सिर्फ सरकार की मदद से आ सकता है ऑटो सेक्टर में सुधार, निर्मला सीतारमण कर सकती हैं ये घोषणाएं
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पांच जुलाई को पेश होने वाले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती हैं। ऐसे में आम लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। आगामी बजट से ऑटो सेक्टर को भी काफी उम्मीदें हैं।
सरकार की मदद के बिना ऑटो सेक्टर में सुधार आना मुश्किल
मौजूदा समय में ऑटो सेक्टर की स्थिति काफी खराब है। वाहनों की बिक्री में दिन प्रति दिन कटौती हो रही है। इस सेक्टर की स्थिति इतनी खराब है कि सरकार की मदद के बिना ऑटो इंडस्ट्री में सुधार आना मुश्किल है। इस सेक्टर में जो मंदी छाई है, उससे कंपनियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनियों ने अपने प्लांट बंद कर कर्मचारियों को छुट्टी पर भी भेज दिया है और उनके उत्पादन में भी कमी आई है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी को भी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे में ऑटो सेक्टर को बजट 2019 से काफी उम्मीदें हैं।
वाहनों पर जीएसटी घटने की उम्मीद
ऑटो सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वाहनों पर लगने वाले जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करेगी। मौजूदा समय में वाहनों पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। अगर वाहनों पर जीएसटी की कटौती हो जाती है तो इससे इनकी मांग बढ़ेगी, जो पिछले 11 महीनों से बहुत कम है।
वाहनों को किया जा सकता है प्रतिस्थापन
सरकार वर्ष 2000 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों को प्रतिस्थापन करने के विकल्प खोज रही है और इस पर फैसला भी ले सकती है। इन वाहनों के प्रतिस्थापन से समाज में काफी सुधार आएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि वाहनों से निकलने वाले धुएं से देश वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। दुनियाभर में ईंधन की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो इससे उत्सर्जन कम होगा, जिसमें कार्बन उत्सर्जन भी शामिल है। इसके साथ ही ईंधन की भी बचत होगी और सड़क दुर्घटनाएं भी कम होंगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हो सकती है घोषणा
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार बजट में अहम घोषणा कर सकती है। मोटर कंट्रोलर, ब्रेक सिस्टम और इलेक्ट्रिक कंप्रेसर जैसे इलेक्ट्रिक वाहन कंपोनेंट पर सरकार इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की घोषणा कर सकती है। मौजूदा समय में इन उत्पादों का इंपोर्ट टैरिफ 10 से 15 फीसदी है।
इसके अतिरिक्त पावर कंट्रोल यूनिट और चार्जर जैसे उत्पादों पर भी ड्यूटी घटाई जा सकती है।