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Housing Sector Budget: एक करोड़ गरीब-मध्यम वर्ग के परिवारों को घर, शहरी आवास के लिए ब्याज सब्सिडी योजना
Tue, 23 Jul 2024 11:54 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 23 Jul 2024 11:54 AM IST
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सार
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केंद्रीय बजट 2024
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
संसद का बजट सत्र 22 जुलाई को शुरू हो चुका है। 23 जुलाई को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान किसानों, महिलाओं और युवाओं को लेकर कई अहम एलान किए गए। वहीं आवासन क्षेत्र के लिए भी कई अहम घोषणएं की गईं। बजट भाषण में उन्होंने एलान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तीन करोड़ अतिरिक्त घरों की घोषणा की गई है। इसके लिए आवश्यक आवंटन किया गया है। औद्योगिक श्रमिकों के लिए छात्रावास शैली के आवासों के साथ किराये के आवास बनाए जाएंगे। इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) के माध्यम से किया जाएगा।बजट में पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 का एलान किया गया है। इसके तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की आवास की जरूरत को पूरा किया जाएगा। इसमें अगले पांच वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल होगी।
शहरी आवास के लिए किफायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार ब्याज सब्सिडी योजना लाएगी। इसके साथ ही सरकार बेहतर उपलब्धता के साथ कुशल और पारदर्शी किराये के आवास बाजार की स्थापना करेगी।
आइये जानते हैं कि बजट में आवासन क्षेत्र को क्या-क्या मिला? इस क्षेत्र के लिए क्या उम्मीद जताई गई थी? अंतरिम बजट में इस क्षेत्र के लिए क्या एलान किया गया था? 2023 के बजट में आवासीय क्षेत्र को क्या मिला था?
अंतरिम बजट 2024
- फोटो :
AMAR UJALA
अंतरिम बजट में आवासीय क्षेत्र को लेकर क्या घोषणाएं हुई थीं?
अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के विस्तार की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना जून 2015 में 'सभी के लिए आवास' के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना की मौजूदा समय सीमा दिसंबर 2024 को पांच साल तक बढ़ाया गया है। पीएम ग्रामीण योजना के तहत 3 करोड़ घर दिए गए हैं वहीं अगले पांच वर्षों में इसमें 2 करोड़ नए आशियाने बनाए जाएंगे।
निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार मध्यम वर्ग को आवास देने के लिए एक योजना शुरू करेगी।
अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के विस्तार की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना जून 2015 में 'सभी के लिए आवास' के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना की मौजूदा समय सीमा दिसंबर 2024 को पांच साल तक बढ़ाया गया है। पीएम ग्रामीण योजना के तहत 3 करोड़ घर दिए गए हैं वहीं अगले पांच वर्षों में इसमें 2 करोड़ नए आशियाने बनाए जाएंगे।
निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र सरकार मध्यम वर्ग को आवास देने के लिए एक योजना शुरू करेगी।
आवास योजना
- फोटो :
istock
2023 के बजट में आवासीय क्षेत्र को क्या मिला था?
वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा की थी। पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया गया था। इसका फंड 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था। वहीं शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा हुई थी।
आवासीय क्षेत्र को लेकर हुई थी ये घोषणाएं:
पीएम आवास योजना का बजट: वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, 2023-24 में इसे बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था।
शहरी नियोजन में सुधार: शहरों को भविष्य के स्थायी शहरों में बदलने के लिए शहरी नियोजन सुधार और कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहन देने की बात कही गई थी।
म्युनिसिपल बांड: अपनी साख में सुधार के लिए, संपत्ति कर प्रशासन सुधारों और रिंग फेंसिंग उपयोगकर्ता शुल्क के जरिए शहरों को प्रोत्साहित करने की घोषणा हुई थी।
शहरी बुनियादी ढांचा विकास निधि की स्थापना: वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी अवसंरचना विकास निधि के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा।
100 फीसदी मशीनी सफाई: बजट भाषण में कहा गया था कि शहरों में पूरी तरह मशीनों से मल टैंकों, मैनहोलों की सफाई होगी। सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
आवासीय घर में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती: आयकर अधिनियम की धारा 54 और 54एच के तहत आवासीय गृह में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती की सीमा को 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। यह निर्णय कर रियायतों और छूटों को बेहतर लक्षित करने के लिए लिया गया था।
वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा की थी। पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया गया था। इसका फंड 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था। वहीं शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा हुई थी।
आवासीय क्षेत्र को लेकर हुई थी ये घोषणाएं:
पीएम आवास योजना का बजट: वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान वित्त मंत्री ने पीएम आवास योजना के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। वहीं, 2023-24 में इसे बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया था।
शहरी नियोजन में सुधार: शहरों को भविष्य के स्थायी शहरों में बदलने के लिए शहरी नियोजन सुधार और कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहन देने की बात कही गई थी।
म्युनिसिपल बांड: अपनी साख में सुधार के लिए, संपत्ति कर प्रशासन सुधारों और रिंग फेंसिंग उपयोगकर्ता शुल्क के जरिए शहरों को प्रोत्साहित करने की घोषणा हुई थी।
शहरी बुनियादी ढांचा विकास निधि की स्थापना: वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी अवसंरचना विकास निधि के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इसका प्रबंधन राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा किया जाएगा।
100 फीसदी मशीनी सफाई: बजट भाषण में कहा गया था कि शहरों में पूरी तरह मशीनों से मल टैंकों, मैनहोलों की सफाई होगी। सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
आवासीय घर में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती: आयकर अधिनियम की धारा 54 और 54एच के तहत आवासीय गृह में किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभों से कटौती की सीमा को 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। यह निर्णय कर रियायतों और छूटों को बेहतर लक्षित करने के लिए लिया गया था।