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आमने-सामने : जीडीपी पर अनुराग ठाकुर का चिदंबरम को जवाब, बोले- आंकड़ों की हेराफेरी ठीक नहीं

Wed, 02 Jun 2021 05:31 PM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 02 Jun 2021 05:31 PM IST
सार

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम द्वारा जीडीपी को लेकर सरकार को घेरने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भी कांग्रेस राजनीति करने से बाज नहीं आती है।

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Anurag thakur attack on p chidambaram for critisizing government on  india GDP
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : amar ujala

विस्तार

केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को जारी किए गए जीडीपी के आंकड़ों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती दिख रही है। जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी में 7.3 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसे लेकर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने बीते रोज केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था। अब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी चिदंबरम पर पलटवार किया है।

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जीडीपी को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भी कांग्रेस राजनीति करने से बाज नहीं आती है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस अनजान दृष्टिकोण को अपनाते हुए सदा ही इसे अपना हथियार बनाया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आपदा के दौर में यह कठिन समय जरूर है मगर भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी काफी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पता नहीं पूर्व वित्तमंत्री ने क्यों कठिन आंकड़ों को नजरअंदाज किया।
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उन्होंने कहा कि लगातार सुधारों और मजबूत बुनियादी सिद्धांतों ने यह सुनिश्चित किया है कि वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में भारत को 24.4 फीसदी के संकुचन से वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में 1.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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ठाकुर ने कहा कि जब आप भारतीय उद्यमियों, छोटे व्यवसायों और एमएसएमई को खुद को पुनर्जीवित करने के लिए किए गए प्रयास पर संदेह करते हैं तो यह आपकी मंशा को दर्शाती है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की अर्थव्यवस्था में 12.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाई है लेकिन फिर भी आप इसपर सवाल उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि नवीनतम जीडीपी आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी-मार्च 2021 तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 6.9 फीसदी की वृद्धि हुई, निर्माण में 14.5 फीसदी की वृद्धि हुई, स्टील और सीमेंट में क्रमशः 27.3 फीसदी और 32.7 फीसदी की वृद्धि हुई। यह वृद्धि मार्च की पूर्व-लॉकडाउन अवधि से अधिक है। अप्रैल 2021 में दोनों क्षेत्रों में 400 फीसदी और 549 फीसदी की वृद्धि हुई।

ठाकुर ने पूर्व वित्त मंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि क्या भारतीय अर्थव्यवस्था अलग-थलग द्वीप है,  क्या इस महामारी में विश्व की अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को जीडीपी संकुचन का सामना नहीं करना पड़ा है?  क्या आप नहीं जानते कि फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूके में क्रमश: 8.2 फीसदी, 4.9 फीसदी, 8.9 फीसदी और 9.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

नकद हस्तांतरण के मुद्दे पर भी किया पलटवार
नकद हस्तांतरण के मुद्दे पर ठाकुर ने पी चिदंबरम को जवाब देते हुए कहा कि एनडीए कार्यकाल 2014-19 के दौरान मोदी सरकार ने यूपीए कार्यकाल 2009-14 के दौरान गेहूं और चावल की खरीद पर 8 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 3.74 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया। मोदी सरकार ने 2009-14 में यूपीए के कार्यकाल के दौरान खरीदी गई दाल की तुलना में एमएसपी पर 74 गुना अधिक दाल खरीदी।

ठाकुर ने चिदंबरम से पूछा कि एक ओर तो वह 'नकद हस्तांतरण' चाहते हैं, लेकिन दूसरी ओर यूपीए ने अपने कार्यकाल के दौरान गरीबों के लिए कितने बैंक खाते खोले? मोदी सरकार ने 42 करोड़ जन धन खाता खोलकर सिस्टम में लीकेज को रोक दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर रुपया सीधा पात्र लाभार्थी तक तेजी से पहुंचे। यहां तक कि प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण के माध्यम से कोरोना महामारी के दौरान भी इसने लाखों लोगों को वित्तीय सहायता  प्रदान की है।

मनरेगा के मुद्दे पर ठाकुर ने चिदंबरम से सवाल करते हुए पूछा कि क्या आपको यूपीए के दौरान मनरेगा को आवंटन याद है? एनडीए सरकार ने पिछले साल कोरोना अवधि के दौरान आवंटन को 61500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर दिया।  हमने मजदूरी को भी बढ़ाकर 202 रुपये कर दिया जिससे कुल मिलाकर 300 करोड़ व्यक्ति दिवस काम सुनिश्चित हो गया। क्या यह श्रमिकों के हाथ में नकद नहीं है?

2020-21 अर्थव्यवस्था के लिए बुरा साल रहा : चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने सोमवार को केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि  2020-21 में जीडीपी 2018-19 की जीडीपी से भी कम है। उन्होंने कहा था कि 2020-21 पिछले चार दशकों में अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बुरा साल साबित हुआ है। 


2020-21 की चार तिमाहियों का प्रदर्शन से साफ जाहिर हो रहा है कि देश की क्या हालत हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी जो स्थिति है उसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना महामारी है। लेकिन उससे भी अधिक इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। आखिर चिंदबरम ने जीडीपी को लेकर और क्या कुछ कहा था यहां क्लिक कर पढ़ें।

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