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ED Action: ईडी ने दिल्ली के शालिमार बाग स्थित एंबियंस टॉवर जब्त की, जानें क्या है पूरा मामला?
Fri, 24 Mar 2023 05:35 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 24 Mar 2023 05:35 PM IST
सार
ED Action Against Bank Fraud: ईडी के अनुसार अमन हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी ने अपने प्रमोटर राज सिंह गहलोत के जरिये शाहदरा में अपनी होटल परियोजना के वित्तपोषण के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम से 810 करोड़ रुपये की सावधि ऋण सुविधा मंजूर करवाई थी। जो आगे चलकर एनपीए घोषित हो गई।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने एंबियंस ग्रुप के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन की जांच के सिलसिले में दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में स्थित 252 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एक बहुमंजिला वाणिज्यिक परिसर को कुर्क किया है।
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एजेंसी ने एक बयान में कहा कि अचल संपत्ति का नाम एंबियंस टावर है और यह राज सिंह गहलोत के स्वामित्व वाली एंबियंस ग्रुप की कंपनी एंबियंस टावर्स प्राइवेट लिमिटेड की है। ईडी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कुल 252.17 करोड़ रुपये मूल्य की वाणिज्यिक इमारत को कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया था। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से दायर एक प्राथमिकी और चार्जशीट से संबंधित है।
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ईडी के अनुसार अमन हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी ने अपने प्रमोटर निदेशक गहलोत के जरिये शाहदरा में अपनी होटल परियोजना के वित्तपोषण के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम से 810 करोड़ रुपये की सावधि ऋण सुविधा मंजूर करवाई थी।
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ईडी ने कहा, 'कर्ज की रकम बाद में एनपीए में बदल गई। जांच के दौरान यह पता चला कि गहलोत ने ऋण की राशि को डायवर्ट किया और अपने रिश्तेदारों और एंबियंस समूह की कंपनियों से संबंधित बैंक खातों में भेजा था। धन के अन्यत्र उपयोग के अलावा यह भी पाया गया है कि गहलोत ने एंबियंस ग्रुप के अन्य परियोजना स्थलों पर भी सामग्री को "डायवर्ट" किया।' गहलोत को ईडी ने इस मामले में सितंबर 2021 में गिरफ्तार किया था।