फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Before PM Modi France visit Naval Group said Unable to participate in P-75I submarine project big reason here

P-75I Project: मोदी की पेरिस यात्रा से पहले भारत को बड़ा झटका, इस बड़ी परियोजना का हिस्सा नहीं होगा फ्रांस का नेवी समूह

Tue, 03 May 2022 02:45 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Tue, 03 May 2022 02:45 PM IST
सार

43,000 करोड़ रुपये के P-75I प्रोजेक्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए पांच अंतरराष्ट्रीय समूहों में से फ्रांस का डिफेंस नेवी समूह भी एक है। नेवी समूह की ओर से ये घोषणा ऐसे समय में की गई है जबकि अगले दिन बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस यात्रा पर पहुंचने वाले हैं।

विज्ञापन
Before PM Modi France visit Naval Group said Unable to participate in P-75I submarine project big reason here
पीएम मोदी और मैक्रों - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे से पहले यहां के बड़े डिफेंस नेवी समूह ने भारत को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, नेवी समूह ने मंगलवार को घोषणा की है कि वो भारत के पी-75 प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन पाएगा। गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए छह पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण किया जाना था। 

विज्ञापन


43 हजार करोड़ का है प्रोजेक्ट
इस 43,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए पांच अंतरराष्ट्रीय समूहों में से फ्रांस का डिफेंस नेवी समूह भी एक है। इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने से इनकार करते हुए समूह ने कहा है कि वो रिक्वेस्ट फोर प्रपोजल यानी आरएफपी की शर्तें पूरी नहीं कर सकता है, जो कि एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम (एपीआई प्रणाली) से संबद्ध है और इसलिए वो इस परियोजना से पीछे हट रहा है। बता दें कि नेवी समूह की ओर से ये घोषणा ऐसे समय में की गई है जबकि अगले दिन बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस यात्रा पर पहुंचने वाले हैं। पीएम यहां फिर से चुने गए देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मिलने वाले हैं। 
विज्ञापन


एआईपी प्रणाली को ऐसे समझें 
गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट (P-75I) भारत में पनडुब्बियां बनाने की दूसरी सबसे बड़ी परियोजना है। वहीं एआईपी प्रणाली एक पारंपरिक पनडुब्बी को अधिक समय तक उच्च गति पर पानी में डूबे रहने की अनुमति देती है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जून में, रक्षा मंत्रालय ने P-75I परियोजना को मंजूरी दी थी और बाद में दो शॉर्टलिस्ट की गई भारतीय कंपनियों, जिनमें निजी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो और राज्य द्वारा संचालित मझगांव डॉक्स लिमिटेड को आरएफपी जारी किए गए थे। इन दो भारतीय कंपनियों को पांच शॉर्टलिस्ट की गई अंतरराष्ट्रीय समूहों में से एक के साथ गठजोड़ करना है। इन समूहों में थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (जर्मनी), नवांटिया (स्पेन) और नेवल ग्रुप (फ्रांस), देवू (दक्षिण कोरिया) और रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (रूस)  शामिल हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed