जेट एयरवेज के 20 हजार कर्मचारियों पर रोजी रोटी का संकट गहराया
जेट एयरवेज की आज रात आखिरी उड़ान होगी। ऐसे में कंपनी के कर्मचारियों के लिए रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। फिलहाल जेट के पास 20 हजार कर्मचारी हैं जिनको दूसरी हवाई कंपनियों में खपाना मुश्किल होगा।
कर्मचारियों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि नौकरी नहीं मिलने की स्थिति में वो अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे। जेट में कई कर्मचारी ऐसे थे, जो पिछले 16-20 सालों से इसी में काम कर रहे थे। उन्होंने कंपनी को छोड़ा नहीं था। अब काफी अनुभवी लोगों को आधी सैलरी पर दूसरी जगह पर नौकरी मिल रही है।
कर्मचारियों के लिए बच्चों की फीस चुकाना भारी
जेट एयरवेज के 20 हजार कर्मचारियों को करीब चार माह से सैलरी नहीं मिली है। इस वजह से उनके लिए घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस लेकर के लोन की ईएमआई भरने में भी दिक्कतों का सामना पेश करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ परिवार के बीमार सदस्यों का इलाज कराने के लिए इन कर्मचारियों के पास पैसे नहीं बचे हैं।
पीएमओ से की थी अपील
जेट एयरवेज के पायलटों ने कंपनी को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। जेट के पायलटों ने प्रधानमंत्री से 20,000 नौकरियां बचाने में मदद करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही जेट के पायलटों ने विमानन कंपनी को बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से भी मदद मांगी है। उन्होंने एसबीआई से 1,500 करोड़ रुपये का फंड जारी करने की अपील की है।
आधी सैलेरी में स्पाइसजेट दे रही नौकरी
इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक बजट एयरलाइन के लिए मशहूर स्पाइसजेस जेट पायलटों को 25-30 फीसदी कम और इंजीनियरों को 50 फीसदी तक कम वेतन में नौकरी का प्रस्ताव दे रही है। एक वरिष्ठ एयरक्राफ्ट मेंटीनेंस इंजीनियर को स्पाइसजेट ने 1.5-2 लाख रुपये प्रतिमाह सैलेरी ऑफर की, जिसे जेट चार लाख रुपये प्रतिमाह दे रहा था। माना जाता है कि जेट की औसत तनख्वाह दूसरी एयरलाइन के मुकाबले ज्यादा रहती है। उधर, स्पाइसजेट का कहना है कि वह अपने सैलरी ढांचे के हिसाब से ऑफर दे रही है।
जेट एयरवेज ने एविएशन रेगुलेटर को बताया है कि कंपनी ने एशियन (ASEAN) और सार्क (SAARC) जाने वाली सभी उड़ानों पर बुकिंग बंद कर दी है। फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि इन उड़ानों पर बुकिंग कब से शुरू होगी।