बिजनेस अपडेट्स: बायोकॉन को 3.2 करोड़ का GST नोटिस; गुमराह करने वाले विज्ञापन मामले में एफडीए आगे सुनवाई करेगा
बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बायोकॉन लिमिटेड को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 3.2 करोड़ रुपये से ज्यादा का जीएसटी नोटिस मिला है, जिसमें ब्याज और जुर्माना भी शामिल है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि उसे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम-2 स्थित जीएसटी दफ्तर से यह नोटिस मिला है। इसमें 1.85 करोड़ रुपये का जीएसटी, 1.17 करोड़ रुपये का ब्याज और 18.52 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।कंपनी पर मुख्य रूप से जीरो-रेटेड एसईजेड आपूर्ति के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) एंडोर्समेंट डॉक्यूमेंट्स जमा न करना, इनपुट टैक्स के गलत रिवर्सल और इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन क्रेडिट के दावों में अनियमितताएं बरतने का आरोप है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उसके वित्तीय या परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इस मामले में सुधार याचिका दायर करने या आदेश के खिलाफ अपील करने की तैयारी कर रही है।
गुमराह करने वाले विज्ञापन: अभिनेताओं ने एफडीए को भेजे जवाब, आगे होगी सुनवाई
महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) को प्रतिबंधित उत्पादों के अप्रत्यक्ष विज्ञापन के आरोप में नोटिस पाने वाले अभिनेताओं से जवाब मिल गए हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने शनिवार को कहा कि आगे की कार्रवाई से पहले सभी को सुनवाई का एक और मौका दिया जाएगा। विभाग ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे अभिनेताओं से प्रतिबंधित तंबाकू संबंधी उत्पादों के प्रचार पर जवाब मांगा था। मुंडे ने कहा कि प्रचार करने वालों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके विज्ञापन कानून के अनुरूप हों। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 और 2018 के विज्ञापन नियमों का भी हवाला दिया। मुंडे ने कहा कि विज्ञापन के नियम सभी खाद्य उत्पादों पर लागू होते हैं। कानून तोड़ने वाले व्यक्ति या कारोबार के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई होगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी खाद्य पैकेट पर दी गई जानकारी पढ़ने और समझने की अपील की।
आतंकवाद के प्रायोजक पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है। विश्व बैंक ने पाकिस्तान को दक्षिण एशिया क्षेत्र से हटाकर खाड़ी देशों और उत्तरी अफ्रीका (एमईएनएएपी) समूह में शामिल किया है। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब दक्षिण एशिया क्षेत्र में केवल भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान व मालदीव ही बचे हैं। विश्व बैंक ने उसे दक्षिण एशिया से अलग कर खाड़ी और उत्तरी अफ्रीकी देशों के साथ जोड़ दिया। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि इस बदलाव के पीछे भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव मुख्य वजह है।