपये तक की कटौती करेगी। कंपनी ने कहा, हमारा मकसद ग्राहकों को जीएसटी दर में कमी का फायदा देना है। इसके तहत, टाटा मोटर्स की छोटी कार टियागो के दाम 75,000 रुपये, टिगोर के 80,000 और अल्ट्रोज के दाम 1.10 लाख रुपये घट जाएंगे। कॉम्पैक्ट एसयूवी पंच की कीमत में 85,000 रुपये और नेक्सॉन की कीमत में 1.55 लाख रुपये की कमी आएगी। मध्यम आकार के मॉडल कर्व की कीमत में भी 65,000 रुपये की कटौती होगी। प्रीमियम एसयूवी हैरियर और सफारी की कीमतों में क्रमशः 1.40 लाख और 1.45 लाख रुपये की कमी आएगी। वहीं, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा, वे भी वाहनों की कीमतें घटाकर जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अदाणी पावर-भूटान ड्रुक ग्रीन पावर के बीच 570 मेगावाट पनबिजली परियोजना का समझौता
अदाणी पावर ने भूटान की सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर के साथ 570 मेगावाट की पनबिजली परियोजना स्थापित करने के लिए समझौता किया है। इस परियोजना की लागत करीब 6,000 करोड़ रुपये है।
समझौते के अनुसार, अदाणी पावर और ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्प लिमिटेड (डीजीपीसी), पीकिंग रन-ऑफ-रिवर वांगछू जलविद्युत परियोजना को बीओओटी (निर्माण, स्वामित्व, संचालन, हस्तांतरण) मॉडल पर शुरू करेंगे। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले ही पूरी हो चुकी है। निर्माण कार्य 2026 की पहली छमाही तक शुरू होने की उम्मीद है, और इसे भूमिपूजन के पांच साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बढ़ती खपत, निर्यात और मेक इन इंडिया के चलते देश का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र चालू वित्त वर्ष में 535 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। विनिर्माण उत्पादन में इस उद्योग का हिस्सा 7.7 फीसदी है। वर्तमान में यह 70 लाख से ज्यादा रोजगार देता है। देश के जैविक खाद्य बाजार के 2033 तक 20.13 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर 10.8 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वैज्ञानिक-औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के प्रौद्योगिकी प्रबंधन निदेशालय की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी सिंह ने कहा, खाद्य सामग्री खाद्य क्षेत्र की रीढ़ है। इसमें पैकेजिंग सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खाद्य सामग्री बाजार 7-8 फीसदी सीएजीआर की दर से बढ़ रहा है। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी योजनाओं से समर्थित उद्योग में मजबूत वृद्धि देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बासमती चावल या क्षेत्रीय अचार जैसे भारतीय खाद्य पदार्थों की पसंद प्रवासी भारतीयों के बीच भी उपभोग के पैटर्न को आकार दे रही है। 2025 तक जैविक खाद्य बाजार के 75,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। 5 सितंबर को समाप्त तीन दिवसीय फाई इंडिया और प्रोपैक इंडिया कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों के 15,000 पेशेवर शामिल हुए।