{"_id":"60e8bb9e8ebc3ebc7846eab4","slug":"bank-employees-posted-on-sensitive-posts-will-get-surprise-leave","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम: संवेदनशील पद पर तैनात बैंक कर्मियों को मिला करेगा ‘सरप्राइज’ अवकाश","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम: संवेदनशील पद पर तैनात बैंक कर्मियों को मिला करेगा ‘सरप्राइज’ अवकाश
Sat, 10 Jul 2021 02:41 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 10 Jul 2021 02:41 AM IST
सार
आरबीआई ने दिए नीरव मोदी मामले को ध्यान में रखकर आदेश, हर साल 10 दिन की होगी छुट्टी
विज्ञापन
RBI
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रेजरी और करेंसी चेस्ट ऑपरेशंस जैसे संवेदनशील पदों पर काम करने वाले बैंक कर्मचारियों को हर साल 10 दिन के लिए ‘सरप्राइज’ अवकाश पर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
आरबीआई ने कर्मचारियों के भ्रष्टाचार पर काबू पाने के कदमों के लिए तय विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन उपाय के तहत ऐसे अवकाश के लिए अनिवार्य तौर पर शामिल किया है। यह अवकाश कर्मचारी को बताए बिना अचानक दिया जाएगा ताकि उसकी अनुपस्थिति में उनके कामकाज की जांच हो सके। आरबीआई ने बैंकों को इसे छह माह के अंदर अपनी अवकाश नीति में शामिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह कदम भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी की तरफ से पंजाब नेशनल बैंक में किए गए फर्जीवाड़े का अध्ययन करने के बाद उठाया है।
विज्ञापन
मोदी और चोकसी बैंक कर्मचारियों की मदद से फर्जी लैटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) बनवाकर पीएनबी को करीब 13500 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में वांछित हैं। आरबीआई का कर्मचारियों को अप्रत्याशित अवकाश पर भेजने का मकसद ऐसे फर्जीवाड़े का जल्द और सही पता लगाना है।
ग्रामीण विकास बैंकों और सहकारी बैंकों समेत सभी बैंकों को भेजी सूचना में आरबीआई ने उन्हें अपने यहां ‘अनिवार्य अप्रत्याशित अवकाश’ नीति लागू करने के लिए कहा है।
आरबीआई के मुताबिक, एक विवेकपूर्ण परिचालन जोखिम प्रबंधन उपाय के रूप में, बैंक एक ‘अप्रत्याशित अवकाश’ नीति लागू करेंगे, जिसमें संवेदनशील पदों या संचालन के क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को हर साल अनिवार्य रूप से 10 या ज्यादा दिन के लिए छुट्टी पर भेजा जाएगा। यह छुट्टी इन कर्मचारियों को पहले से सूचित किए बिना दी जाएगी यानी यह पूरी तरह आश्चर्य में डालने वाली होगी।
बता दें कि इससे पहले 23 अप्रैल, 2015 को भी आरबीआई ने इस मुद्दे पर दिशानिर्देश जारी किए थे, लेकिन तब ऐसे अवकाश के लिए दिनों की संख्या स्पष्ट नहीं की गई थी।
आंतरिक ईमेल के अलावा कोई काम नहीं करेगा कर्मचारी
आरबीआई ने यह भी निर्देश दिया है कि अप्रत्याशित अवकाश के दौरान संबंधित बैंक कर्मचारी को आंतरिक या कॉरपोरेट ईमेल को छोड़कर किसी भी तरीके से बैंक का कोई अन्य कार्य करने की इजाजत नहीं होगी।